पश्चिम बंगाल की CM पर बरसी बीजेपी, रविशंकर बोले- 'ममता को घोटालों के राज खुलने का डर'
ED Raid: 8 जनवरी 2026 को ED ने कोलकाता में IPEC के ऑफिस में रेड की, तो बंगाल की सीएम ममता बनर्जी मौके पर पहुंच गईं और विरोध किया. यह मामला कोलकाता से दिल्ली तक आ गया. बीजेपी ने ममता पर निशाना साधा है.

कोलकाता में ED की कार्रवाई में बाधा डालने के लिए बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है. बीजेपी ने ममता पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने ED के अधिकारियों को धमकाया है. बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, 'बंगाल में ममता जी कोई जांच नहीं होने देती हैं. बंगाल में ऐसा क्या है, जिसे ममता जी छिपा रही हैं.'
ममता बनर्जी ने लोकतंत्र को शर्मसार किया
बीजेपी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कल बंगाल में जो हुआ, वह आजाद भारत में पहले कभी नहीं हुआ. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पूरा काम न सिर्फ अनैतिक, गैर-जिम्मेदार और असंवैधानिक है, बल्कि उन्होंने पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शर्मसार कर दिया है.
रविशंकर ने कहा, 'रेड निजी कंपनी के दफ्तर पर थी. हमें नहीं समझ आता कि इसमें ममता क्यों घबरा गई हैं. उन्हें डर है कि उनके घोटालों के राज खुल जाएंगे. जांच को रोकना कानून का उल्लंघन है. ममता का हिसाब जनता करेगी.'
बीजेपी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी बंगाल में कोई जांच नहीं होने देती हैं. उन्होंने ED के अधिकारियों को भी धमकाया है.
दिल्ली में TMC सासंदों का प्रदर्शन
9 जनवरी 2026 को तृणमूल कांग्रेस के सांसद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दिल्ली स्थित कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शन में डेरेक ओ'ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद जैसे प्रमुख सांसद शामिल हैं. TMC सांसद ED की कोलकाता में I-PAC कार्यालयों और इसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं. मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया और महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ'ब्रायन को हिरासत में लिया.
I-PAC क्या है?
इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) एक पॉलिटिकल कंसलटेंट फर्म है. इसके डायरेक्टर प्रतीक जैन हैं. यह राजनीतिक दलों को चुनावी रणनीति, डेटा-आधारित कैंपेन, मीडिया प्लानिंग और वोटर आउटरीच में मदद करती है. I-PAC पहले सिटीजंस फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस (CAG) थी. इसकी शुरुआत 2013 में प्रशांत किशोर ने प्रतीक के साथ की थी. बाद में इसका नाम I-PAC रखा गया. प्रशांत किशोर के हटने के बाद I-PAC की कमान प्रतीक के पास आ गई.
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Source: IOCL


























