बीजेपी को मिले चंदे में 70 फ़ीसदी तो कांग्रेस को मिले चंदे में 457 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा
बीजेपी को मिले चंदे में 70 फ़ीसदी तो कांग्रेस को मिले चंदे में 457 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा

नई दिल्ली: चुनाव सुधारों की दिशा में काम करने वाली संस्था एसोसिएशन फ़ॉर डेमोक्रेटिक रिसर्च ने देश की मान्यता प्राप्त 7 राष्ट्रीय पार्टियों को साल 2018-19 में मिले डोनेशन यानि चंदे का विश्लेषण किया है. इनमें केवल वो चंदे शामिल हैं जो 20000 रुपए से ज़्यादा के हैं. राजनीतिक दलों को केवल 20000 रुपए से ज़्यादा वाले चंदे का ही हिसाब देना पड़ता है जो वो हर साल चुनाव आयोग को देते हैं. 2018 - 19 के दौरान इन 7 राष्ट्रीय दलों को कुल 5520 श्रोतों से 951 करोड़ रुपए चंदे के रूप में प्राप्त हुए.
बीजेपी को मिला 78 फ़ीसदी चंदा
2018 - 19 के दौरान 20000 रुपए से ज़्यादा जितने चंदे मिले उसका सबसे बड़ा हिस्सा केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी को गया. ऐसे चंदे का कुल 78 फ़ीसदी हिस्सा पार्टी के खाते में गया. बीजेपी को 4483 श्रोतों से करीब 742 करोड़ रुपया प्राप्त हुआ. ये इसके पहले वाले साल यानि 2017-18 में मिले चंदे से 70 फ़ीसदी ज़्यादा है. रोचक बात ये है कि 2017-18 में पार्टी को 2016-17 में मिले चंदे की तुलना में 18 फ़ीसदी कम पैसा मिला था.
कांग्रेस को 457 फ़ीसदी ज़्यादा पैसे मिले
2017 - 18 की तुलना में जिस पार्टी को 2018 - 19 में सबसे ज़्यादा फ़ायदा हुआ वो कांग्रेस पार्टी है. 2017 - 18 में पार्टी को केवल 26 करोड़ रुपया ऐसा चन्दा मिला था जो 20000 रुपए से ज़्यादा का था लेकिन 2018 - 19 में उसे 148 करोड़ रुपए प्राप्त हुए. अगर प्रतिशत के लिहाज से देखा जाए तो पार्टी को 457 फ़ीसदी ज़्यादा पैसा मिला. इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस को 44 करोड़ , एनसीपी को 13 करोड़ , सीपीएम को 3 करोड़ जबकि सीपीआई को 1.5 करोड़ रुपए प्राप्त हुए. दिलचस्प बात ये है कि इन तमाम पार्टियों के चंदे को जोड़ भी दिया जाए तो भी बीजेपी को अकेले इसका तिगुना चन्दा प्राप्त हुआ.
बसपा ने कहा - नहीं मिला कोई चन्दा
7 राष्ट्रीय दलों में मायावती की बहुजन समाज पार्टी ने चुनाव आयोग को बताया कि पार्टी को 20000 रुपए से ज़्यादा का चन्दा का एक भी पैसा प्राप्त नहीं हुआ है. वैसे ये लगातार 13 वां साल है जब पार्टी ने अपना कोई भी चन्दा घोषित नही किया है. अगर राज्यों की बात करें तो इन दलों को सबसे ज़्यादा 548 करोड़ रुपया महाराष्ट्र से मिला. दूसरे नम्बर पर दिल्ली से 141 करोड़ जबकि गुजरात से 55 करोड़ रुपया प्राप्त हुआ जो तीसरे नम्बर पर रहा.
























