दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ बिहार में मानव श्रृंखला, करोड़ों लोग शामिल
दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ पटना में आज लाखों लोगों ने ऐतिहासिक मानव श्रृंखला बनाई. इसके जरिए लोगों ने कुप्रथाओं से दूर रहने का संदेश दिया.

पटना: दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ बिहार के चप्पे चप्पे में आज करोड़ों लोगों ने ऐतिहासिक मानव श्रृंखला बनाई. इसके जरिए आम और खास लोगों ने कुप्रथाओं से दूर रहने का संदेश दिया. मानव श्रृंखला में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी समेत कई मंत्री और अधिकारी भी शामिल हुए.
सीएम नीतीश कुमार ने बिहार में दो बड़ी सामाजिक कुरीतियों दहेज प्रथा और बाल विवाह को लेकर जनता के बीच ज़्यादा से ज़्यादा जागरूकता फैलाने के लिये इस मानव श्रृंखला का आयोजन करवाया. नीतीश ने गुब्बारा उड़ा कर इस कार्यक्रम का आगाज किया. बिहार के 38 जिलों में फैली ये मानव श्रृंखला 13,660 किलोमीटर लंबी रही.

अभियान के बाद मीडिया से मुखतिब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ संकल्प प्रकट करने के लिए यह आयोजन हुआ. इससे लोगों के मन में उत्साह का माहौल बना है. बाल विवाह व दहेज के खिलाफ पहले से ही काननू हैं. लेकिन, ये कुरीतियां फैलती जा रही हैं. इसलिए हम बापू के जन्मदिवस दो अक्टूबर से निरंतर कैंपेन कर रहे हैं. यह कार्यक्रम जारी रहेगा.
वहीं मानव श्रृंखला में लालू यादव की पार्टी RJD के हिस्सा नहीं लेने पर नीतीश कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों ने इस अभियान में हिस्सा नहीं लिया, उन लोगों ने खुद अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारी है.
आपको बता दें कि इससे पहले साल 2017 में बिहार ने शराब जैसी बुराई के खिलाफ इसी तरह की एकजुटता दिखाकर मानव श्रृंखला बनाई थी, जिसमें चार करोड़ से अधिक लोग शामिल होकर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड बनाया था. तब इस अभियान में लालू यादव भी शामिल हुए थे क्योंकि उस समय RJD, जदयू के साथ राज्य सरकार में शामिल थी.






















