असम में SIR के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी, जानें कितने वोटर्स के नाम लिस्ट से गायब?
Assam Final Voter List: 10 फरवरी 2026 को असम में SIR के बाद वोटर्स के नाम की फाइनल लिस्ट जारी हो गई है. इसमें करीब ढाई करोड़ मतदाताओं के नाम हैं. SIR के लिए करीब 61 लाख घरों में वेरिफिकेशन हुआ था.

विशेष पुनरीक्षण के बाद असम में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई. इसमें 2.49 करोड़ मतदाताओं के नाम हैं, जो मसौदा मतदाता सूची की तुलना में 0.97 प्रतिशत कम है. असम के मुख्य चुनाव अधिकारी के मुताबिक, ड्राफ्ट मतदाता सूची में कुल वोटरों की संख्या 2.52 करोड़ थी, जो अब अंतिम मतदाता सूची में घटकर 2.49 करोड़ हो गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंतिम मतदाता सूची में 1.24 करोड़ पुरुष वोटर, 1.24 करोड़ महिला वोटर और 343 थर्ड जेंडर वोटर हैं.
61 लाख से ज्यादा घरों में हुआ था वेरिफिकेशन
चुनाव आयोग के संयुक्त CEO ने कहा है कि असम में अंतिम मतदाता सूची जारी हो गई है. असम के वोटर्स की ड्राफ्ट लिस्ट से 2.43 लाख नाम हटाए गए हैं. SIR के तहत असम में 61 लाख से ज्यादा घरों में जाकर वेरिफिकेशन किया गया था. इसमें हजारों चुनाव अधिकारी, बूथ लेवल ऑफिसर और सुपरवाइजर शामिल थे. साथ ही राजनीतिक दलों ने निगरानी के लिए 61,533 बूथ लेवल एजेंट तैनात किए थे. इस प्रक्रिया के बाद राज्य में 31,486 मतदान केंद्र तय किए गए.
चुनाव के बाद व्यापक रूप से SIR किया जाएगा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद असम में व्यापक स्तर पर सुरक्षा संबंधी समीक्षा (SIR) की जाएगी. चुनाव आयोग ने मार्च या अप्रैल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए असम की तैयारियों की समीक्षा की है और जिला स्तरीय तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय का आकलन करने के लिए दो दिवसीय बैठक आयोजित की है.
चुनाव से 6 महीने पहले हुए SIR
असम में स्पेशल रिवीजन 22 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच किया गया था. इसमें 10,56,291 लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं. चुनाव आयोग ने असम में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन प्रक्रिया स्पेशल रिवीजन नाम से कराई थी. इससे पहले जारी हुए ड्राफ्ट रोल के मुताबिक असम में कुल 2,51,09,754 वोटर थे. इनमें 93,021 हजार से ज्यादा D-वोटर यानी डाउटफुल वोटर शामिल नहीं हैं. वोटर लिस्ट में से मौत, नई जगह शिफ्ट होने या डुप्लीकेट एंट्री होने की वजह से 10.56 लाख लोगों के नाम हटाए गए.
D-वोटर वे लोग होते हैं, जिनकी नागरिकता पर सरकार को शक होता है. ऐसे लोगों को वोट देने की परमिशन नहीं होती. इन्हें फॉरेनर्स एक्ट, 1946 के तहत खास ट्रिब्यूनल तय किया जाता है और इन्हें वोटर कार्ड भी नहीं दिया जाता. इन डी-वोटर्स की जानकारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अलग से जोड़ी गई है.
Source: IOCL

























