Asaduddin Owaisi News: 'पासपोर्ट भी नहीं मान्य? ओवैसी का चुनाव आयोग पर सबसे बड़ा हमला, BJP पर लगाए सनसनीखेज आरोप'
पासपोर्ट को नागरिकता का वैध प्रमाण न मानने पर असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव आयोग और BJP पर तीखा हमला बोला. राम मंदिर फंड और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए.

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार (23 जून को हैदराबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव आयोग और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला किया. उन्होंने पासपोर्ट को नागरिकता के वैध सबूत के तौर पर खारिज करने वाली 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' प्रक्रिया की कड़ी निंदा की. साथ ही, सरकार पर नागरिकता पर एकाधिकार करने की कोशिश करने और राम मंदिर फंड में भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने के लिए अल्पसंख्यकों के खिलाफ बुलडोजर का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.
नागरिकता समीक्षा में नौकरशाही बाधाओं पर चिंता जताते हुए ओवैसी ने कहा कि 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' के लिए जरूरी 12 दस्तावेजों में अब तक सिर्फ़ 8 ही स्वीकार किए गए हैं, जबकि एनआरसी और अन्य अहम दस्तावेजों को नजरअंदाज किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि मुख्य चुनाव अधिकारी से आधार, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा कार्ड को मान्य करने का अनुरोध भी ठुकरा दिया गया. इतना ही नहीं, पासपोर्ट को भी वैध दस्तावेज मानने से इनकार कर दिया गया. ओवैसी ने कहा कि भारतीय पासपोर्ट कड़े पुलिस सत्यापन के बाद जारी होता है और किसी विदेशी को नहीं दिया जाता, इसलिए इसे खारिज करना पूरी तरह अतार्किक है.
यह भी पढ़ें : '1983 का सपना, 2026 में बड़ी कामयाबी' DRDO के Netra AEW&C को मिली FOC, भारतीय वायुसेना को मिलेगी बड़ी ताकत
नागरिकता पर बड़ा सवाल
सत्ताधारी सरकार पर तीखा कटाक्ष करते हुए, वरिष्ठ सांसद ने आरोप लगाया कि भारतीय नागरिकता के लिए भविष्य के मानदंड जल्द ही केवल राजनीतिक निष्ठा तक सीमित हो सकते हैं. उन्होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि वह दिन दूर नहीं जब केवल आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी के सदस्य घोषित लोगों को ही भारतीय नागरिक माना जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि संवैधानिक अधिकार को पार्टी की सदस्यता अभियान तक सीमित करना देश के लोकतांत्रिक ढांचे को कमज़ोर करता है.
राम मंदिर फंड पर हमला
अयोध्या राम मंदिर की ओर अपना ध्यान केंद्रित करते हुए, ओवैसी ने मंदिर के दान से जुड़ी भारी वित्तीय अनियमितताओं पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि भव्य मंदिर का निर्माण जनता की आस्था की पवित्र नींव पर किया गया था, लेकिन सत्ताधारी पार्टी ने अब उन फंडों के संबंध में अपनी विश्वसनीयता पूरी तरह से खो दी है. वित्तीय अनियमितताओं का पारदर्शी तरीके से जवाब देने के बजाय, प्रशासन का पूरा ध्यान मुस्लिम संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने और अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ लगातार अत्याचार करने पर है. उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि अपनी संरचनात्मक विफलताओं और गहरे भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए जानबूझकर ध्यान भटकाने वाली ऐसी तरकीबों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
यह भी पढ़ें : बुलडोजर चलेगा या गोली चलेगी?...राम मंदिर चोरी मामले पर मुखर ओवैसी, पूछा- क्यों नहीं हो रही FIR























