अनुच्छेद 370 पर कांग्रेस में बंटी राय, जनार्दन द्विवेदी, दीपेंद्र हुड्डा ने कहा- आज इसकी जरूरत नहीं
अनुच्छेद 370 पर मोदी सरकार के फैसले का राज्यसभा में कांग्रेस ने विरोध किया. वहीं पार्टी के कई बड़े नेताओं ने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाया जाना सही कदम है.

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने को लेकर कांग्रेस में राय बंट गई है. कांग्रेस नेता जनार्दन द्विवेदी और दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने का समर्थन किया है. द्विवेदी ने कहा कि मेरी व्यक्तिगत राय है कि अनुच्छेद 370 को खत्म किया जाना राष्ट्रीय संतोष की बात है, हम सरकार के कदमों का स्वागत करते हैं. वहीं दीपेंद्र हुड्डा ने ट्वीट कर कहा कि 21वीं सदी में अनुच्छेद 370 औचित्य नहीं है. हुड्डा ने बाद में अपने ट्वीट हटा लिए.
कांग्रेस के पूर्व महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा, ''अनुच्छेद 370 का मुद्दा पुराना है. आजादी के बाद कई स्वतंत्रता सेनानी थे जो नहीं चाहते थे कि अनुच्छेद 370 रहे. मेरे राजनीतिक गुरु राम मनोहर लोहिया अनुच्छेद 370 का विरोध करते थे. जहां तक मेरी व्यक्तिगत राय है, उसके हिसाब से यह राष्ट्रीय संतोष की बात है. जो भूल आजादी के समय में हुई थी, उस भूल को देर से ही सही सुधारा गया. आज राज्यसभा में पास हुआ है, कल लोकसभा में पास होगा. ''
#WATCH Janardan Dwivedi, Congress on #Article370revoked : My political guru Ram Manohar Lohia ji was always against this Article. A mistake of history has been corrected today, albeit late. I welcome this. pic.twitter.com/KqBsROImgS
— ANI (@ANI) August 5, 2019
वहीं कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, ''मेरी व्यतिगत राय रही है कि 21वी सदी मे अनुच्छेद 370 का औचित्य नहीं है और इसको हटना चाहिए. ऐसा सिर्फ देश की अखंडता के लिए ही नही, बल्कि जम्मू-कश्मीर जो हमारे देश का अभिन्न अंग है, के हित में भी है. अब सरकार की यह ज़िम्मेदारी है कि इसका क्रियान्वयन शांति व विश्वास के वातावरण में हो.''

कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद ने भी मोदी सरकार के कदम को सही ठहराया. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ''370 और 35 A के 'पक्ष' में खड़े नेताओं को देश की 'भावना' को समझते हुए, सरकार के साथ खड़ा होना चाहिये, क्योंकि देश 'सियासत' और 'पार्टी' दोनों से बड़ा है.
370 और 35 A के “पक्ष” में खड़े नेताओं को देश की “भावना” को समझते हुए, सरकार के साथ खड़ा होना चाहिये, क्यूँ कि देश “सियासत” और “पार्टी” दोनों से बड़ा है.
— Acharya Pramod (@AcharyaPramodk) August 5, 2019
रायबरेली सदर सीट से विधायक और अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की महासचिव अदिति सिंह ने भी पार्टी लाइन से इतर जाकर अनुच्छेद 370 और 35 A के हटाने के फैसले का समर्थन किया.
United we stand! Jai Hind#Article370
— Aditi Singh (@AditiSinghINC) August 5, 2019
राज्यसभा ने सोमवार को अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को खत्म कर जम्मू कश्मीर और लद्दाख को दो केन्द्र शासित क्षेत्र बनाने संबंधी सरकार के दो संकल्पों को मंजूरी दी. गृह मंत्री अमित शाह ने इस अनुच्छेद के कारण राज्य में विकास नहीं होने और आतंकवाद पनपने का दावा करते हुए आश्वासन दिया कि जम्मू कश्मीर को केन्द्र शासित क्षेत्र बनाने का कदम स्थायी नहीं है.
कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने सरकार के इस कदम का कड़ा विरोध किया. नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने जहां इसे जम्मू कश्मीर के लोगों के साथ विश्वासघात करार दिया वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने सरकार को आगाह किया कि वह अनुच्छेद 370 को हटाकर उन ताकतों को हवा दे रहे हैं जिन्हें वह नियंत्रित नहीं कर पाएंगे.
Source: IOCL























