नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई जारी: करोड़ों रुपये, 20 एकड़ जमीन और दो मकान जब्त
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले दिनों बिहार और झारखंड के नक्सल नेताओं के पास से करीब 1.43 करोड़ रुपये नकद , 20 एकड़ जमीन , कई इमारतें , गाड़ियों , एसयूवी , खुदाई करने वाली मशीनों , बस और ट्रैक्टर को अपने कब्जे में लिया गया.

नई दिल्ली: नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कड़ी कार्रवाई जारी है. अधिकारियों ने आज बताया कि सुरक्षा बलों ने 1.43 करोड़ रुपये नकद, 20 एकड़ जमीन, माओवादी नेताओं द्वारा अवैध तरीके से हासिल किए गए धन से बिहार और झारखंड में अपने नाम की गई कई इमारतों और कोलकाता में खरीदे गए दो मकानों को जब्त किया है. ये जब्ती गैरकानूनी गतिविधियां ( रोकथाम ) अधिनियम के तहत की गई हैं. इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के बिहार और झारखंड के दो प्रमुख नेताओं की संपत्ति और नकदी जब्त की थी जिन्होंने इस पैसे को अपने करीबी रिश्तेदारों की उच्च शिक्षा पर खर्च किया था.
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले दिनों बिहार और झारखंड के नक्सल नेताओं के पास से करीब 1.43 करोड़ रुपये नकद , 20 एकड़ जमीन , कई इमारतें , गाड़ियों , एसयूवी , खुदाई करने वाली मशीनों , बस और ट्रैक्टर को अपने कब्जे में लिया गया. सुरक्षा बलों ने बिहार के एक नक्सली नेता द्वारा कोलकाता में खरीदे गए दो मकानों को भी जब्त कर लिया.
जब्त की गई रकम में 27.5 लाख रुपये वह हैं जो बिहार के जहानाबाद में दिवंगत नक्सली नेता अरविंदजी की पत्नी प्रभावती के पास से और 25.15 लाख रुपये वह हैं जिसे झारखंड के लातेहर में नक्सल नेता नंदू यादव के बेटे रोहित के पास से जब्त किया गया.
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि जब्त की गई संपत्ति में औरंगाबाद में माओवादी नेता यमुना मिस्त्री द्वारा खरीदी गई सात एकड़ जमीन , नक्सल नेता अर्जुन सिंह द्वारा जहानाबाद में खरीदी गई दो एकड़ जमीन , सुनील सिंह द्वारा औरंगाबाद में खरीदी गई 2.2 एकड़ जमीन और संतोष झार द्वारा कोलकाता में खरीदे गए दो मकान शामिल हैं.
गृह मंत्रालय ने नक्सलियों को वित्त मुहैया करने वाले स्रोतों को खत्म करने और उनके नेताओं की संपत्ति जब्त करने के लिए पहले ही विभिन्न विभागों में अनुभव रखने वाले लोगों के एक समूह का गठन किया है.























