एक्सप्लोरर

Explained: नागरिकता संशोधन कानून लागू, किसे मिलेगी नागरिकता, कहां नहीं होगा लागू, क्या है विवाद?

अब अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए गैर मुस्लिम शरणार्थी यानी हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी.

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्ताक्षर के बाद देश में लागू हो गया है. राजधानी दिल्ली से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक इस बिल के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. असम में हालात बेकाबू हैं. असम में लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. बिल के खिलाफ बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी असम की सड़कों पर उतरे हुए हैं. नतीजा, राज्य में अराजकता की स्थिति पैदा हो गई है. आखिर नागरिकता संशोधन बिल है क्या और इसको लेकर पूर्वोत्तर के लोग विरोध क्यों हो रहे हैं? जानिए एक-एक सवाल का जवाब.

क्या है नागरिकता संशोधन कानून?

भारत देश का नागरिक कौन है, इसकी परिभाषा के लिए साल 1955 में एक कानून बनाया गया जिसे 'नागरिकता अधिनियम 1955' नाम दिया गया. मोदी सरकार ने इसी कानून में संशोधन किया है जिसे 'नागरिकता संशोधन बिल 2016' नाम दिया गया है. पहले 'नागरिकता अधिनियम 1955' के मुताबिक, वैध दस्तावेज होने पर ही लोगों को 11 साल के बाद भारत की नागरिकता मिल सकती थी.

किन देशों के शरणार्थियों को मिलेगा फायदा?

इस कानून के लागू होने के बाद अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए गैर मुस्लिम शरणार्थी यानी हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी. मतलब 31 दिसंबर 2014 के पहले या इस तिथि तक भारत में प्रवेश करने वाले नागरिकता के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे. नागरिकता पिछली तिथि से लागू होगी.

देश में कहां-कहां लागू नहीं होगा ये कानून?

नागरिकता संशोधन बिल की छठी अनुसूची के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में लागू नहीं होगा (जो स्वायत्त आदिवासी बहुल क्षेत्रों से संबंधित है), जिनमें असम, मेघायल, त्रिपुरा और के क्षेत्र मिजोरम शामिल हैं. वहीं ये बिल उन राज्यों पर भी लागू नहीं होगा, जहां इनर लाइन परमिट है. जैसे अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मिजोरम.

क्या है इनर लाइन परमिट?

इनर लाइन परमिट ईस्टर्न फ्रंटियर विनियम 1873 के अंतर्गत जारी किया जाने वाला एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट है. भारत में भारतीय नागरिकों के लिए बने इनर लाइन परमिट के इस नियम को ब्रिटिश सरकार ने बनाया था. बाद में देश की स्वतंत्रा के बाद समय-समय पर फेरबदल कर इसे जारी रखा गया.

कानून को लेकर विवाद क्या है?

इस कानून में छह अल्पसंख्यक समुदायों (हिंदू, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई और सिख) से ताल्लुक़ रखने वाले लोगों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी, लेकिन इसमें मुसलमानों की बात नहीं कही गई है. विरोधियों का कहना है कि यह भारत के मूलभूत संवैधानिक सिद्धांत के विरुद्ध है और यह विधेयक मुसलमानों के ख़िलाफ़ है. ये भारतीय संविधान के अनुच्छेद-14 जो कि एक मौलिक अधिकार है उसका (समानता का अधिकार) उल्लंघन करता है. सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि इस बिल में मुस्लिम धर्म के साथ भेदभाव किया जा रहा है.

पूर्वोत्तर में क्यों हो रहा है कानून का विरोध?

पूर्वोत्तर राज्यों के मूल निवासियों का मानना है कि इस बिल के आते ही वे अपने ही राज्य में अल्पसंख्यक बन जाएंगे और इस बिल से उनकी पहचान और आजीविका को खतरा है. प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया, ‘’जब अरूणाचल प्रदेश, मिजोरम और नागालैंड को नागरिक संशोधन बिल से बाहर रखा जा सकता है तो हमारे साथ दोहरा व्यव्हार क्यों किया जा रहा है?’’

यह भी पढ़ें-

नागरिकता संशोधन बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी, तीन देशों के शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देगा नया कानून

निर्भया गैंगरेप: चारों दोषियों को जल्द फांसी देने की मांग, पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई आज

CAB का असर: असम में विरोध-प्रदर्शन की वजह से नहीं हो रहा पीएम मोदी-शिंजो आबे की मुलाकात का एलान

प्याज की बढ़ती कीमतों ने मोदी सरकार के छुड़ाए पसीने, 12 हजार मीट्रिक टन का किया जाएगा आयात

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

MLC Election Results 2026 LIVE: बिहार समेत 4 राज्यों की 28 सीटों पर काउटिंग, यूपी में चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन
LIVE: बिहार समेत 4 राज्यों की 28 सीटों पर काउटिंग, यूपी में चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन
Cyclone Arnab Live: चक्रवाती तूफान अर्नब का दिखना शुरू हुआ असर, तटीय इलाकों में तेज हवाएं, ट्रेनें, स्कूल बंद
Live: चक्रवाती तूफान अर्नब का दिखना शुरू हुआ असर, तटीय इलाकों में तेज हवाएं, ट्रेनें, स्कूल बंद
Live: SIR पर SC में सुनवाई, राहुल गांधी के खिलाफ याचिका पर CJI ने कहा, 'नोटिस जारी हो चुका है'
Live: SIR पर SC में सुनवाई, राहुल गांधी के खिलाफ याचिका पर CJI ने कहा, 'नोटिस जारी हो चुका है'
'सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच', जयराम रमेश ने गंभीर आरोप लगाए
'सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच', जयराम रमेश ने गंभीर आरोप लगाए

वीडियोज

Sansani | ABP News: No Parking का शैतान...नजरों के सामने खूनी खेल !
Mallikarjun Kharge on PM Modi News: कांग्रेस बौखलाई...'बाप-दादा' पर आई! | Breaking | ABP News
Janhit with Chitra Tripathi: बड़े-बड़े कांग्रेसी..'सेल्फ गोल' के 'महारथी'! | Kharge on PM Modi
Mallikarjun Kharge on PM Modi News: 'बाप भी जाएगा' vs 'मोदी कहीं नहीं जाएगा' | Breaking | ABP News
Sandeep Chaudhary: Iran-US के बीच फिर बढ़ा तनाव...महंगाई निकालेगी दम? | Inflation | Crude Oil | ABP

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Cyclone Arnab Live: चक्रवाती तूफान अर्नब का दिखना शुरू हुआ असर, तटीय इलाकों में तेज हवाएं, ट्रेनें, स्कूल बंद
Live: चक्रवाती तूफान अर्नब का दिखना शुरू हुआ असर, तटीय इलाकों में तेज हवाएं, ट्रेनें, स्कूल बंद
Bihar MLC Election Results LIVE: दांव पर अनंत सिंह की भी साख, JDU की ओर से पहली प्रतिक्रिया
बिहार MLC चुनाव रिजल्ट: वोटों की गिनती के बीच JDU की ओर से पहली प्रतिक्रिया
Live: SIR पर SC में सुनवाई, राहुल गांधी के खिलाफ याचिका पर CJI ने कहा, 'नोटिस जारी हो चुका है'
Live: SIR पर SC में सुनवाई, राहुल गांधी के खिलाफ याचिका पर CJI ने कहा, 'नोटिस जारी हो चुका है'
WPL Auction: मुंबई इंडियंस कंगाल, नीलामी से पहले जानें किसके पर्स में कितना पैसा?
मुंबई इंडियंस कंगाल, WPL ऑक्शन से पहले जानें किसके पर्स में कितना पैसा?
‘कातिल नहीं, आशिक हूं', ‘किंग’ के दमदार पोस्टर में दिखा शाहरुख खान का गजब अंदाज
‘कातिल नहीं, आशिक हूं', ‘किंग’ के दमदार पोस्टर में दिखा शाहरुख खान का गजब अंदाज
खरगे का नाम लिए बिना मायावती की कांग्रेस को नसीहत, कहा- ये जनहित में नहीं
खरगे का नाम लिए बिना मायावती की कांग्रेस को नसीहत, कहा- ये जनहित में नहीं
साबरमती के स्पेशल हाई-सिक्योरिटी ब्लॉक में शिफ्ट किया गया लॉरेंस बिश्नोई, कैसी बीत रही जिंदगी?
साबरमती के स्पेशल हाई-सिक्योरिटी ब्लॉक में शिफ्ट किया गया लॉरेंस बिश्नोई, कैसी बीत रही जिंदगी?
क्या है कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, जानें कैसे करें आवेदन?
क्या है कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, जानें कैसे करें आवेदन?
Embed widget