India at 2047 Conclave: AI, डेवलेपमेंट से मीडिया तक...ABP नेटवर्क के CEO सुमंत दत्ता का मैसेज
ABP India at 2047 Conclave: एबीपी नेटवर्क के सीईओ सुमंत दत्ता ने इंडिया@2047 शिखर सम्मेलन की शुरुआत की. उन्होंने कहा, हम यहां इसलिए एकत्रित हुए हैं कि कैसे 2047 में देश विकसित हो सके और इसकी रूपरेखा क्या हो.

एबीपी नेटवर्क के खास कार्यक्रम 'India @ 2047 Conclave' का मंच तैयार है. 'बिल्डिंग भारत @ 2047' थीम वाली कॉन्क्लेव में भारत की आजादी के 100वें वर्ष यानी 2047 तक देश को एक महाशक्ति बनाने के रोडमैप और विभिन्न चुनौतियों पर गहन चर्चा होगी. एबीपी नेटवर्क के CEO सुमंत दत्ता ने कहा कि मैं India@2047 Conclave के दूसरे चरण में आप सबका स्वागत करता हूं. हम यहां इसलिए एकत्रित हुए हैं कि कैसे 2047 में देश विकसित हो सके और इसकी रूपरेखा क्या हो.
'महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा भारत'
एबीपी नेटवर्क के सीईओ सुमंत दत्ता ने इंडिया@2047 शिखर सम्मेलन की शुरुआत करते हुए कहा कि भले ही दुनिया अर्थव्यवस्था और टेक्नोलॉजी सहित अलग-अलग पहलुओं में तेजी से बदलाव का सामना कर रही है, लेकिन फिर भी भारत एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है, जहां भारत के पास वैश्विक स्तर पर महाशक्ति बनने और भविष्य तय करने का अवसर है.
'विकसित भारत' पर क्या बोले CEO?
दत्ता ने कहा, '2047 सिर्फ एक तारीख नहीं है, यह एक ऐसा भारत बनाने का अवसर है, जिसकी हम सभी आकांक्षा रखते हैं. एक ऐसा भारत जो संभावनाओं से भरे देश से विकसित होकर आत्मनिर्भरता, समृद्धि और एक ऐसे समाज का देश बन जाएगा, जो हर जगह और हर किसी को बढ़ावा देता है.' दत्ता ने आगे कहा कि ऐसा विजन भारत के लिए रवींद्रनाथ टैगोर की आकांक्षा के साथ निकटता से मेल खाता है, 'जहां मन भय से मुक्त हो और सिर ऊंचा रहे.'
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'दुनिया तेजी से बदल रही'
उन्होंने कहा कि दुनिया भर के देश कई क्षेत्रों में अभूतपूर्व बदलावों का सामना कर रहे हैं. दत्ता कहा, 'दुनिया तेजी से बदल रही है. वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं तेजी से बदल रही हैं, टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री को नया रूप दे रही है, एनर्जी सिस्टम का पुनर्निर्माण और पुनर्गठन हो रहा है और एआई समाज के कामकाज के तरीके को बदल रही है.'
'अद्वितीय स्थिति में भारत'
सीईओ ने कहा, 'जियोपालिटिकल उथल-पुथल और आर्थिक अनिश्चितता लगभग रोजमर्रा की हकीकत बन गई है.' इन चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत एक अद्वितीय स्थिति में है, जहां वह अपना रास्ता खुद तय कर सकता है और तेजी से विकसित हो रहे वर्ल्ड ऑर्डर से पैदा होने वाले अवसरों का लाभ उठा सकता है.
उन्होंने कहा, 'एक मीडिया नेटवर्क के रूप में एबीपी हमेशा से मानता आया है कि राष्ट्र निर्माण की शुरुआत जागरूक जन संवाद से होती है. हमारी भूमिका न केवल भारत की कहानी को प्रस्तुत करना रही है, बल्कि देश के हर कोने से आवाजों, विचारों, असहमति और आकांक्षाओं को एक साथ लाकर इसके भविष्य के बारे में संवाद को आकार देने में मदद करना भी रही है. हमारा मंच इंडिया 2047 एक ऐसे भविष्य के निर्माण का प्रयास है, जिसकी हम सभी आकांक्षा रखते हैं.'
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Source: IOCL
























