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लॉकडाउन के बीच पेश हुआ 65 हजार करोड़ का दिल्ली सरकार का बजट, बिना चर्चा के हुआ पास
आम आदमी पार्टी (आप ) सरकार ने आज लॉकडॉउन के बीच अपना वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 65,000 करोड़ का बजट पेश किया.

मनीष सिसोदिया
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी ( आप ) सरकार ने सोमवार को अपना बजट पेश किया. सदन की शुरुआत में कोरोना वायरस से जिन लोगों की मौत हुई उनके लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धाजंलि देने के साथ की गई. कोरोना वायरस के मद्देनजर दिल्ली विधानसभा में विधायक एक मीटर की दूरी पर बैठे. एक टेबल पर एक विधायक ही बैठे नजर आए साथ ही विधायकों के लिए 20 कुर्सियां भी अलग से लगाई गई. विधानसभा को सनेटाइज़ करने के साथ सभा में हर दरवाज़े के सामने ऑटोमैटिक सैनिटाइजर भी लगे हुए नजर आए. वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने विधानसभा में करीब 65000 करोड़ रुपए का बजट पेश किया जो कि पिछले साल करीब 60,000 करोड़ का था. सिसोदिया ने बजट की शुरुआत के साथ ही यह आश्वासन दिया, "ये बजट ऐसे समय मे पेश कर रहा हूं जब पूरी दुनिया COVID 19 से जूझ रही है. इस बीमारी से निपटने के लिए जितने पैसे की ज़रूरत होगी सरकार मुहैया कराएगी." सरकार ने शिक्षा को केंद्र मे रखते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिसमें कुल बजट का 24.33 प्रतिशत निर्धारित करना है. साल 2020-21 में शिक्षा के क्षेत्र में सबसे अधिक 15,815 करोड़ रुपए आवंटित करने का प्रस्ताव दिया गया. दिल्ली सरकार स्थापित करेगी अपना राज्य शिक्षा बोर्ड दिल्ली का अपना राज्य बोर्ड शुरू करने के पीछे दिल्ली सरकार की कोशिश है कि शिक्षा में रट्टा पद्धति से अंक हासिल करने की बजाय विद्यार्थियों की समझदारी और सूझबूझ को बढ़ाया जाए. दिल्ली में खेल और कौशल को बढ़ावा देते हुए दिल्ली कौशल और उद्यमिता विश्वविद्यालय, दिल्ली खेल विश्वविद्यालय और दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय भी बनाए जाएंगे. 17 नए स्कूलों का निर्माण दिल्ली सरकार ने वित्तीय बजट में 17 नए स्कूलों का निर्माण करने का फैसला लिया है. इससे दिल्ली में स्कूलों की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी. साथ ही दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बनाए 20,000 नए क्लासरूम बनाए जाएंगे .डिजिटल क्लासरूम बनाने पर 100 करोड खर्च किये जायेंगे और इतना ही नहीं बच्चों को अंग्रेजी बोलने का प्रशिक्षण देने के लिए 12 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. स्वास्थ दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना को लागू करने का भी एलान किया. इस योजना को दिल्ली में 2020-21 तक लागू करेगी, ताकि प्रति परिवार 5 लाख रुपए तक स्वास्थ बीमा कवर दिया जा सके. दिल्ली के विधान सभा चुनाव के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी कई रैलियों में दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया था कि आखिर दिल्ली में प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना को लागू क्यों नहीं किया जाता है? दिल्ली में आरोग्य कोष के माध्यम से दी जा रही निः शुल्क उपचार, सर्जरी, रेडियोलॉजी, नैदानिक योजनाएं अब 'मुख्यमंत्री स्वास्थ योजना' के दायरे में आएंगे. 2020-21 में 'मुख्यमंत्री स्वास्थ योजना' के लिए 125 करोड़ रुपए और दिल्ली आरोग्य कोष के तहत 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. साथ ही सरकार ने बिस्तरों कि क्षमता को 10 हज़ार से बढ़ा कर 26 हज़ार करने के लिए अस्पतालों के निर्माण का काम शुरू किए जाने का ज़िक्र किया. दिल्ली मेट्रो बजट में दिल्ली मेट्रो के चौथे फेज के निर्माण के लिए 2400 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम का एलान किया गया. दिल्ली की लाइफ लाइन कही जाने वाले दिल्ली मेट्रो में रोज़ लाखों यात्री सफर करते हैं लिहाज़ा ,लाखों लोगों को नए फेस के विस्तार से मदद मिलेगी. सीसीटीवी कैमरा दिल्ली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए पेश बजट में सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरों के लिए 250 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं. दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार द्वारा दिल्ली में लगे सीसीटीवी कैमरा पर भी कई सवाल और कटाक्ष उठाए गए थे. अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली को सुरक्षित रखने के लिए किए गए अपने वादों को कितना पूरा कर पाते हैं. सीसीटीवी के लिए निर्धारित भारी बजट के जरिए उन्होंने यह ज़रूर साफ कर दिया कि पूरी दिल्ली पर पैनी नजर रखने के लिए केजरीवाल सरकार के इरादे पक्के है.
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Source: IOCL

























