छात्रा से कहा तुम्हें पास करा दूंगा लेकिन बदले में 'बहुत कुछ' करना पड़ेगा
मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में सरकारी महाविद्यालय के सहायक प्रोफेसर को पद से निलंबित कर दिया गया.

इंदौर: मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में सरकारी महाविद्यालय के सहायक प्रोफेसर को पद से निलंबित कर दिया गया. आरोप है कि उसने अनुत्तीर्ण छात्रा को पुनर्मूल्यांकन के दौरान पास कराने के बदले उससे 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी. इसके साथ ही आरोप है कि सहायक प्रोफेसर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप पर छात्रा से अनुचित मांग की.
उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक के एन चतुर्वेदी ने कहा कि इस मामले में सांवेर कस्बे के शासकीय महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. संजय प्रसाद को मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों के कथित उल्लंघन के कारण पद से निलंबित कर दिया गया है.
उन्होंने बताया कि निलंबन अवधि में प्रसाद का मुख्यालय झाबुआ का शासकीय महाविद्यालय रहेगा. चतुर्वेदी ने बताया कि सांवेर के महाविद्यालय की छात्रा ने हाल ही में की गयी शिकायत में आरोप लगाया था कि सहायक प्रोफेसर ने उसे बी.कॉम. पाठ्यक्रम के द्वितीय वर्ष के एक पर्चे में पुनर्मूल्यांकन के दौरान पास कराने के बदले उससे 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी.
आरोप यह भी है कि उसने छात्रा से वॉट्सऐप पर आपत्तिजनक बातचीत करते हुए कहा कि उसे इस काम के बदले रकम देने के अलावा "बहुत कुछ" करना होगा. उन्होंने बताया कि सांवेर के शासकीय महाविद्यालय की यौन उत्पीड़न निरोधक समिति ने भी छात्रा की शिकायत पर सहायक प्रोफेसर के खिलाफ जांच शुरू की है. मामले में प्रसाद का पक्ष जानने के लिये उनसे संपर्क की कई बार कोशिश की गयी, लेकिन अब तक उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है.
Source: IOCL





















