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क्या होती है हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग, क्या आप भी तो अपने बच्चों को इस तरह से नहीं कर रहे बड़ा, जानें इसके फायदे और नुकसान

क्या आपने कभी हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग का नाम सुना है, अगर नहीं तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग होती क्या है इसके फायदे और नुकसान क्या है.

Helicopter Parenting: हर एक पेरेंट चाहता है कि वह अपने बच्चों को दुनिया भर की सारी खुशी दें, उनकी परवरिश ऐसे करें ताकि भविष्य में जाकर वह सफल हो सके और अपनी जिंदगी अच्छी तरह से जी सके. शायद ही कोई ऐसा पैरेंट होगा जो अपने बच्चों की जिंदगी को आसान नहीं बनना चाहता हो और इसके लिए लोग न जाने क्या कुछ नहीं करते. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बार आप अपने बच्चों की जिंदगी में जो दखल देते है उसे ही हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग कहा जाता है. यह हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग है क्या, इसके फायदे और नुकसान क्या होते हैं आइए जानें.
 
क्या होता है हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग 
पिछले कुछ सालों में हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग का ट्रेंड बहुत ज्यादा बढ़ गया है, लेकिन इस शब्द का मतलब क्या होता है? दरअसल, जो पेरेंट्स अपने बच्चों की जिंदगी में बहुत ज्यादा दखलअंदाजी करते है और हेलीकॉप्टर की तरह हमेशा सिर पर चढ़े रहते हैं, ऐसी पैरेंटिंग को हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग कहा जाता है. इस तरह की पेरेंटिंग में वह अपने बच्चों की जिंदगी के हर फैसले खुद लेते हैं और उन्हें पूरी तरह से डिपेंडेंट बना देते हैं. हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग का इस्तेमाल सबसे पहले 1969 में डॉक्टर हेम गिनोट ने 1969 में अपनी किताब बिटवीन पेरेंट एंड टीएनजर में किया था.
 
हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग के फायदे
कई मामलों में हेलीकॉप्टर पेरेंटिंग के कुछ फायदे होते हैं. जो बच्चे बहुत ज्यादा शैतान होते हैं उनके लिए हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग फायदेमंद हो सकती है. हालांकि, ज्यादातर मामलों में हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग के फायदे सिर्फ पेरेंट्स तक ही सीमित होते हैं जो पेरेंट्स अपने बच्चों की जिंदगी में बहुत ज्यादा दखल देते हैं वह कम से कम खुद तो अपनी इस आदत से खुश रहते हैं. हालांकि, इस तरह की पैरेंटिंग का बच्चों पर कोई पॉजिटिव असर नहीं पड़ता है, क्योंकि आगे जाकर इस तरह की दखलअंदाजी बच्चों की लाइफ में उन्हें पीछे धकेलती है.
 
हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग के नुकसान 
हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इससे बच्चों में आत्मविश्वास और आत्मसम्मान की कमी आ सकती है, क्योंकि ऐसे बच्चे अपनी क्षमताओं पर भरोसा नहीं करते और वह अपनी क्वालिटी खुद आंक नहीं पाते हैं और अपने पेरेंट्स पर हमेशा निर्भर रहते हैं. एक स्टडी के मुताबिक, जिन बच्चों को हेलीकॉप्टर पेरेंटिंग मिलती है, उनमें चिंता और डिप्रेशन का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि ऐसे बच्चे बहुत ज्यादा इंट्रोवर्ट हो जाते हैं और दूसरों से मिलते जुलते भी नहीं है.
 
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