Shukrawar Upay: 14 अगस्त शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा कैसे करें? जान लें शाम के 5 खास उपाय
Shukrawar Upay: धन प्राप्ति, प्रमोशन में आ रही बाधा, कमाई में बढ़ोत्तरी की कामना से शुक्रवार की शाम कुछ विशेष उपाय करना लाभदायी माना गया है. मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है.

Shukrawar Laxmi Puja: कई बार व्यक्ति मेहनत तो बहुत करता है लेकिन पैसे हाथ में टिकते नहीं हैं. ईमानदारी और लगन से कार्य करने के बाद भी कमाई नहीं बढ़ती, हर साल प्रमोशन में कुछ न कुछ बाधाएं आ जाती है.
धार्मिक मान्यता है कि जब देवी लक्ष्मी आपसे रूठ जाती है, तो आपको आपके घर में ठहरती नहीं हैं, पैसों की परेशानी पीछा नहीं छोड़ती. ऐसे में धन प्राप्ति के लिए शुक्रवार की शाम देवी लक्ष्मी से जुड़े कुछ विशेष उपाय आपको लाभ दे सकते हैं.
महालक्ष्मी मंदिर में दीपक जलाएं
शुक्रवार की शाम मां लक्ष्मी के मंदिर में घी का दीपक जलाएं. दीपक में चावल के सात दाने डालकर माता लक्ष्मी को अर्पित करें. ये उपाय लगातार सात शुक्रवार करें कहते हैं इससे धन आवक में आ रही रुकावट का नाश होता है.आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव देखने को मिलता है.
कमलगट्टे की माला से करें मंत्र जाप
शुक्रवार को स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और उत्तर दिशा की ओर मुख करके कमलगट्टे की माला से ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः मंत्र का 108 बार जाप करें. मान्यता है धन संबंधी परेशानियों से राहत मिलती है.
चांदी का सिक्का इस तरह रखें
शुक्रवार की शाम चांदी के सिक्के को लाल कपड़े में बांधकर मिट्टी के बर्तन में रखें. इसके बाद बर्तन को गेहूं या चावल से भर दें. वास्तु मान्यता के अनुसार इसे घर की उत्तर-पश्चिम दिशा में रखना शुभ माना जाता है. मान्यता है इससे मां लक्ष्मी घर में स्थाई रूप से निवास करती हैं.
मुख्य द्वार पर बनाएं स्वास्तिक
शुक्रवार को घर के मुख्य द्वार की साफ सफाई करें. इसके बाद गंगाजल का छिड़काव करके वहां सफेद शंख रखें और लाल रंग से स्वास्तिक बनाएं. स्वास्तिक को मंगल और शुभता का प्रतीक माना गया है. मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मकता बनी रहती है और मां लक्ष्मी घर में पधारती हैं.
कनकधारा स्तोत्र का करें पाठ
मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें. इसके लिए किसी विशेष माला या जटिल विधि की जरुरत नहीं है. आप पूजा के समय या मानसिक रूप से मां लक्ष्मी का ध्यान करते हुए भी इसका पाठ कर सकते हैं. कनकधारा स्तोत्र का पाठ आर्थिक संकट से मुक्ति और समृद्धि की कामना के लिए किया जाता है.
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