एक्सप्लोरर

Agni Sadhana: अलवर में भीषण गर्मी के बीच संत की अद्भुत 'अग्नि साधना'! 9 दिनों की तपस्या बनी आस्था का केंद्र

Agni Sadhana: अलवर के गोविंदगढ़ में संत राजेंद्र गिरी भीषण 47°C गर्मी में 7 अग्नि कुंडों के बीच 9 दिवसीय तपस्या कर रहे हैं. जनकल्याण के लिए की जा रही यह अनूठी साधना लोगों के लिए आस्था का केंद्र है.

Rajasthan, Alwar Agni Sadhana: राजस्थान के अलवर जिले में इन दिनों आस्था और मानवीय संकल्प का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है. जहां भीषण लू और 47 डिग्री सेल्सियस के तापमान ने जनजीवन को बेहाल कर रखा है, वहीं गोविंदगढ़ क्षेत्र के एक संत की 'अग्नि साधना' चर्चा का विषय बनी हुई है.

गोविंदगढ़ के न्याना गांव स्थित राजपूत मंदिर परिसर में संत राजेंद्र गिरी महाराज ने 9 दिवसीय अग्नि साधना शुरू की है. भीषण गर्मी के बीच उन्होंने अपने चारों ओर सात अग्नि कुंड प्रज्वलित किए हैं. इन दहकते अग्नि कुंडों के बीच बैठकर संत दिन-रात तपस्या कर रहे हैं.

नौतपा की अग्नि और संत की कठिन साधना

गोविंदगढ़ के न्याना गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर कैमासा रोड स्थित राजपूत मंदिर परिसर में संत राजेंद्र गिरी महाराज 'अग्नि साधना' में लीन हैं. नौतपा की भीषण गर्मी, जिसमें आम आदमी के लिए घर से निकलना भी चुनौती है, संत सात प्रज्वलित अग्नि कुंडों के बीच बैठकर साधना कर रहे हैं.

इस तपस्या की शुरुआत पूर्ण विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ हुई. संत ने स्नान के बाद शरीर पर भस्म लगाई और एकाग्रचित्त होकर अग्नि के घेरे में बैठ गए. तपस्या के दौरान उन्होंने घंटों तक अन्न और जल का भी त्याग किया है, जो उनकी अटूट संकल्प शक्ति को प्रदर्शित करता है.

श्रद्धालुओं में कौतूहल और श्रद्धा

मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. आग की प्रचंड लपटें इतनी तीव्र हैं कि भक्त उनके करीब जाने के बजाय दूर से ही परिक्रमा कर संत का आशीर्वाद ले रहे हैं. श्रद्धालुओं का कहना है कि 47 डिग्री तापमान के बीच दहकती आग के सामने बैठना साधारण मानवीय क्षमता से परे है. यह साधना संत की अपनी इष्ट और गुरु के प्रति अगाध श्रद्धा का प्रतीक है.

तपस्या का उद्देश्य: जनकल्याण और समृद्धि

संत राजेंद्र गिरी दास के अनुसार, यह साधना केवल एक व्यक्तिगत तप नहीं है. उन्होंने इस कठिन साधना के पीछे के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा:

  • क्षेत्र की सुख-समृद्धि: अलवर और संपूर्ण क्षेत्र के निवासियों के जीवन में खुशहाली और शांति बनी रहे.
  • धर्म का प्रचार-प्रसार: सनातन धर्म की महानता को जन-जन तक पहुंचाना और योग-साधना के प्रति लोगों को जागरूक करना.

  • गुरु का आशीर्वाद: यह अनुष्ठान उनके गुरु के मार्गदर्शन में किया जा रहा है, जिससे उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी स्थिर रहने की शक्ति मिलती है.

आध्यात्मिकता का संदेश

यह 9 दिवसीय अग्नि तपस्या केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह धैर्य और सहनशक्ति का एक जीवंत उदाहरण है. कड़ाके की गर्मी और आग की तपन के बीच संत की यह अडिग शांति लोगों को यह संदेश देती है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सकता है.

स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दे रहा है. आने वाले दिनों में यह तपस्या निश्चित रूप से और भी अधिक लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेगी. यह घटना न केवल राजस्थान के अलवर जिले के लिए, बल्कि समूचे आध्यात्म जगत के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है.

  • स्थान: कैमासा रोड, न्याना गांव, गोविंदगढ़, अलवर.
  • साधना: 9 दिवसीय कठिन अग्नि साधना.
  • तापमान: 47 डिग्री सेल्सियस (भीषण गर्मी).
  • उद्देश्य: लोक कल्याण, धर्म प्रचार और विश्व शांति.

Rahu-Ketu Transit 2026: राहु-केतु की चाल बदलेगी देश-दुनिया का हाल, कर्क और कुंभ समेत इन राशियों के लिए है चेतावनी

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

कालसर्प दोष पूजा के लिए त्र्यंबकेश्वर क्यों पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु?
कालसर्प दोष पूजा के लिए त्र्यंबकेश्वर क्यों पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु?
Kanwar Yatra 2026: सावन में वायरल हुईं कांवड यात्रा की 2 वीडियो, हर कोई कर रहा चर्चा
कांवड यात्रा के बीच वायरल हुईं 2 वीडियो, हर कोई कर रहा चर्चा
Sawan 2026: एक कावड़, चार युग और महान योद्धाओं की शिव साधना
एक कावड़, चार युग और महान योद्धाओं की शिव साधना
संजय दत्त के पूर्वजों ने कर्बला में दी थी कुर्बानी? जानिए ‘हुसैनी ब्राह्मण’ परिवार की कहानी
क्या संजय दत्त का परिवार है ‘हुसैनी ब्राह्मण’? जानिए कर्बला से जुड़ी अनोखी कहानी
Advertisement

वीडियोज

गोरखपुर की लेडी नटवरलाल का करोड़ों वाला मायाजाल!
Pati Brahmachari:💔Isha-Suraj के बीच फिर आई Avni, तकरार के बीच पनपने लगा प्यार। #sbs
Bollywood News: बिग बॉस के टीज़र से मचा तहलका: क्या टीवी पर फिर दिखेगी 'करण-अर्जुन' की जोड़ी? ( 05.08.26 )
Jharkhand Job Protest: झारखंड नौकरी आंदोलन से घिरी सरकार! इस्तीफा देंगे हेमंत सोरेन? ABPLIVE
Mannat: Dhairya का खतरनाक खेल फेल, Mannat ने बचा लिया Vikrant को मौत के मुंह से!
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
मानसून सत्र का बढ़ेगा समय या बुलाया जाएगा विशेष सत्र? सरकार ने किया साफ
मानसून सत्र का बढ़ेगा समय या बुलाया जाएगा विशेष सत्र? सरकार ने किया साफ
'संप्रभुता का अपमान', शेख हसीना की PC से भड़क उठी बांग्लादेश सरकार
'संप्रभुता का अपमान', शेख हसीना की PC से भड़क उठी बांग्लादेश सरकार
यूपी चुनाव पर राहुल गांधी की बड़ी बैठक, बनाया ये खास मास्टर प्लान!
यूपी चुनाव पर राहुल गांधी की बड़ी बैठक, बनाया ये खास मास्टर प्लान!
वैभव सूर्यवंशी का भी होगा कांबली और शॉ जैसा हाल? दिग्गज के बयान से दुनिया हैरान 
वैभव सूर्यवंशी का भी होगा कांबली और शॉ जैसा हाल? दिग्गज के बयान से दुनिया हैरान 
ऋषभ पंत, संजू सैमसन या ईशान किशन, किसे मिलना चाहिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप में मौका? 
ऋषभ पंत, संजू सैमसन या ईशान किशन, किसे मिलना चाहिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप में मौका? 
Xप्लेन: विकसित भारत के ख्वाब के बीच कुपोषण ने 'दोहरी तस्वीर' कैसे बना दी?
विकसित भारत के ख्वाब के बीच कुपोषण ने 'दोहरी तस्वीर' कैसे बना दी?
'पाकिस्तान कर रहा यौम-ए-इस्तेहसाल की नौटंकी', भारत बोला- बंद करो प्रोपेगेंडा
'पाकिस्तान कर रहा यौम-ए-इस्तेहसाल की नौटंकी', भारत बोला- बंद करो प्रोपेगेंडा
परिसीमन बिल पर सरकार ने मांगा समर्थन तो अड़ गए राहुल गांधी, बोले- 'No, पहले...'
परिसीमन बिल पर सरकार ने मांगा समर्थन तो अड़े राहुल, बोले- 'पहले सदन में आएं गृहमंत्री'
Embed widget