एक्सप्लोरर

विदेश में बैठे लोग कैसे कर सकते हैं पितृ पक्ष में तर्पण, श्राद्ध, जानें नियम

Pitru Paksha: पितृ पक्ष में श्राद्ध में पंचबलि, गंगाजल से तर्पण, ब्राह्मण को दान देने का महत्व है लेकिन विदेश में बैठे लोगों के लिए इन सभी का होना मुश्किल है ऐसे में कैसे करें पितरों का श्राद्ध जानें.

Pitru Paksha 2026: भारत में पितृ पक्ष के दौरान पवित्र नदी किनारे तर्पण, दान आदि करने का विधान है. पितरों की प्रसन्न पाने के लिए कौए, कुत्ते, गाय, देव और चींटी को भोजन खिलाया जाता है लेकिन जो लोग विदेश में रहते हैं उनके सामने अक्सर सवाल होता है कि आसपास गंगा या कोई पवित्र नदी नहीं है.

पिंडदान के लिए काशी, गया आदि जैसा तीर्थ नहीं है और पंचबलि के लिए गाय, कुत्ता या कौआ भी आसानी से नहीं मिलते. ऐसे में क्या पितरों का श्राद्ध अधूरा रह जाएगा? शास्त्रों में क्या है नियम जान लें. 

क्या गंगा के बिना तर्पण हो सकता है?

तर्पण का मूल आधार जल और तिल है. धर्मसिंधु में तर्पण के लिए जलपात्र और भूमि पर कुश आदि की व्यवस्था का उल्लेख मिलता है. तर्पण किसी नदी में करना ही अनिवार्य नहीं बताया गया है. विदेश में रहने वाला व्यक्ति स्वच्छ स्थान पर स्नान करके, कुश और काले तिल उपलब्ध हो तो उसका प्रयोग करते हुए स्वच्छ पात्र में जल और काले तिल लेकर पितरों के नाम, गोत्र का स्मरण करते हुए तर्पण कर सकता है. जल में गंगाजल डाल लें. वहीं पिंडदान में चावल, दूध, घी, शहद आदि से पिंड तैयार किए जाते हैं. ये सामग्री विदेशों में भी उपलब्ध होती है. 

गाय, कुत्ता और कौआ न मिलें तो पंचबलि कैसे करें?

श्राद्ध में देवता, गाय, कुत्ता, कौआ और चींटी के लिए भोजन का अंश निकाला जाता है लेकिन विदेश में इन सभी जीवों का मिलना संभव नहीं है. ऐसी स्थिति में भोजन को केवल दिखावे के लिए किसी जानवर को खिलाने की बजाय, पंचबलि का संकल्प और अंशदान किया जा सकता है. उदाहरण के लिए जहां संभव हो वहां गाय या किसी पशु-पक्षियों को भोजन खिला सकते हैं. 

ब्राह्मण न मिलें तो क्या करें?

ब्रह्मण भोज के माध्यम से भोजन पूर्वजों तक जाता है और उनकी आत्मा को शांति मिलती है. मान्यता है कि जब कोई संतुष्ट ब्राह्मण पूरी श्रद्धा और सही रीति-रिवाज़ों के साथ परोसा गया भोजन ग्रहण करता है, तो कहीं भी मौजूद पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति होती है.

आमतौर पर विदेशों में भी हिंदू मंदिर में पुजारी मिल जाते हैं, लेकिन किसी कारणवश अगर वो घर पर भोजन के लिए न आ सके तो ऐसे में श्राद्ध वाले दिन आटा, चावल, दाल, घी, गुड़, नमक और ताजी सब्जियां लें. दक्षिणा रखें. अबर हाथ में थोड़ा जल और काले तिल लेकर अपने पितरों का स्मरण करें. फिर इस सामग्री को किसी मंदिर के पुजारी या योग्य व्यक्ति को आदर सहित सौंप दें.

पितृ पक्ष में कौवे को क्यों खिलाते हैं?

धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं में कौवे को पितरों का प्रतीक बताया गया है. ऐसी मान्यता है कि पूर्वज कौवे का रूप धारण करके श्राद्ध का भोजन ग्रहण करने आते हैं. गरुड़ पुराण से जुड़ी मान्यताओं में कौवे को यमराज का दूत या संदेशवाहक भी माना जाता है. इसी कारण श्राद्ध के दौरान कौवे को भोजन कराने की परंपरा चली आ रही है.

Shardiya Navratri 2026: मां दुर्गा इस बार हाथी पर आएंगी, लेकिन उनकी विदाई किस सवारी पर होगी?

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

जागृति सोनी बरसले (Jagriti Soni Barsaley)

धर्म, ज्योतिष और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं पर शोध आधारित लेखन करने वाली डिजिटल पत्रकार

जागृति सोनी बर्सले धर्म, ज्योतिष, वास्तु और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों की अनुभवी डिजिटल पत्रकार और लेखिका हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 10 वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में वह ABP Live (Abplive.com) में बतौर कंसल्टेंट कार्यरत हैं, जहां वह व्रत-त्योहार जैसे नवरात्रि, करवा चौथ, दिवाली, होली, एकादशी, प्रदोष व्रत, हरियाली तीज आदि, रमजान, धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय घटनाओं, शुभ मुहूर्त, वास्तु और फेंगशुई, पंचांग जैसे विषयों पर शोध आधारित और प्रमाणिक लेख लिखती हैं.

विशेषज्ञता (Expertise)

जागृति सोनी बर्सले विशेष रूप से इन विषयों पर लेखन करती हैं:

  • व्रत-त्योहार और भारतीय धार्मिक परंपराएं
  • वैदिक ज्योतिष और ग्रह-नक्षत्र आधारित घटनाएं
  • शुभ मुहूर्त और धार्मिक विधि-विधान
  • वास्तु शास्त्र और फेंगशुई
  • आध्यात्मिक मान्यताएं और सांस्कृतिक परंपराएं

उनके लेखों में धार्मिक विषयों को केवल आस्था के दृष्टिकोण से नहीं बल्कि शास्त्रीय स्रोतों और प्रमाणिक ग्रंथों के आधार पर प्रस्तुत किया जाता है.

शिक्षा और पृष्ठभूमि

जागृति सोनी बर्सले ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से की है.

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर डॉट कॉम से की, जहां डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने धर्म, समाज और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर लेख लिखे.

डिजिटल मीडिया में काम करते हुए उन्होंने टेक्स्ट और वीडियो दोनों फॉर्मेट में काम किया है और वीडियो सेक्शन में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में भी लंबे समय तक योगदान दिया है. इस अनुभव ने उन्हें आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न फॉर्मेट को समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता दी है.

शास्त्रीय अध्ययन और शोध

जागृति सोनी बर्सले की विशेष रुचि धर्म और ज्योतिष के शास्त्रीय अध्ययन में है.

उन्हें प्राचीन धार्मिक ग्रंथों जैसे:

  • धर्म सिंधु
  • मुहूर्त चिंतामणि
  • शकुन शास्त्र
  • वास्तु

का अच्छा ज्ञान है. इन ग्रंथों के आधार पर वह व्रत-त्योहार, पूजा-विधि, ज्योतिषीय घटनाओं और मुहूर्त से जुड़े विषयों को सरल, प्रमाणिक और शोधपरक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं.

योगदान

जागृति सोनी बर्सले एक फ्रीलांस लेखक के रूप में भी कई मंचों पर आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं.

उनका उद्देश्य धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा में विश्वसनीय जानकारी के साथ प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक इन विषयों को समझ सकें और सही जानकारी प्राप्त कर सकें.

व्यक्तिगत रुचियां

अध्यात्म और भारतीय परंपराओं के अध्ययन के प्रति उनकी गहरी रुचि है. खाली समय में उन्हें आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ना पसंद है. यह अध्ययन उनके लेखन को और अधिक गहन, तथ्यपूर्ण और संदर्भ आधारित बनाता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Aaj Ka Panchang 13 October 2026: मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें राहुकाल और शुभ मुहूर्त
Aaj Ka Panchang 13 October 2026: मां चंद्रघंटा की पूजा आज, शाम 7:12 बजे राशि बदलेंगे चंद्रमा, जानें शुभ समय
Sharadiya Navratri Day 3: नवरात्रि के तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानिए शुभ रंग, मंत्र, पूजन विधि और भोग के नियम
Sharadiya Navratri Day 3: नवरात्रि के तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानिए शुभ रंग, मंत्र, पूजन विधि और भोग के नियम
आज का मीन राशिफल 13 अक्टूबर 2026: 8वें चंद्रमा से हठधर्मिता पर रखें काबू, वर्कप्लेस पर जमेगी धाक, ससुराल व दांपत्य में संयम जरूरी
आज का मीन राशिफल 13 अक्टूबर 2026: 8वें चंद्रमा से हठधर्मिता पर रखें काबू, वर्कप्लेस पर जमेगी धाक, ससुराल व दांपत्य में संयम जरूरी
आज का कुंभ राशिफल 13 अक्टूबर 2026: 10वें चंद्रमा से रचनात्मकता व कल्पनाशीलता, मीटिंग में मजबूत इच्छाशक्ति, पेरेंट्स से आर्थिक सहयोग
आज का कुंभ राशिफल 13 अक्टूबर 2026: 10वें चंद्रमा से रचनात्मकता व कल्पनाशीलता, मीटिंग में मजबूत इच्छाशक्ति, पेरेंट्स से आर्थिक सहयोग
Advertisement

वीडियोज

सगाई के बाद... किडनैपिंग का प्लान !
विपक्षी मार्च..'शिव बारात' या 'अराजक जमात'?
Gyanesh Kumar के खिलाफ Rahul Gandhi अब क्या करेंगे?
CEC पर बवाल...अब सुप्रीम कोर्ट ही करेगा समाधान?
Gyanesh Kumar के खिलाफ Rahul Gandhi का 'तांडव'!
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
इंडिया गठबंधन आज करेगा बड़ा ऐलान, राहुल संग चाय पर चर्चा के बाद पीसी, जानें प्लान
इंडिया गठबंधन आज करेगा बड़ा ऐलान, राहुल संग चाय पर चर्चा के बाद पीसी, जानें प्लान
MLC चुनाव से पहले RLM में संग्राम! रामपुकार सिन्हा सस्पेंड, अब 3 MLA पर गिरेगी गाज?
MLC चुनाव से पहले RLM में संग्राम! रामपुकार सिन्हा सस्पेंड, अब 3 MLA पर गिरेगी गाज?
'वे सहमत हुए, क्योंकि मैंने...' रूस-यूक्रेन पीस डील को लेकर ट्रंप का बड़ा दावा
'वे सहमत हुए क्योंकि मैंने कहा...' रूस-यूक्रेन पीस डील पर बोले ट्रंप
नॉर्थ अमेरिका में बॉलीवुड फिल्मों की धूम, 'धुरंधर 2' बनी नंबर 1, जानें- 'दृश्यम 3' को टॉप 10 लिस्ट में मिली कौन सी जगह ?
नॉर्थ अमेरिका में बॉलीवुड फिल्मों की धूम, जानें- टॉप 10 फिल्मों की लिस्ट
इंग्लैंड को झटका, लंबे समय तक बाहर रहेंगे जोस बटलर? हॉस्पिटल से शेयर की तस्वीर
इंग्लैंड को झटका, लंबे समय तक बाहर रहेंगे जोस बटलर? हॉस्पिटल से शेयर की तस्वीर
एक महल से दूसरे महल क्यों भागे फिर रहे सऊदी क्राउन प्रिंस? खालिद एयरपोर्ट बंद
एक महल से दूसरे महल क्यों भागे फिर रहे सऊदी क्राउन प्रिंस? खालिद एयरपोर्ट बंद
शिवा शर्मा मर्डर: हर साल बदल जाता था नंबर, दोस्त की मदद से नेपाल भागी आरोपी श्रद्धा
शिवा शर्मा मर्डर: हर साल बदल जाता था नंबर, दोस्त की मदद से नेपाल भागी आरोपी श्रद्धा
गांधी परिवार की संपत्तियों पर रोक लगाने से HC का इनकार, ED को नहीं मिली राहत
गांधी परिवार की संपत्तियों पर रोक लगाने से HC का इनकार, ED को नहीं मिली राहत
Embed widget