एक्सप्लोरर

नारायण बलि बनाम त्रिपिंडी श्राद्ध, पितृकर्म की दो रहस्यमयी विधियां! जानिए इसके बारे में

Narayan Bali and Tripindi Shraddha: श्राद्ध पक्ष की शुरुआत हो चुकी है, जो 21 सितंबर को सूर्य ग्रहण के अवसर पर खत्म होगा. क्या आप जानते हैं नारायण बलि और त्रिपिंडि श्राद्ध का अर्थ? जानें इसके बारे में.

Narayan Bali and Tripindi Shraddha difference: पितरों का पर्व यानी पितृ पक्ष की शुरुआत हो चुकी है. 7 सितंबर 2025, रविवार के दिन अगस्त ऋषि को तर्पण दिया गया. दूसरे दिन यानी 8 सितंबर 2025 सोमवार को प्रतिपदा श्राद्ध यानी पहला श्राद्ध है, जब लोग अपने पितरों का पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध करेंगे. 

भारतीय संस्कृति में पितृकर्म और श्राद्ध संस्कारों का विशेष महत्व होता है. इन कर्मों का उल्लेख ऋग्वेद, गरुड़ पुराण, धर्मसिंधु, स्मृति ग्रंथ और भविष्य पुराण में देखने को मिलता है. श्राद्ध की दो प्रमुख विधियां हैं, नारायणी बलि और त्रिपिंडी श्राद्ध. दोनों विधियां पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए है. लेकिन दोनों का उद्देश्य और प्रक्रिया एक दूसरे से काफी भिन्न है. 

नारायण बलि क्या होती है?
पितृ पक्ष से जुड़ा एक धार्मिक अनुष्ठान जो पितृदोष निवारण और अकाल मृत्यु के कारण मरे हुए लोगों के लिए किया जाता है. अगर किसी की मृत्यु अकाल स्थिति, दुर्घटना, आत्महत्या, गर्भपात, हिंसक या असामान्य तरीके से होती है, तब आत्मा की शांति के लिए नारायण बलि अनुष्ठान को किया जाता है. 

यह अनुष्ठान तीन दिनों का होता है, जिसमें गेहूं के आटे से बने कृत्रिम शरीर का प्रयोग कर अंतिम संस्कार किया जाता है. साथ ही मंत्रों के जरिए आत्माओं की अधूरी इच्छा को पूरा करके उन्हें शांति मिलती है. 

नारायण बलि श्राद्ध कर्म मुख्य रूप से त्र्यंबकेश्वर (नासिक), सिद्धपुर (गुजरात), गया (बिहार) आदि तीर्थों पर किया जाता है. नारायण बलि का जिक्र गरुड़ पुराण के पूर्व खंड, प्रेत कल्प और धर्मसिंधु में उल्लेख किया गया है. इसके बिना पितृ दोष की निवृत्ति नहीं मानी जाती है. 

त्रिपिंडी श्राद्ध क्या है?
त्रिपिंडी श्राद्ध का मतलब पिछली तीन पीढ़ियों के पूर्वजों का पिंडदान करना. त्रिपिंडी श्राद्ध में ब्रह्मा, विष्णु और शिव की प्रतीकात्मक मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा करके विधिवत पूजन किया जाता है. माना जाता है कि पूर्वज की आत्मा असंतुष्ट होती है तो वो अपने आने वाली पीढ़ियों को परेशान करती है. ऐसे में इन आत्माओं को शांत करने के लिए त्रिपिंडी श्राद्ध किया जाता है. 

महाभारत के अनुशासन पर्व और गया महात्मय में त्रिपिंडी श्राद्ध का महत्व बताया गया है. इस कर्म को न करने पर पितर नाराज हो सकते हैं. 

नारायण बलि और त्रिपिंडि श्राद्ध में मुख्य अंतर

नारायण बलि- अकाल या असामान्य मौत और पितृदोष शांति के लिए कराया जाता है. 
त्रिपिंडि श्राद्ध- सामान्य पितरों की तृप्ति और मोक्ष के लिए किया जाता है. 
नारायण बलि- खास तीर्थ स्थान और प्रायश्चित विधि पर आधारित होती है. 
त्रिपिंडि श्राद्ध- नियमित श्राद्ध परंपरा का हिस्सा है. 
नारायण बलि- जीवत वंशजों की समस्याओं को खत्म करने का उपाय है. 
त्रिपिंडि श्राद्ध- पितरों के लिए आवश्यक कर्म माना गया है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

अंकुर अग्निहोत्री (Ankur Agnihotri)

Astrology & Religion Content Writer

अंकुर अग्निहोत्री ABP Live के Astro & Religion सेक्शन से जुड़े डिजिटल पत्रकार हैं, जो दैनिक राशिफल, व्रत-त्योहार, ग्रह-गोचर और ज्योतिषीय विषयों पर सरल, तथ्य-आधारित और उपयोगी लेखन करते हैं. उनका कंटेंट विशेष रूप से उन पाठकों के लिए तैयार होता है जो ज्योतिष और धर्म को आसान भाषा में समझना चाहते हैं.

अंकुर पिछले 2+ वर्षों से ABP Live (abplive.com) में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और ज्योतिष, अंक शास्त्र, वास्तु शास्त्र, शकुन अपशकुन शास्त्र, हस्तरेखा, स्वप्न शास्त्र, चाइनीच ज्योतिष आदि पर आर्टिकल्स प्रकाशित करते हैं.

उनका काम हाई-फ्रीक्वेंसी कंटेंट प्रोडक्शन, ट्रेंड-आधारित स्टोरी चयन और यूजर-इंटेंट आधारित लेखन पर केंद्रित है, जिससे उनके लेख लगातार अच्छा डिजिटल एंगेजमेंट प्राप्त करते हैं. इसके अतिरिक्त अंकुर अग्निहोत्री निम्नलिखित विषयों पर भी लेखन करते हैं:

  • दैनिक और साप्ताहिक राशिफल
  • ग्रह-गोचर और ज्योतिषीय प्रभाव
  • व्रत-त्योहार और धार्मिक तिथियां

वे अपने लेखों में जानकारी प्रस्तुत करते समय, पंचांग आधारित तिथि, नक्षत्र और योग का संदर्भ लेते हैं. सामान्य ज्योतिषीय सिद्धांतों (ग्रह-स्थिति, गोचर प्रभाव) का उपयोग करते हैं और पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित स्रोतों के आधार पर जानकारी देते हैं. अंकुर ABP Live जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म के साथ जुड़े हैं और Astro सेक्शन में नियमित रूप से कंटेंट प्रकाशित करते हैं.

उनके लेख धार्मिक मान्यताओं, पारंपरिक ज्योतिषीय सिद्धांतों और सामान्य स्रोतों पर आधारित होते हैं. वे किसी भी प्रकार के निश्चित या गारंटीड परिणाम का दावा नहीं करते और पाठकों को जानकारी को मार्गदर्शन के रूप में लेने की सलाह देते हैं. इन्होने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई की है.

अंकुर का फोकस ज्योतिष और धर्म को सरल, व्यावहारिक और समझने योग्य रूप में प्रस्तुत करना है, ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह जानकारी हर वर्ग के पाठकों तक पहुंच सके.

Personal Interests की बात करें तो अंकुर को अंक शास्त्र, वैदिक ज्योतिष, वास्तु और स्वप्न शास्त्र में रुचि. साथ ही साहित्य और फिल्में देखने का शौक है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Aaj Ka Panchang 18 October 2026: सुबह 8:27 बजे लगेगी अष्टमी, फिर दुर्गाष्टमी का व्रत कल क्यों?
Aaj Ka Panchang 18 October 2026: सुबह 8:27 बजे लगेगी अष्टमी, फिर दुर्गाष्टमी का व्रत कल क्यों?
पापांकुशा एकादशी 2026: 21 अक्टूबर से तिथि शुरू, फिर 22 को क्यों रखा जाएगा व्रत?
एकादशी कब है? 20 और 21 अक्टूबर की तारीख को लेकर उलझन, जानें सही दिन और पारण का समय
Aaj Ka Panchang 17 October 2026: सप्तमी दो दिन तो कालरात्रि पूजा कब? जानें सरस्वती पूजा का मुहूर्त और राहुकाल
Aaj Ka Panchang 17 October 2026: सप्तमी दो दिन तो कालरात्रि पूजा कब? जानें सरस्वती पूजा का मुहूर्त और राहुकाल
हरिद्वार, 20 अक्टूबर 2026 से बंद होगी ऊपरी गंगा नहर, जानिए कुंभ की तैयारियों और पानी की सप्लाई पर क्या पड़ेगा असर
हरिद्वार, कुंभ की तैयारियों के लिए 20 अक्टूबर से बंद होगी ऊपरी गंगा नहर, 8 नवंबर तक चलेगा काम

वीडियोज

ABP News: किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने वालों की घंटी बजाओ | Ghanti Bajao
CJP Delhi Protest: अराजकता-अव्यवस्था जिम्मेदार कौन? | Gyanesh Kumar | Congress | Gyanesh Kumar
Kolkata Stampede News: कोलकाता में घायलों से अस्पताल मिलने पहुंचे शुभेंदु! | Breaking News | Puja
Janhit | Congress Protest | Gyanesh Kumar: विरोध के नाम पर 'अराजकता'..क्या सही है ? | Neha Bora
रेलवे स्टेशन पर 510 रुपए का 'घमासान' !

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
हिरासत से रिहा होने के बाद अभिजीत दीपके ने लिखा पोस्ट- ‘मुझे पता था कि...’
हिरासत से रिहा होने के बाद अभिजीत दीपके ने लिखा पोस्ट- ‘मुझे पता था कि...’
'...तो आत्महत्या कर लेना ही बेहतर है', उद्धव ठाकरे ने क्यों कही ये बात?
'...तो आत्महत्या कर लेना ही बेहतर है', उद्धव ठाकरे ने क्यों कही ये बात?
'जेलर 2' बनी 2026 की तीसरी हाईएस्ट ग्रॉसर तमिल फिल्म, तोड़ा टॉप 7 फिल्मों का रिकॉर्ड
'जेलर 2' बनी 2026 की तीसरी हाईएस्ट ग्रॉसर तमिल फिल्म, तोड़ा टॉप 7 फिल्मों का रिकॉर्ड
पांचवां टी20 रद्द होने के बाद क्या बोले अय्यर और होप, पढ़ें भारत-वेस्टइंडीज कप्तान के बयान
पांचवां टी20 रद्द होने के बाद क्या बोले अय्यर और होप, पढ़ें भारत-वेस्टइंडीज कप्तान के बयान
कोलकाता: पूजा पंडाल हादसे में 17 लोगों की मौत
कोलकाता: पूजा पंडाल हादसे में 17 लोगों की मौत
पुराने गैजेट्स को न समझें बेकार! इन 5 तरीकों से फिर आएंगे काम
पुराने गैजेट्स को न समझें बेकार! इन 5 तरीकों से फिर आएंगे काम
UPPSC LT ग्रेड रिजल्ट जारी, 218 अभ्यर्थियों का हुआ चयन
UPPSC LT ग्रेड रिजल्ट जारी, 218 अभ्यर्थियों का हुआ चयन
प्रदर्शन के कारण नहीं हुई बिक्री तो कैसे मिलेगा मुजावजा, क्या हैं नियम?
प्रदर्शन के कारण नहीं हुई बिक्री तो कैसे मिलेगा मुजावजा, क्या हैं नियम?
Embed widget