एक्सप्लोरर

Nirjala Ekadashi 2026: गंगा दशहरा के बाद आती निर्जला एकादशी, क्या ये व्रत कल है, सही तारीख जान लें

Nirjala Ekadashi 2026: गंगा दशहरा के बाद निर्जला एकादशी मनाई जाती है लेकिन इस बार अधिकमास होने की वजह से निर्जला एकादशी 26 जून 2026 को है. ये साल की सबसे बड़ी एकादशी मानी जाती है.

Nirjala Ekadashi 2026: स्कंद पुराण के अनुसार निर्जला एकादशी साल की सबसे बड़ी एकादशी मानी गई है, इस दिन व्रत करने वालों को साल की सभी एकादशी करने के समान पुण्य प्राप्त होता है. सारे दोष, रोग, दरिद्रता मिट जाती है. यही वजह है कि निर्जला एकादशी की डेट तेजी से सर्च की जा रही है.

जो हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि यानी गंगा दशहरा के बाद आती है लेकिन इस बार गंगा दशहरा के बाद निर्जला एकादशी नहीं पद्मिनी एकादशी व्रत किया जाएगा, क्योंकि अभी अधिकमास चल रहे हैं. इस साल निर्जला एकादशी 29 जून 2026 को है, तिथि कब से शुरू होगी,पूजा का मुहूर्त और व्रत पारण कब किया जाएगा यहां जान लें.

निर्जला एकादशी 2026 मुहूर्त

तिथि - ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी की तिथि 24 जून 2026 को शाम 6.12 पर शुरू होगी और अगले दिन 25 जून 2026 को रात 8 बजकर 09 मिनट पर समाप्त होगी.

पूजा समय - निर्जला एकादशी के दिन श्रीहरि की पूजा का समय सुबह 10.39 से दोपहर 2.09 मिनट तक रहेगा.

निर्जला एकादशी व्रत पारण समय

निर्जला एकादशी का व्रत पारण 26 जून 2026 को सुबह 5.25 से सुबह 8.13 तक किया जाएगा. पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय रात 10.22 तक है.

साल की सबसे बड़ी एकादशी

जो श्रद्धालु साल की सभी चौबीस एकादशियों का उपवास करने में सक्षम नहीं है उन्हें केवल निर्जला एकादशी उपवास करना चाहिए क्योंकि निर्जला एकादशी उपवास करने से दूसरी सभी एकादशियों का लाभ मिल जाता हैं. निर्जला एकादशी के बारे में ग्रंथों का कहना है कि इस व्रत को विधि-विधान से करने वालों की उम्र बढ़ती है और मोक्ष मिलता है.

कठिन लेकिन सबसे प्रभावशाली व्रत

एकादशी व्रतों में निर्जला एकादशी व्रत सबसे कठिन होता है. निर्जला एकादशी व्रत को करते समय श्रद्धालु लोग भोजन ही नहीं बल्कि पानी भी ग्रहण नहीं करते हैं. पौराणिक कथा के कारण इसे पाण्डव एकादशी और भीमसेनी एकादशी या भीम एकादशी के नाम से भी जाना जाता है.

  •  इस एकादशी के व्रत में स्नान एवं आचमन करते समय यदि मुख में जल चला जाये तो इसका कोई दोष नहीं है,लेकिन आचमन में 6 माशे से अधिक जल नहीं लेना चाहिये.
  • इस आचमन से शरीर की शुद्धि हो जाती है. आचमन में 6 माशे से अधिक जल मद्यपान के समान है.
  • इस दिन भोजन नहीं करना चाहिये. भोजन करने से व्रत का नाश हो जाता है.
  • भूखे ब्राह्मण को भोजन कराना चाहिये. तत्पश्चात् स्वयं भोजन करना चाहिये.

Guru Gochar 2026: गुरु 2 जून को करेंगे कर्क राशि में एंट्री, इन 4 राशियों को होगा डबल फायदा

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

जागृति सोनी बरसले (Jagriti Soni Barsaley)

धर्म, ज्योतिष और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं पर शोध आधारित लेखन करने वाली डिजिटल पत्रकार

जागृति सोनी बर्सले धर्म, ज्योतिष, वास्तु और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों की अनुभवी डिजिटल पत्रकार और लेखिका हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 10 वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में वह ABP Live (Abplive.com) में बतौर कंसल्टेंट कार्यरत हैं, जहां वह व्रत-त्योहार जैसे नवरात्रि, करवा चौथ, दिवाली, होली, एकादशी, प्रदोष व्रत, हरियाली तीज आदि, रमजान, धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय घटनाओं, शुभ मुहूर्त, वास्तु और फेंगशुई, पंचांग जैसे विषयों पर शोध आधारित और प्रमाणिक लेख लिखती हैं.

विशेषज्ञता (Expertise)

जागृति सोनी बर्सले विशेष रूप से इन विषयों पर लेखन करती हैं:

  • व्रत-त्योहार और भारतीय धार्मिक परंपराएं
  • वैदिक ज्योतिष और ग्रह-नक्षत्र आधारित घटनाएं
  • शुभ मुहूर्त और धार्मिक विधि-विधान
  • वास्तु शास्त्र और फेंगशुई
  • आध्यात्मिक मान्यताएं और सांस्कृतिक परंपराएं

उनके लेखों में धार्मिक विषयों को केवल आस्था के दृष्टिकोण से नहीं बल्कि शास्त्रीय स्रोतों और प्रमाणिक ग्रंथों के आधार पर प्रस्तुत किया जाता है.

शिक्षा और पृष्ठभूमि

जागृति सोनी बर्सले ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से की है.

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर डॉट कॉम से की, जहां डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने धर्म, समाज और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर लेख लिखे.

डिजिटल मीडिया में काम करते हुए उन्होंने टेक्स्ट और वीडियो दोनों फॉर्मेट में काम किया है और वीडियो सेक्शन में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में भी लंबे समय तक योगदान दिया है. इस अनुभव ने उन्हें आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न फॉर्मेट को समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता दी है.

शास्त्रीय अध्ययन और शोध

जागृति सोनी बर्सले की विशेष रुचि धर्म और ज्योतिष के शास्त्रीय अध्ययन में है.

उन्हें प्राचीन धार्मिक ग्रंथों जैसे:

  • धर्म सिंधु
  • मुहूर्त चिंतामणि
  • शकुन शास्त्र
  • वास्तु

का अच्छा ज्ञान है. इन ग्रंथों के आधार पर वह व्रत-त्योहार, पूजा-विधि, ज्योतिषीय घटनाओं और मुहूर्त से जुड़े विषयों को सरल, प्रमाणिक और शोधपरक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं.

योगदान

जागृति सोनी बर्सले एक फ्रीलांस लेखक के रूप में भी कई मंचों पर आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं.

उनका उद्देश्य धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा में विश्वसनीय जानकारी के साथ प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक इन विषयों को समझ सकें और सही जानकारी प्राप्त कर सकें.

व्यक्तिगत रुचियां

अध्यात्म और भारतीय परंपराओं के अध्ययन के प्रति उनकी गहरी रुचि है. खाली समय में उन्हें आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ना पसंद है. यह अध्ययन उनके लेखन को और अधिक गहन, तथ्यपूर्ण और संदर्भ आधारित बनाता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Karwa Chauth 2026: सरगी से लेकर पूजा तक भद्रा का साया नहीं, 29 अक्टूबर को किस समय दिखेगा चांद? नोट करें सही टाइम
Karwa Chauth 2026: सरगी से लेकर पूजा तक भद्रा का साया नहीं, 29 अक्टूबर को किस समय दिखेगा चांद? नोट करें सही टाइम
वाल्मीकि जयंती विशेष: क्या केवल जन्म से कोई महान बनता है या कर्म से? जानिए आदिकवि का दर्शन
वाल्मीकि जयंती विशेष: क्या केवल जन्म से कोई महान बनता है या कर्म से? जानिए आदिकवि का दर्शन
Meera Bai Jayanti 2026: आज कैसे करें कृष्ण पूजा? जानें शुभ समय, विधि और महत्व
आज मीराबाई जयंती, जानिए कृष्ण पूजा का समय, भोग और घर पर पूजा की विधि
Kartik Maas 2026: 27 अक्टूबर से शुरुआत; दीपदान, तुलसी-आंवला पूजन और खान-पान के इन 7 नियमों से मिलेगा अक्षय पुण्य
कार्तिक मास 2026: 27 अक्टूबर से शुरुआत; दीपदान, तुलसी-आंवला पूजन और खान-पान के इन 7 नियमों से मिलेगा अक्षय पुण्य

वीडियोज

Sansani | ABP News: No Parking का शैतान...नजरों के सामने खूनी खेल !
Mallikarjun Kharge on PM Modi News: कांग्रेस बौखलाई...'बाप-दादा' पर आई! | Breaking | ABP News
Janhit with Chitra Tripathi: बड़े-बड़े कांग्रेसी..'सेल्फ गोल' के 'महारथी'! | Kharge on PM Modi
Mallikarjun Kharge on PM Modi News: 'बाप भी जाएगा' vs 'मोदी कहीं नहीं जाएगा' | Breaking | ABP News
Sandeep Chaudhary: Iran-US के बीच फिर बढ़ा तनाव...महंगाई निकालेगी दम? | Inflation | Crude Oil | ABP

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
कोलकाता: लड़की को Kiss करना लड़के को पड़ा भारी, मिली ये खौफनाक सजा
कोलकाता: लड़की को Kiss करना लड़के को पड़ा भारी, मिली ये खौफनाक सजा
यूपी बीजेपी ने जारी की लिस्ट, मुख्तार अब्बास नकवी और विनय कटियार का भी नाम
यूपी बीजेपी ने जारी की लिस्ट, मुख्तार अब्बास नकवी और विनय कटियार का भी नाम
CJP की पूरी टीम से मिले अभिजीत दीपके, कहा- मेरे बिना कोई गार्डन में नहीं घूमेगा
CJP की पूरी टीम से मिले अभिजीत दीपके, कहा- मेरे बिना कोई गार्डन में नहीं घूमेगा
IPL 2027 से पहले CSK में बड़ा भूचाल! माइकल हसी समेत 5 कोच ने छोड़ा साथ
IPL 2027 से पहले CSK में बड़ा भूचाल! माइकल हसी समेत 5 कोच ने छोड़ा साथ
'जेलर 2' बनी रजनीकांत की दूसरी 700 करोड़ी फिल्म! बनाया एक्टर की नंबर 1 हाईएस्ट ग्रॉसर होने का रिकॉर्ड
'जेलर 2' बनी रजनीकांत की दूसरी 700 करोड़ी फिल्म! बनाया एक्टर की नंबर 1 हाईएस्ट ग्रॉसर होने का रिकॉर्ड
'ईरान इस्लामी देशों के बीच एकजुटता का करता है समर्थन', राष्ट्रपति पेजेश्कियान का बड़ा बयान
'ईरान इस्लामी देशों के बीच एकजुटता का करता है समर्थन', राष्ट्रपति पेजेश्कियान का बड़ा बयान
कौन-कौन सी किताब लिख चुका उमर खालिद, क्या है इसका सब्जेक्ट?
कौन-कौन सी किताब लिख चुका उमर खालिद, क्या है इसका सब्जेक्ट?
बिहार के गयाजी से बैंकॉक के लिए सीधी उड़ान, CM सम्राट ने दिखाई हरी झंडी
बिहार के गयाजी से बैंकॉक के लिए सीधी उड़ान, CM सम्राट ने दिखाई हरी झंडी
Embed widget