एक्सप्लोरर

Jyotirlinga Darshan: दर्शन के बाद क्यों होता है 'एनर्जी असंतुलन'? जानें इससे जुड़ी खास बातें

Jyotirlinga Darshan: क्या ज्योतिर्लिंग दर्शन के बाद तबीयत बिगड़ना किसी नकारात्मक ऊर्जा के बाहर निकलने का संकेत है? जानिए मंदिर यात्रा के बाद शरीर में होने वाले बदलावों का असली सच.

Jyotirlinga Darshan: सनातन धर्म में 12 ज्योतिर्लिंगों का विशेष महत्व है. माना जाता है कि इन पवित्र स्थानों पर भगवान शिव साक्षात रूप में विराजमान हैं. यही वजह है कि ओंकारेश्वर (मध्य प्रदेश), मल्लिकार्जुन (आंध्र प्रदेश), त्र्यंबकेश्वर (महाराष्ट्र), काशी विश्वनाथ (उत्तर प्रदेश) और महाकालेश्वर (उज्जैन) जैसे शक्तिशाली ऊर्जा केंद्रों पर सालभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है. लेकिन अक्सर कई भक्तों के साथ एक अजीब घटना होती है, दर्शन करने के बाद अचानक उनका शरीर भारी होने लगता है, थकान होती है या तबीयत बिगड़ने लगती है.

सोशल मीडिया से लेकर आम चर्चाओं तक, लोग इसके अलग-अलग कारण बताते हैं. आइए जानते हैं कि इस स्थिति को लेकर धार्मिक मान्यताएं क्या कहती हैं और इसके पीछे का वैज्ञानिक व व्यावहारिक सच क्या है.

क्या नकारात्मक ऊर्जा का बाहर निकलना है वजह? 

अध्यात्म और ऊर्जा विज्ञान के जानकारों का मानना है कि इन पवित्र मंदिरों में अत्यधिक उच्च आध्यात्मिक ऊर्जा और तीव्र कंपन होते हैं. जब कोई व्यक्ति इन गर्भगृहों में प्रवेश करता है, तो वहां की सकारात्मक ऊर्जा शरीर पर गहरा प्रभाव डालती है.

मान्यता है कि इस तीव्र सकारात्मकता के संपर्क में आने से शरीर के भीतर लंबे समय से संचित नकारात्मक विचार, तनाव और नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलने लगती है. इस आंतरिक शुद्धि (Cleansing Process) के कारण व्यक्ति का शरीर कुछ समय के लिए भारीपन, सिरदर्द या थकावट महसूस कर सकता है. इसे एक प्रकार का आध्यात्मिक डिटॉक्स माना जाता है, जिससे डरने की जरूरत नहीं होती.

साधना, उपवास और श्रद्धा का नियम

धार्मिक दृष्टि से देखें तो ज्योतिर्लिंगों की यात्रा नियमों और संयम से बंधी होती है. श्रद्धालु अक्सर दर्शन से पूर्व उपवास रखते हैं, मीलों पैदल चलते हैं और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान के ध्यान में लीन रहते हैं. दर्शन के समय जब उनकी भक्ति पराकाष्ठा पर होती है, तो भावुकता और आंतरिक ऊर्जा के ऊर्ध्वगमन (Energy Shift) के कारण भी दर्शन के तुरंत बाद शरीर पूरी तरह शांत और शिथिल हो जाता है, जिसे लोग कभी-कभी कमजोरी या तबीयत का नासाज होना मान लेते हैं.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का क्या है कहना? 

लंबी यात्रा और शारीरिक थकान: ज्योतिर्लिंगों की यात्रा में अक्सर लोगों को लंबा सफर तय करना पड़ता है. नींद पूरी न होना, समय पर भोजन न मिलना और घंटों लाइनों में खड़े रहने से शरीर बुरी तरह थक जाता है.

मौसम और ऑक्सीजन का स्तर: केदारनाथ जैसे ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित ज्योतिर्लिंगों में ऑक्सीजन का स्तर कम होता है. अचानक ऊंचाई पर जाने से 'एल्टीट्यूड सिकनेस' हो सकती है, जिससे चक्कर आना और उल्टी जैसी समस्याएं आम हैं.

भीड़ और डिहाइड्रेशन: गर्भगृह में भारी भीड़ के कारण उमस होना और पर्याप्त पानी न पीने से शरीर में डिहाइड्रेशन हो जाता है, जिससे तुरंत तबीयत खराब महसूस होने लगती है.

यह भी पढ़े- Jagannath Rath Yatra 2026: रथ की रस्सी खींचने से पहले जान लें ये नियम, क्यों मनाई जाती है जगन्नाथ रथ यात्रा?

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

हर्षिका मिश्रा, एस्ट्रोलॉजर

हर्षिका मिश्रा ABP Live में ‘ज्योतिष और धर्म’ बीट को कवर करने वाली एक डिजिटल पत्रकार हैं. ज्योतिष शास्त्र में 3 वर्षों के अनुभव के साथ, वे पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक संदर्भ में समझाने और पाठकों तक सटीक एवं संतुलित जानकारी पहुंचाने पर काम करती हैं.

नई दिल्ली स्थित AIMC से ‘टेलीविजन और रेडियो प्रोडक्शन’ में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद, हर्षिका ने मीडिया जगत में अपनी एक विशिष्ट और प्रगतिशील पहचान बनाई है. पिछले एक वर्ष में उन्होंने ज्योतिष और धर्म से जुड़े विषयों पर निरंतर कार्य करते हुए एक स्पष्ट, सरल और भरोसेमंद लेखन शैली विकसित की है.

हर्षिका का कार्य पारंपरिक ज्योतिष को आज के समय की जरूरतों से जोड़ना है. वे वैदिक ज्योतिष, अंक ज्योतिष (Numerology), वास्तु शास्त्र और शकुन शास्त्र जैसे विषयों को केवल भविष्यवाणी तक सीमित नहीं रखतीं, बल्कि उन्हें Gen-Z की सोच, करियर से जुड़े निर्णयों और रिलेशनशिप की समझ के साथ एकीकृत करती हैं. उनका फोकस जटिल ज्योतिषीय अवधारणाओं को सरल, व्यावहारिक और उपयोगी रूप में प्रस्तुत करने पर रहता है.

वे मानती हैं कि ज्योतिष का उद्देश्य भय फैलाना नहीं, बल्कि व्यक्ति को सही समय (Timing) की समझ देकर बेहतर और संतुलित निर्णय लेने में सक्षम बनाना है. अपनी स्क्रिप्ट लेखन और वीडियो प्रोडक्शन की समझ के जरिए वे ग्रहों के गोचर और धार्मिक विश्लेषणों को एक ‘प्रैक्टिकल गाइड’ के रूप में प्रस्तुत करती हैं, जिससे पाठक उन्हें अपने जीवन में उतार सकें.

उनका लेखन श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म सिद्धांत से प्रेरित है, जो जीवन में संतुलन और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है. ज्योतिष और पत्रकारिता के अलावा, हर्षिका की रुचि संगीत, साहित्य और यात्राओं में है, जो उनके दृष्टिकोण को गहराई और विविधता प्रदान करती हैं.

हर्षिका का उद्देश्य ज्योतिष को अंधविश्वास के दायरे से बाहर निकालकर एक समझदारीपूर्ण, व्यावहारिक और जीवनोपयोगी मार्गदर्शक के रूप में स्थापित करना है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Jyotirlinga Darshan: दर्शन के बाद क्यों होता है 'एनर्जी असंतुलन'? जानें इससे जुड़ी खास बातें
नेगेटिव एनर्जी का बाहर निकलना या कुछ और? ज्योतिर्लिंग दर्शन के बाद तबीयत खराब होने का असली सच
Gupt Navratri 2026: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि पर बन रहा है ‘शश-महालक्ष्मी’ योग, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
Gupt Navratri 2026: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि पर बन रहा है ‘शश-महालक्ष्मी’ योग, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
Half Year Horoscope 2026: क्या सिंह राशि वालों को मिलेगा बड़ा पद? जुलाई के बाद ग्रह दे रहे हैं खास संकेत
सिंह राशि वालों, जुलाई के बाद बदल सकती है आपकी पहचान! जानिए अगले 6 महीनों का भविष्यफल
Shivling Puja: शिवलिंग के सामने ताली बजाना पुण्य है या पाप? जानें 3 ताली का वो रहस्य जो बहुत कम लोग जानते हैं
Shivling Puja: शिवलिंग के सामने ताली बजाना पुण्य है या पाप? जानें 3 ताली का वो रहस्य जो बहुत कम लोग जानते हैं
Advertisement

वीडियोज

DR. Aarambhi: 🤨Aarambhi और Dhruv के ठुमके देख Vishwas को लगी मिर्ची, रखी पैनी नज़र! #sbs
US Iran War | Crude Oil Price Hike | Israel: अमेरिका-ईरान महायुद्ध से सबसे खुश हैं नेतन्याहू!
US Iran War | Crude Oil Price Hike | Hormuz: ईरान ने बंद किया 'होर्मुज जलडमरूमध्य'!
Breaking News | Datia Bypoll 2026: दतिया की जंग कौन जीतेगा ? Narottam Mishra? | Congress | ABP
Breaking | US Iran War | America Attack Bahrain: खाड़ी में छिड़ गया 'विश्व युद्ध'!
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अब भारत का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा चीन-पाकिस्तान, दोस्त रूस का बड़ा ऑफर, बदलेगा एशिया का शक्ति संतुलन
अब भारत का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा चीन-पाक, दोस्त रूस का बड़ा ऑफर, बदल जाएगा एशिया का शक्ति संतुलन
समाजवादी पार्टी पर भड़के कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, कहा- 'मेरे ऊपर चार चिंटू...'
समाजवादी पार्टी पर भड़के कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, कहा- 'मेरे ऊपर चार चिंटू...'
'बच्चा-बच्चा कट मरेगा...', पाकिस्तान के खिलाफ PoK में जनसैलाब, मुजफ्फराबाद मार्च लिखेगा आजादी की नई पटकथा
'बच्चा-बच्चा कट मरेगा...', पाकिस्तान के खिलाफ PoK में जनसैलाब, मुजफ्फराबाद मार्च लिखेगा आजादी की नई पटकथा
सलमान खान का नया काउबॉय लुक हुआ वायरल, पेंडेंट ने खींचा सबका ध्यान, फैंस बोले- टशन में रहते हैं
सलमान खान का नया काउबॉय लुक हुआ वायरल, पेंडेंट ने खींचा सबका ध्यान, फैंस बोले- टशन में रहते हैं
गौतम गंभीर-श्रेयस अय्यर को हटाने को लेकर ये क्या बोल गए संजय मांजरेकर, बताया किसकी वजह से हारा भारत
गौतम गंभीर-श्रेयस अय्यर को हटाने को लेकर ये क्या बोल गए संजय मांजरेकर, बताया किसकी वजह से हारा भारत
Lindsey Graham Death: 'अचानक मौत के लिए तैयार रहो', ट्रंप के करीबी के मारे जाने के बाद ईरान की खौफनाक चेतावनी
'अचानक मौत के लिए तैयार रहो', ट्रंप के करीबी के मारे जाने के बाद ईरान की खौफनाक चेतावनी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में सुप्रीम कोर्ट ने SIT से मांगी जांच रिपोर्ट, 20 जुलाई को सुनवाई
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में सुप्रीम कोर्ट ने SIT से मांगी जांच रिपोर्ट, 20 जुलाई को सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने पलटा गुवाहाटी हाई कोर्ट का फैसला, 27 लोगों को विदेशी घोषित करने पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने पलटा गुवाहाटी हाई कोर्ट का फैसला, 27 लोगों को विदेशी घोषित करने पर लगाई रोक
Embed widget