एक्सप्लोरर

भारत के 6 मंदिर जहां पुरुषों का प्रवेश वर्जित है! जानें इसके पीछे का रहस्य?

भारत में कुछ ऐसे भी मंदिर हैं, जहां खास अनुष्ठानों के दौरान पुरुषों की एंट्री पर प्रतिबंध लगी हुई है. इनमें मां कमाख्या मंदिर से लेकर अट्टुकल भगवती मंदिर शामिल हैं. जानिए ऐसे ही 6 मंदिरों के बारे में.

"यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।"

शास्त्रों में कहा गया है कि, जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहां ईश्वर का वास होता है. 

जब कभी भी हम भारत में मंदिरों में प्रवेश के बारे में बात करते हैं, तो विवाद आमतौर पर एक ही दिशा में जाती है. हम महिलाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों के बारे में सुनते हैं. हम अदालती मामलों के बारे में सुनते हैं. हम समानता बनाम परंपरा के बारे में कहते हैं. 

कौन हैं 'रंगाधारी'? जिनका प्रसाद घर की शादीशुदा बेटियों को भी नहीं दिया जाता! जानिए इसके पीछे का सच?

लेकिन इस कहानी का एक दूसरा पहलू भी है, जिसके बारे में बहुत कम बात की जाती है. क्या आप जानते हैं भारतवर्ष में कुछ ऐसे भी मंदिर हैं, जहां पुरुषों को कुछ खास स्थानों पर जाने की अनुमति नहीं है, और कुछ मामलों में विशिष्ट अनुष्ठानों दौरान तो उन्हें बिल्कुल भी प्रवेश की अनुमति नहीं होती है.

इन मंदिरों के बाहर आपको किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन देखने को नहीं मिलेगा. किसी भी तरह का वायरल हैशटैग भी नहीं, नियम ज्ञात हैं जिनका हर कोई सम्मान करता है और बिना विरोध के मानता है. 

भारत के 6 मंदिर जहां पुरुषों का प्रवेश वर्जित है! जानें इसके पीछे का रहस्य?

अट्टुकल भगवती मंदिर, केरल

अट्टुकल भगवती मंदिर केरल में स्थित यह मंदिर जिसे आमतौर पर महिलाओं का सबरीमाला कहा जाता है. प्रसिद्ध अट्टुकल पोंगल उत्सव के दौरान लाखों की संख्या में महिलाएं देवी को प्रसाद चढ़ाने के लिए इक्ट्ठा होती हैं. सड़कें पवित्र रसोईघर में बदल जाती हैं. आग एक साथ उठती है. इस दौरान यहां पर लाखों महिला भक्तों का जमावाड़ा लग जाता है. 

इस अनुष्ठान के दौरान पुरुष एक तरफ हट जाते हैं. इसका कारण प्रतीकात्मक है. देवी की पूजा उनके उग्र और रक्षाशील रूप में की जाती है और यह अनुष्ठान नारी ऊर्जा की सामूहिक अभिव्यक्ति के रूप में रचा है. मंदिर में पुरुषों को शत्रुता की वजह से बाहर नहीं रखा जाता, बल्कि वे उस खास आध्यात्मिक अभिव्यक्ति का भाग नहीं हैं. उन कुछ घंटों के लिए वह स्थान पूरी तरह से महिलाओं का होता है. 

भारत के 6 मंदिर जहां पुरुषों का प्रवेश वर्जित है! जानें इसके पीछे का रहस्य?

चक्कुलाथुकावु मंदिर, केरल

केरल के ही चक्कुलाथुकावु मंदिर में हर साल एक अनोखी घटना घटित होती है. नारी पूजा के दौरान महिलाओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है. मंदिर का मुख्य पुजारी प्रतीकात्मक रूप से महिला भक्तों के पैर को धोता है. 

इस अनुष्ठान में परंपरागत ताकत का ढांचा उलट जाता है. आमतौर पर समाज में पुरुषों को महिलाओं से अधिक अधिकार मिलते हैं. लेकिन यहां केंद्र में स्त्रियों की भूमिका अहम होती है. वह केवल पूजा करने वाली नहीं है, बल्कि उसे देवी के रूप में भी पूजा जाता है.  

भारत के 6 मंदिर जहां पुरुषों का प्रवेश वर्जित है! जानें इसके पीछे का रहस्य?

राजस्थान, पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर

राजस्थान के पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर स्थित है. हालांकि इस मंदिर में पुरुष भी दर्शन कर सकते हैं, लेकिन कुछ खास पूजा स्थलों पर विवाहित पुरुषों को पूजा-अर्चना करने की अनुमति नहीं है. इसके पीछे एक पौराणिक कथा है.

मंदिर से जुड़ी कथा के मुताबिक, ब्रह्मा द्वारा किए जा रहे एक यज्ञ के दौरान मां सरस्वती काफी गुस्सा हो गई थीं. इसी कथा के चलते विवाहित पुरुषों द्वारा इस मंदिर कुछ अनुष्ठान करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया. यह नियम सदियों से यूहीं कायम हैं. 

भारत के 6 मंदिर जहां पुरुषों का प्रवेश वर्जित है! जानें इसके पीछे का रहस्य?

मां कामाख्या मंदिर, असम 

असम में स्थित मां कामाख्या मंदिर भारत के सबसे शक्तिशाली पीठों में से एक है. इस मंदिर में देवी की पूजा मानव रूप में नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक पत्थर की संरचना के सम्मान के रूप में की जाती है, जो स्त्रीत्व गर्भ का प्रतिनिधित्व करती है.

अंबुबाची मेले के दौरान हर साल मंदिर तीन दिनों के लिए बंद कर दिया जाता है. यह अवधि देवी के मासिक धर्म चक्र का प्रतीक है. मंदिर के दौबारा खुलने पर भक्त प्रकृति की उर्वरता और सृजनात्मक शक्ति का उत्सव मनाते हैं.

हालांकि पुरुष पर स्थायी प्रतिबंध नहीं है, लेकिन ये अनु्ष्ठान गहन से स्त्री रचना और पवित्र प्रजनन क्षमता पर केंद्रित है. संदेश काफी प्रभावशाली है. एक ऐसे समाज में जहां मासिक धर्म को अक्सर कलंक समझा जाता है, यह मंदिर इसे पवित्र मानता है. 

भारत के 6 मंदिर जहां पुरुषों का प्रवेश वर्जित है! जानें इसके पीछे का रहस्य?

संतोषी माता मंदिर वृंदावन

संतोषी माता मंदिर वृंदावन स्थानीय मंदिरों में महिलाएं अनुष्ठानिक कार्यों का प्रतिनिधित्व करती हैं. कुछ खास दिनों में पुरुषों को गर्भगृह में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होती है.

संतोषी माता की पूजा परिवार के कल्याण और खुशहाली के लिए शुक्रवार का व्रत रखने वाली महिलाओं द्वारा व्यापक रूप से की जाती है. यह प्रतिबंध औपचारिक निषेध से बढ़कर भक्तिमय संस्कृति से जुड़ी है. 

भारत के 6 मंदिर जहां पुरुषों का प्रवेश वर्जित है! जानें इसके पीछे का रहस्य?

भगवती मंदिर, तमिलनाडु

तमिलनाडु दक्षिण भारत के कुछ भगवती मंदिरों में ऐसे अनुष्ठान होते हैं, जिनमें कुछ खास समारोहों के दौरान पुरुषों को गर्भगृह में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होती है. देवी की पूजा कुंवारी देवी के रूप में की जाती है, जो पवित्रता, स्वतंत्रता और आत्मनिर्भर शक्ति का प्रतीक हैं. 

ये सीमाएं देवी की प्रतीकात्मक पहचान को सुदृढ़ करती हैं. इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि, मनुष्य अपवित्र हैं. बल्कि यह है कि, अनुष्ठान देवी की एक पवित्र प्रतीज्ञा या अवस्था का प्रतिनिधित्व करता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

अंकुर अग्निहोत्री (Ankur Agnihotri)

Astrology & Religion Content Writer

अंकुर अग्निहोत्री ABP Live के Astro & Religion सेक्शन से जुड़े डिजिटल पत्रकार हैं, जो दैनिक राशिफल, व्रत-त्योहार, ग्रह-गोचर और ज्योतिषीय विषयों पर सरल, तथ्य-आधारित और उपयोगी लेखन करते हैं. उनका कंटेंट विशेष रूप से उन पाठकों के लिए तैयार होता है जो ज्योतिष और धर्म को आसान भाषा में समझना चाहते हैं.

अंकुर पिछले 2+ वर्षों से ABP Live (abplive.com) में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और ज्योतिष, अंक शास्त्र, वास्तु शास्त्र, शकुन अपशकुन शास्त्र, हस्तरेखा, स्वप्न शास्त्र, चाइनीच ज्योतिष आदि पर आर्टिकल्स प्रकाशित करते हैं.

उनका काम हाई-फ्रीक्वेंसी कंटेंट प्रोडक्शन, ट्रेंड-आधारित स्टोरी चयन और यूजर-इंटेंट आधारित लेखन पर केंद्रित है, जिससे उनके लेख लगातार अच्छा डिजिटल एंगेजमेंट प्राप्त करते हैं. इसके अतिरिक्त अंकुर अग्निहोत्री निम्नलिखित विषयों पर भी लेखन करते हैं:

  • दैनिक और साप्ताहिक राशिफल
  • ग्रह-गोचर और ज्योतिषीय प्रभाव
  • व्रत-त्योहार और धार्मिक तिथियां

वे अपने लेखों में जानकारी प्रस्तुत करते समय, पंचांग आधारित तिथि, नक्षत्र और योग का संदर्भ लेते हैं. सामान्य ज्योतिषीय सिद्धांतों (ग्रह-स्थिति, गोचर प्रभाव) का उपयोग करते हैं और पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित स्रोतों के आधार पर जानकारी देते हैं. अंकुर ABP Live जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म के साथ जुड़े हैं और Astro सेक्शन में नियमित रूप से कंटेंट प्रकाशित करते हैं.

उनके लेख धार्मिक मान्यताओं, पारंपरिक ज्योतिषीय सिद्धांतों और सामान्य स्रोतों पर आधारित होते हैं. वे किसी भी प्रकार के निश्चित या गारंटीड परिणाम का दावा नहीं करते और पाठकों को जानकारी को मार्गदर्शन के रूप में लेने की सलाह देते हैं. इन्होने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई की है.

अंकुर का फोकस ज्योतिष और धर्म को सरल, व्यावहारिक और समझने योग्य रूप में प्रस्तुत करना है, ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह जानकारी हर वर्ग के पाठकों तक पहुंच सके.

Personal Interests की बात करें तो अंकुर को अंक शास्त्र, वैदिक ज्योतिष, वास्तु और स्वप्न शास्त्र में रुचि. साथ ही साहित्य और फिल्में देखने का शौक है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Surya Grahan 2026 Time LIVE: आज 4 घंटे 24 मिनट तक रहेगा सूर्य ग्रहण, भारत में दिखाई देगा या नहीं, अपडेट्स देखें
Surya Grahan 2026 Time LIVE: आज 4 घंटे 24 मिनट तक रहेगा सूर्य ग्रहण, भारत में दिखाई देगा या नहीं, अपडेट्स देखें
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण का बुरा असर क्या सच में गर्भवती पर पड़ता है ?
सूर्य ग्रहण का बुरा असर क्या सच में गर्भवती पर पड़ता है ?
12 अगस्त को एक साथ अमावस्या और सूर्य ग्रहण, पूजा करें या लगेगा सूतक? जानें सही नियम
12 अगस्त की अमावस्या मत चूक जाना, एक लोटा जल और ये 4 काम बदल सकते हैं जीवन की दिशा
Solar Eclipse 2026: भारत में नहीं दिखेगा सूर्य ग्रहण, फिर आज क्यों महसूस हो रही थकान?
Solar Eclipse 2026: भारत में ग्रहण नहीं दिखेगा, फिर आज सुस्ती या सिरदर्द क्यों? जानिए वैज्ञानिक सच

वीडियोज

Bigg Boss 20: Salman Khan ने खोला ‘Tathas-Two’ का राज, Contestants को मिलेंगी 2 Lives
Mirzapur: The Movie Trailer में Pankaj Tripathi, Ali Fazal और Divyenndu की वापसी, बड़े पर्दे पर मचेगा बवाल Title: English Headline
Bollywood News: अक्षय-सैफ की ब्लॉकबस्टर जोड़ी का कमबैक, 'खिलाड़ी' का एक्शन या 'अनाड़ी' का अंदाज़—कौन जमाएगा रंग? (12-08-26)
Mannat-Vikrant के सेट पर 'truth और dare' का तड़काए, क-दूसरे की पोल खोलते आए नजर!
Trisha Krishnan की Cryptic Post ने Vijay-Sangeetha के बीच बढ़ाई Divorce Buzz पर चर्चा

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘डिलीट करें पोस्ट, मांगें माफी, नेताजी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी पर सख्त शुभेंदु
‘डिलीट करें पोस्ट, मांगें माफी, नेताजी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी पर सख्त शुभेंदु
महाराष्ट्र: अजित पवार के बाद NCP में अंदरूनी खींचतान तेज, पार्टी की कमान पर घमासान!
महाराष्ट्र: अजित पवार के बाद NCP में अंदरूनी खींचतान तेज, पार्टी की कमान पर घमासान!
इंग्लैंड टेस्ट से पहले अख्तर की बाबर सेना को चेतावनी, बोले- 'अंग्रेज तुम्हारे सामने...'
इंग्लैंड टेस्ट से पहले अख्तर की बाबर सेना को चेतावनी, बोले- 'अंग्रेज तुम्हारे सामने...'
जूनियर एनटीआर की सक्सेसफुली पूरी हुई कंधे की सर्जरी, जानें अब कैसी है तबीयत
जूनियर एनटीआर की सक्सेसफुली पूरी हुई कंधे की सर्जरी, जानें अब कैसी है तबीयत
‘‘इटैलियन माता जी उन्हें...’’, सरकार पर हमलावर राहुल गांधी पर कंगना का बड़ा हमला
‘‘इटैलियन माता जी उन्हें...’’, सरकार पर हमलावर राहुल गांधी पर कंगना का बड़ा हमला
एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया, फरवरी तक संभालेंगे जिम्मेदारी
एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया, फरवरी तक संभालेंगे जिम्मेदारी
‘जल्द शुरू होने जा रहा जंतर-मंतर का सीजन-2’, दीपके बोले- बहुत लोग कर रहे थे कमेंट
‘जल्द शुरू होने जा रहा जंतर-मंतर का सीजन-2’, दीपके बोले- बहुत लोग कर रहे थे कमेंट
हिमाचल में कुदरत का कहर, सिरमौर में ढहा दो मंजिला मकान, 2 की मौत
हिमाचल में कुदरत का कहर, सिरमौर में ढहा दो मंजिला मकान, 2 की मौत
Embed widget