Babies Sleep Listening To Lullaby: लोरी सुनते ही कैसे सो जाता है बच्चा, इसका नींद से क्या कनेक्शन?
Babies Sleep Listening To Lullaby: अक्सर बच्चें सोते नहीं और रोने लगते हैं, तो उनको लोरी सुना के सुलाने की सलाह दी जाती है. क्योंकि लोरी सुनते ही बच्चा सुरक्षित महसूस करता है.

Babies Sleep Listening To Lullaby: सदियों से भारतीय समाज में बच्चों को सुलाने के लिए लोरी सुनाने की परंपरा चली आ रही है. मां की धीमी और मीठी आवाज में लोरी सुनते ही रोता हुआ बच्चा भी पल भर में शांत हो जाता है और गहरी नींद में सो जाता है.आखिर लोरी और नींद का ऐसा क्या कनेक्शन है कि लोरी सुनते ही बच्चे को तुरंत नींद आ जाती है. तेज आवाज में रोता हुआ बच्चा एक लोरी में गहरी नींद लेने लगता है. इसके पीछे कोई बड़ा साइंस नहीं है, दरअसल लोरी की लय बच्चों के दिल की धड़कन को शांत करता है, जिससे बच्चा सोने लग जाता है.
लोरी का अहसास
जब बच्चा मां के पेट में होता है, तब से ही वो मां की आवाज और उसके दिल की धड़कन को सुनता रहता है. ऐसे में जब मां बच्चे को सीने से लगाकर धीमी आवाज में लोरी गाती है तो बच्चे को वहीं सुरक्षित माहौल याद आ जाता है. मां की यह सुरीली आवाज बच्चे को याद दिलाती है कि वह बिल्कुल सुरक्षित है. सुरक्षित होने का यही अहसास बच्चे को सोने में मदद करता है. साथ ही जब बच्चा छोटा होता है, तब उसका नर्वस सिस्टम पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता है. इस वजह से जब कोई तेज आवाज में बोलता है या चिल्लाता है तो ऐसे माहौल से बच्चे डर जाते हैं और फिर वह रोने लगते हैं.
साइंस के मुताबिक, जब बच्चा एक ही लय में गाए जाने वाली लोरी या संगीत को सुनता है, तो उसके दिल की धड़कन और सांस लेने की गति धीमी हो जाती है. लोरी का शांत संगीत बच्चे के शरीर को रीलेक्स कर देता है जिससे उसे सुस्ती आने लगती है और वह सोने लगता है.
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तनाव कम करने वाले हार्मोन का कम होना
जब बच्चा रोता है या चिड़चिड़ा होने लगता है, तब उसके शरीर में कॉर्टिसोल नाम का स्ट्रेस हार्मोन तेजी से बढ़ने लगता है. ऐसे समय में जब वह माता-पिता की शांत आवाज को सुनता है तो उसका दिमाग तुरंत शांत हो जाता है. इससे बच्चे के शरीर में ऑक्सीटोसिन और एंडोर्फिन जैसे खुशी के हार्मोन रिलीज होते हैं. ये हार्मोन बच्चे के दर्द और तनाव को कम करते हैं. जिससे बच्चा आसानी से सो जाता है. साथ ही छोटे बच्चे अक्सर अपने आसपास की तेज आवाजों या खुद के किसी तेज दर्द जैसे दांत दर्द, पैर दर्द से रोने लग जाते हैं.
ऐसे में जब बच्चे लोरी सुनते है तो उनका ध्यान अपनी तकलीफ और दर्द से हटकर लोरी की मीठी आवाज की ओर केंद्रित होने लगता है. इसे मेडिकल भाषा में ऑडियो विजुअल डिस्ट्रेक्शन कहते है. जब बच्चे का ध्यान कहीं ओर चला जाता है तो वह अपने दर्द को भुलकर आंखें बंद कर लेता है और सो जाता है.
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