पीरियड्स के दौरान बाल धुलने चाहिए या नहीं, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
जैसे रसोई में न जाना, अचार न छूना, पूजा-पाठ से दूर रहना, ठंडा पानी न पीना और यहां तक कि बाल भी न धोना. इन बातों को अक्सर परंपरा या घर के बड़े-बुजुर्गों की सीख कहकर मान लिया जाता है

पीरियड्स महिला शरीर की एक बिल्कुल सामान्य और प्राकृतिक प्रक्रिया है. यह हर महीने लगभग हर महिला के जीवन का हिस्सा होती है. इसके बावजूद हमारे समाज में आज भी पीरियड्स को लेकर चुप्पी, झिझक और ढेर सारी गलत धारणाएं मौजूद हैं.कई बार लड़कियों को बचपन से ही यह सिखा दिया जाता है कि पीरियड्स के दौरान क्या करना है और क्या नहीं, लेकिन इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण बताया नहीं जाता है. भारत में खासतौर पर पीरियड्स को लेकर कई तरह के नियम और पाबंदियां बनाई गई हैं.
जैसे रसोई में न जाना, अचार न छूना, पूजा-पाठ से दूर रहना, ठंडा पानी न पीना और यहां तक कि बाल भी न धोना. इन बातों को अक्सर परंपरा या घर के बड़े-बुजुर्गों की सीख कहकर मान लिया जाता है. इन्हीं में से एक बहुत आम मिथक है कि पीरियड्स के दौरान बाल धोने से ब्लीडिंग बढ़ जाती है या शरीर में ब्लड क्लॉट बन जाते हैं. ऐसे में महिलाओं के मन में सवाल उठता है कि क्या सच में पीरियड्स में बाल धोना नुकसानदायक है और क्या इससे पीरियड फ्लो पर असर पड़ता है. तो आइए जानते हैं कि पीरियड्स के दौरान बाल धुलने चाहिए या नहीं, इस पर एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं.
पीरियड्स क्या होते हैं?
पीरियड्स को मेडिकल भाषा में मेंस्ट्रुएशन कहा जाता है.हर महीने महिला के शरीर में हार्मोन के कारण यूट्रस की अंदरूनी परत मोटी होती है, ताकि अगर प्रेग्नेंसी हो तो भ्रूण को जगह मिल सके. जब प्रेग्नेंसी नहीं होती, तो यह परत टूट कर खून और टिश्यू के रूप में शरीर से बाहर निकल जाती है. यही प्रक्रिया पीरियड्स कहलाती है.यह पूरी प्रक्रिया हार्मोन्स के जरिए कंट्रोल होती है, न कि बाहरी चीजों जैसे नहाना, बाल धोना या पानी का तापमान.
पीरियड्स के दौरान बाल धुलने चाहिए या नहीं
बाल धोने और पीरियड्स की ब्लीडिंग के बीच कोई भी वैज्ञानिक या मेडिकल संबंध नहीं है.बाल धोने से न तो ब्लड फ्लो बढ़ता है और न ही शरीर में ब्लड क्लॉट बनते हैं.जो लोग यह मानते हैं कि सिर पर पानी डालने से पीरियड्स पर असर पड़ता है, यह सिर्फ एक पुरानी और गलत धारणा है, जिसका कोई मेडिकल सबूत नहीं है.
एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार पीरियड्स के दौरान बाल धोना पूरी तरह सुरक्षित है. आज तक ऐसा कोई शोध या मेडिकल रिपोर्ट नहीं है, जो यह साबित करे कि पीरियड्स में हेयर वॉश करने से कोई नुकसान होता है. पीरियड्स एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसमें रोजमर्रा के काम करना बिल्कुल सामान्य है. डॉक्टरों का साफ कहना है कि महिलाओं को साफ-सफाई बनाए रखना इस समय और भी जरूरी होता है.
पीरियड्स के दौरान बाल धोने के फायदे
अगर आप इस दौरान बाल धोती हैं, तो इसके कई फायदे हो सकते हैं. शरीर और मन दोनों फ्रेश महसूस करते हैं, चिड़चिड़ापन और बेचैनी कम होती है, गर्म पानी से सिर धोने पर हल्की ऐंठन में राहत मिल सकती है, साफ-सफाई बनी रहती है, जो मेंस्ट्रुअल हाइजीन के लिए जरूरी है.
पीरियड्स में बाल धोते समय किन बातों का ध्यान रखें?
अगर आप पीरियड्स के दौरान हेयर वॉश कर रही हैं, तो कुछ आसान बातों का ध्यान रख सकती हैं. जैसे गुनगुना या गर्म पानी यूज करें. गर्म पानी मांसपेशियों को आराम देता है और सिर दर्द या ऐंठन में राहत दे सकता है. इसके अलावा माइल्ड शैम्पू चुनें. इस समय हार्मोनल बदलावों के कारण स्कैल्प थोड़ी संवेदनशील हो सकती है, इसलिए हल्का शैम्पू बेहतर रहता है. बालों के साथ नरमी बरतें, जोर से रगड़ने या खींचने से बचें और धीरे-धीरे बाल धोएं. अगर आपको बहुत कमजोरी या चक्कर जैसा महसूस हो, तो उस दिन हेयर वॉश टालना भी बिल्कुल ठीक है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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