आई ब्रूफिन खाने से पहले पढ़ लें ये खबर!

नई दिल्लीः क्या आप पेनकिलर के तौर पर आईब्रूफिन खाते हैं? क्या, आप सोचते हैं ब्रूफिन खाना सेफ है? अगर हां, तो जरा ठहरिए और इस खबर पर नजर डालिए. जी हां, एक हालिया रिसर्च के मुताबिक, जैसा आप सोचते हैं कि ब्रूफिन खाना सेफ है तो आप गलत सोचते हैं. साइड इफेक्ट होते हैं इन दवाओं के- आईब्रूफिन, नैप्रोसिन और सेलेकोसिब्स कुछ ऐसी दवाएं हैं जो बहुत ज्यादा इस्तेमाल की जाती हैं. खासतौर पर अमेरिका में. ये नॉन स्ट्रेरॉइडल एंटी-इंफलेमेट्री ड्रग्स (NSAID) के बहुत से साइड इफेक्ट्स भी देखे गए हैं. क्या है खतरा- बीएमजे में पब्लिश रिसर्च के मुताबिक, इस तरह की दवाएं लेने से हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ जाता है. ये रिस्क ओवरऑल 20% से लेकर 50% तक बढ़़ जाता है. खासतौर पर रोजाना 1,200mg आईब्रूफिन लेने पर. हालांकि ये खतरा लंबे समय तक नहीं रहता. दवाएं बंद करने के कुछ समय बाद टल भी सकता है. पहले से ही है हार्ट प्रॉब्लम्स तो...
हार्ट अटैक का ज्यादा खतरा पहले महीने में आईब्रूफिन और अन्य पेनकिलर के अधिक डोज लेने से रहता है. जिन लोगों को पहले से ही हार्ट प्रॉब्लम्स हैं या हार्ट रिलेटिड कोई डिजीज है तो उनमें से खतरा और अधिक बढ़ जाता है. नोट: ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.
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Source: IOCL























