एक्सप्लोरर

Exam Preparation: क्या रातभर जागकर पढ़ते हैं? जानें बड़े नुकसान

Students Sleep: छात्रों पर पूरे सिलेबस को खत्म करने और ज्यादा से ज्यादा रिवीजन करने का दबाव बढ़ जाता है. ऐसे में कई छात्र रातभर जागकर पढ़ाई करना शुरू कर देते हैं.

Why Late Night Studying Is Bad For Exams: परीक्षा नजदीक आते ही छात्रों पर पूरे सिलेबस को खत्म करने और ज्यादा से ज्यादा रिवीजन करने का दबाव बढ़ जाता है. ऐसे में कई छात्र रातभर जागकर पढ़ाई करना शुरू कर देते हैं. उन्हें लगता है कि नींद के कुछ घंटे कम करके पढ़ाई के लिए अतिरिक्त समय निकाला जा सकता है. खासकर जब सिलेबस अधूरा हो तो पूरी रात जागकर पढ़ना परीक्षा की तैयारी का आसान तरीका लग सकता है. लेकिन यह आदत फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकती है.

रात में कुछ घंटे ज्यादा पढ़ लेने का मतलब यह जरूरी नहीं कि परीक्षा में प्रदर्शन भी बेहतर होगा. नींद पूरी न होने पर याददाश्त, एकाग्रता और तार्किक तरीके से सोचने की क्षमता प्रभावित हो सकती है. इसका नतीजा यह हो सकता है कि जिस जानकारी को छात्र पहले अच्छी तरह याद कर चुका था, उसे भी परीक्षा के दौरान याद करने में परेशानी होने लगे. वीबी एनाटॉमी एकेडमी की संस्थापक, काउंसलर और मेडिकल एजुकेटर डॉ. वैशाली भराम्बे ने एचटी लाइफस्टाइल से बातचीत में बताया कि परीक्षा के दौरान पढ़ाई के लिए नींद छोड़ना सही रणनीति नहीं है. इससे छात्रों की मेहनत का उल्टा असर पड़ सकता है.

रातभर जागकर पढ़ाई करने से क्यों हो सकता है नुकसान?

परीक्षा के समय अक्सर छात्र ज्यादा चैप्टर कवर करने, चीजों को याद करने और रिवीजन पूरा करने के लिए पूरी रात जागते हैं. पहली नजर में ऐसा लगता है कि इससे पढ़ाई के लिए कुछ अतिरिक्त घंटे मिल रहे हैं. लेकिन नींद की कमी का सीधा असर दिमाग के काम करने के तरीके पर पड़ सकता है डॉ. भराम्बे के मुताबिक, विज्ञान में बार-बार यह सामने आया है कि नींद की कमी सीखने की क्षमता को कम करती है. पर्याप्त नींद न लेने से याददाश्त, एकाग्रता और लॉजिकल थिंकिंग प्रभावित होती है. छात्र रात में ज्यादा घंटे पढ़ाई जरूर कर सकते हैं, लेकिन उस समय दिमाग की नई जानकारी को समझने और उसे याद रखने की क्षमता कमजोर हो सकती है.


Exam Preparation: क्या रातभर जागकर पढ़ते हैं? जानें बड़े नुकसान

यानी केवल ज्यादा समय तक किताब लेकर बैठने का मतलब ज्यादा सीखना या परीक्षा में बेहतर नंबर हासिल करना नहीं है. नींद पूरी न होने पर परीक्षा देते समय पहले से याद की गई जानकारी को याद करने में भी परेशानी हो सकती है.

इसे भी पढ़ें - हार्ट अटैक जितना तेज हो सकता है पीरियड्स का दर्द

परीक्षा में सवाल समझने में भी हो सकती है परेशानी

नींद की कमी का असर केवल याददाश्त तक सीमित नहीं रहता. कमजोर एकाग्रता के कारण छात्रों के लिए परीक्षा के सवालों को ठीक तरह से समझना भी मुश्किल हो सकता है. इसके अलावा जवाब को सही तरीके से लिखने और छोटी-छोटी गलतियों से बचने में भी परेशानी हो सकती है. लॉजिकल थिंकिंग प्रभावित होने से केस आधारित या प्रैक्टिकल सवालों को हल करना मुश्किल हो सकता है. छात्र ने क्लास में जो कॉन्सेप्ट पढ़े हैं, उन्हें किसी नए सवाल या समस्या से जोड़ने में भी परेशानी आ सकती है.


Exam Preparation: क्या रातभर जागकर पढ़ते हैं? जानें बड़े नुकसान

ऐसे में रातभर जागकर छात्र भले ही कुछ अतिरिक्त चैप्टर पढ़ ले या पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल कर ले, लेकिन नींद की कमी के कारण परीक्षा हॉल में अपनी तैयारी को सही तरीके से पेश करना मुश्किल हो सकता है.

शरीर और दिमाग के लिए क्यों जरूरी है नींद?

नींद केवल शरीर को आराम देने का समय नहीं है. डॉ. भराम्बे इसे शरीर के स्वस्थ तरीके से काम करने के लिए जरूरी जैविक प्रक्रिया बताती हैं. अच्छी और पर्याप्त नींद के दौरान दिमाग खुद को रिकवर करता है और एकाग्रता बेहतर होती है. नींद के दौरान शरीर में हार्मोन का संतुलन भी बहाल होता है और सेलुलर रिपेयर की प्रक्रिया चलती है. पर्याप्त नींद बेहतर निर्णय लेने, सही तरीके से सोचने और भावनात्मक रूप से स्थिर रहने में भी मदद करती है.

लगातार नींद कम लेने से बढ़ सकती हैं दूसरी परेशानियां

लंबे समय तक पर्याप्त नींद न लेने का असर शरीर और मानसिक स्वास्थ्य के कई हिस्सों पर पड़ सकता है. एक्सपर्ट के मुताबिक, लगातार नींद की कमी से एंग्जायटी, सिरदर्द और डिप्रेशन का खतरा बढ़ सकता है. इसके साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर हो सकती है. परीक्षा के समय इन समस्याओं का असर और ज्यादा महसूस हो सकता है. एंग्जायटी के कारण परीक्षा से पहले खुद को शांत रखना मुश्किल हो सकता है. सिरदर्द होने पर परीक्षा के दौरान लंबे समय तक ध्यान लगाकर लिखने में परेशानी आ सकती है. वहीं कमजोर इम्युनिटी के कारण परीक्षा के आसपास बीमार पड़ने का खतरा भी बढ़ सकता है.

इसे भी पढ़ें - Mustard Oil vs Olive Oil Benefits: सरसों या जैतून... हार्ट पेशेंट के लिए कौन सा तेल सही?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

About the author सोनम

जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. 

लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. अमर उजाला में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद दैनिक जागरण के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं.

ट्रैवल उनका इंटरेस्ट  एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Arthritis In Children: क्या बच्चों को भी हो सकता है गठिया? जानें 5 बड़े लक्षण
क्या बच्चों को भी हो सकता है गठिया? जानें 5 बड़े लक्षण
ब्रेस्ट कैंसर से लड़ सकता है मधुमक्खी का जहर? वैज्ञानिकों को मिली उम्मीद
ब्रेस्ट कैंसर से लड़ सकता है मधुमक्खी का जहर? वैज्ञानिकों को मिली उम्मीद
चिकनपॉक्स के दाग चेहरे से कैसे हटाएं? इन घरेलू उपायों का करें इस्तेमाल
चिकनपॉक्स के दाग चेहरे से कैसे हटाएं? इन घरेलू उपायों का करें इस्तेमाल
पानी पीते ही बार-बार आती है पेशाब? डॉक्टर की सलाह पर कराएं ये टेस्ट
पानी पीते ही बार-बार आती है पेशाब? डॉक्टर की सलाह पर कराएं ये टेस्ट
Advertisement

वीडियोज

Tiger Shroff Firing News: बॉलीवुड लॉरेंस के कितने 'दुश्मन' ? | Breaking | Mumbai | ABP News
मुंबई से फरार...ट्रेन में सवार...कोटा में गिरफ्तार | Sansani | ABP News
Janhit with Chitra Tripathi: टाइगर..'किस्मत' से जिंदा है! | Tiger Shroff Firing | Mumbai Police
Tiger Shroff Firing Case Update | क्या बॉलीवुड को बनाया जा रहा निशाना?। Mumbai Police | Crime News
Sandeep Chaudhary: SIR पर मचे हंगामा का सटीक विश्लेषण! | Gyanesh Kumar | Rahul Gandhi | Congress
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
RSS के स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं, कहा- 'आने वाले समय में भी देश...'
RSS के स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं, कहा- 'आने वाले समय में भी देश...'
Dussehra 2026: दिल्ली-NCR में भीड़ से लेकर ट्रैफिक पर नजर, 13 हजार पुलिसकर्मी अलर्ट
दिल्ली-NCR में भीड़ से लेकर ट्रैफिक पर नजर, 13 हजार पुलिसकर्मी अलर्ट
सौरव दास-आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत क्यों बढ़ाई, कोर्ट ने कहा- 'साफ पता चलता है कि...'
सौरव दास-आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत क्यों बढ़ाई, कोर्ट ने कहा- 'साफ पता चलता है कि...'
Box Office Clash: 23 अक्टूबर को बड़े पर्दे पर महाक्लैश, रिलीज होंगी 'उड़ता तीर' से 'तू है मेरी किरण' तक 8 धांसू फिल्में
23 अक्टूबर को बड़े पर्दे पर महाक्लैश, रिलीज होंगी 8 धांसू फिल्में
विराट-गंभीर की दोस्ती करवानी है, BCCI ने इस वजह से प्रज्ञान ओझा को बनाया चीफ सेलेक्टर
विराट-गंभीर की दोस्ती करवानी है, BCCI ने इस वजह से प्रज्ञान ओझा को बनाया चीफ सेलेक्टर
पसलियां टूटीं, फेफड़ों में छेद... कोलकाता हादसे के पीड़ितों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासे
पसलियां टूटीं, फेफड़ों में छेद... कोलकाता हादसे के पीड़ितों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासे
रेप पीड़िता को 31वें हफ्ते में गर्भपात की इजाजत, दिल्ली HC की अहम टिप्पणी
रेप पीड़िता को 31वें हफ्ते में गर्भपात की इजाजत, दिल्ली HC की अहम टिप्पणी
'पापा की परी' का दिवाली स्टंट पड़ा भारी! बांहों में फटा रॉकेट
'पापा की परी' का दिवाली स्टंट पड़ा भारी! बांहों में फटा रॉकेट
Embed widget