एक्सप्लोरर

मोतियाबिंद होने के तुरंत बाद करानी होती है सर्जरी? जान लीजिए जवाब

Cataract Surgery : मोतियाबिंद आंखों में होने वाली एक परेशानी है, जिसकी वजह से आंखों की दृष्टि धुंधली होने लगती है। आइए जानते हैं मोतियाबिंद होने के तुरंत बाद सर्जरी की जरूरत होती है या नहीं?

Right Time to Have Cataract Surgery : मोतियाबिंद आंखों में होने वाली काफी आम समस्या है, जो अधिकतर लोगों को उम्र बढ़ने के साथ प्रभावित करती है. इस स्थिति से जूझ रहे लोगों की आंखों के लेंस पर धुंधलापन आ जाता है, जिसकी वजह से उनकी नजरें कमजोर होने लगती हैं. ऐसे में अगर आंखों में किसी तरह की परेशानी महसूस होती है, तो तुरंत जांच की जरूरत होती है. लेकिन सवाल यह है कि क्या मोतियाबिंद का पता लगने के तुरंत बाद सर्जरी करानी होती है? अगर आपके मन में भी यह सवाल है, तो इस लेख में हम आपको इसका जवाब देंगे. आइए जानते हैं मोतियाबिंद का पता चलते ही तुरंत सर्जरी करवाना जरूरी है या नहीं?

क्या मोतियाबिंद होने के तुरंत बाद सर्जरी करानी चाहिए?

आंखों से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज करने से बचना चाहिए. लेकिन अगर आपको मोतियाबिंद का पता चला है, तो इसकी सर्जरी तुरंत कराने की जरूरत नहीं होती है. डॉक्टर्स और कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर मोतियाबिंद होने के बाद भी आपकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित नहीं हो रही है और अच्छी तरह से देख पा रहे हैं, तो इस स्थिति में आप सर्जरी टाल सकते हैं. 

हालांकि, डॉक्टर आमतौर पर शुरुआती स्टेज में चश्मा बदलने, सही रोशनी में पढ़ने और आंखों की देखभाल करने की सलाह देते हैं. लेकिन अगर मोतियाबिंद इतना बढ़ जाए कि आपकी रोजमर्रा की जिंदगी और कामकाज प्रभावित हो रही है, तो ऐसी स्थिति में सर्जरी करवाना आपके लिए सही होता है. 

कब करानी चाहिए मोतियाबिंद की सर्जरी?

अब सवाल यह है कि आखिर मोतियाबिंद की सर्जरी कब करानी चाहिए? तो आपको बता दें कि जब आपकी दृष्टि इतनी धुंधली हो जाए कि आप रोजमर्रा के काम करने में असमर्थ हो जाएं, तो इस स्थिति में आपको तुरंत सर्जरी की आवश्यकता होती है. 

मुख्य रूप से अगर आपको पढ़ने-लिखने, टीवी देखने, खाना पकाने, चलने-फिरने में परेशानी हो रही है, तो इस स्थिति में आपको फौरन डॉक्टर की सलाह लेकर सर्जरी कराने की जरूरत होती है. इसके अलावा अगर डॉक्टर बताए कि मोतियाबिंद बढ़ने से आंखों के दूसरे हिस्सों को नुकसान पहुंच सकता है, तो फौरन सर्जरी करानी चाहिए. 

क्या हैं मोतियाबिंद के लक्षण?

मोतियाबिंद की पहचान आप कुछ लक्षणों से कर सकते हैं, जिससे आप अपना इलाज समय पर शुरू करा सकते हैं.

यह भी पढ़ें : क्या होंठों पर भी हो सकता है कैंसर? जानें बचने के लिए क्या करें

  • रात के समय देखने में परेशानी होना
  • धुंधली दृष्टि होना
  • चमकदार रोशनी से आंखें चौंधिया जाना
  • रंग फीके या पीले नजर आना
  • डबल विजन दिखना
  • बार-बार चश्मे का नंबर बदलना, इत्यादि.

 

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

 

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

About the author मीनू झा

मीनू झा पिछले 8 साल से हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लिख रही हैं. उन्होंने ग्वालियर के जीवाजी यूनिवर्सिटी से इकनॉमिक्स में एमए और भारतीय विद्या भवन से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है. लिखना उनके लिए सिर्फ एक प्रोफेशन नहीं, बल्कि दिल की बात कहने का तरीका है. उन्हें घूमना, पढ़ना और पेंटिंग करना बहुत पसंद है। हर नई जगह, हर नई किताब और हर रंग उनके लेखों में कहीं न कहीं झलकते हैं.

इसके साथ ही स्टोरी की स्ट्रैटेजी से टारगेट हासिल करना है, यही हुनर उनकी असल ताकत है. Digital Skills  डिजिटल युग की मांग को समझते हुए इन्होंने ने SEO और डेटा एनालिटिक्स में अलग-अलग ट्रेनिंग और कोर्स के जरिए अपनी दक्षता को एक नई ऊंचाई दी है. इतना ही नहीं स्वास्थ्य से जुड़ी तस्वीरों की बेहतरीन समझ रखने वाली मीनू Canva जैसे डिज़ाइन टूल्स में एक्सपर्ट हैं, जो उन्हें विज़ुअल कंटेंट प्लानिंग और सोशल मीडिया ऑप्टिमाइजेशन में एक बेहतरीन लीडर के तौर पर उभारता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

केवल 6 महीने में कैंसर को कैसे दें मात? आज से ही फॉलो करें ये टिप्स
केवल 6 महीने में कैंसर को कैसे दें मात? आज से ही फॉलो करें ये टिप्स
दांतों की झनझनाहट को इन घरेलू तरीकों से करें कम, ऐसे मिलेगा आराम
दांतों की झनझनाहट को इन घरेलू तरीकों से करें कम, ऐसे मिलेगा आराम
अस्पतालों में इलाज का खर्च होगा सार्वजनिक, केंद्र का राज्यों को निर्देश
अस्पतालों में इलाज का खर्च होगा सार्वजनिक, केंद्र का राज्यों को निर्देश
आयुष्मान घोटाला; MP के 71 अस्पतालों के 12 करोड़ के क्लेम संदिग्ध
आयुष्मान घोटाला; MP के 71 अस्पतालों के 12 करोड़ के क्लेम संदिग्ध

वीडियोज

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल का पूरा प्लान क्या है?
चाय की चुस्की CEC के खिलाफ विपक्ष की 'नई रणनीति' !
एक चाय, दो बिस्किट-SIR की जंग में कौन 'हिट'
राहुल का प्रोटेस्ट..अमित शाह ने संभाल लिया 'मोर्चा'
विपक्ष की चाय पर चर्चा...आम आदमी का बढ़ेगा खर्चा? सटीक विश्लेषण

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
CEC विवाद: अमित शाह पर कांग्रेस का पलटवार, '...ये साबित करते हैं कि वे 2029 में भी जीतेंगे'
CEC विवाद: अमित शाह पर कांग्रेस का पलटवार, '...ये साबित करते हैं कि वे 2029 में भी जीतेंगे'
अनुष्का के भाई आकाश यादव का बड़ा आरोप, '…पूरे परिवार की हत्या हो जाएगी'
अनुष्का के भाई आकाश यादव का बड़ा आरोप, '…पूरे परिवार की हत्या हो जाएगी'
क्या मोदी कैबिनेट में फेरबदल तय है? एक और मंत्री ने दिया इस्तीफा
क्या मोदी कैबिनेट में फेरबदल तय है? एक और मंत्री ने दिया इस्तीफा
सचिन तेंदुलकर के इन 3 रिकॉर्ड्स को कोई नहीं तोड़ पाएगा, विराट-रूट के लिए भी असंभव
सचिन तेंदुलकर के इन 3 रिकॉर्ड्स को कोई नहीं तोड़ पाएगा, विराट-रूट के लिए भी असंभव
'पति पत्नी और पंगा 2': सिर पर पल्लू लिए सास का हाथ थामे दिखीं मनोज तिवारी की पत्नी सुरभि
'पति पत्नी और पंगा 2': सिर पर पल्लू लिए सास का हाथ थामे दिखीं मनोज तिवारी की पत्नी सुरभि
INDIA गठबंधन पर अभिजीत दीपके बोले, 'मैं सिर्फ ये चाहता हूं कि...
INDIA गठबंधन पर अभिजीत दीपके बोले, 'मैं सिर्फ ये चाहता हूं कि...
'हम एकजुट', इंडिया गठबंधन के नेताओं से बैठक के बाद बोले राहुल- लोकतंत्र की बहाली मिशन
'हम एकजुट', इंडिया गठबंधन के नेताओं से बैठक के बाद बोले राहुल- लोकतंत्र की बहाली मिशन
सियासी हंगामें के बीच CM विजय ने चंद्रबाबू नायडू से की मुलाकात, क्या कुछ हुई बात?
सियासी हंगामें के बीच CM विजय ने चंद्रबाबू नायडू से की मुलाकात, क्या कुछ हुई बात?
Embed widget