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महीने में कितनी बार खा सकते हैं दो पीस जलेबी? जान लीजिए जवाब

यदि आप पहले से ही उच्च-कैलोरी डाइट ले रहे हैं, तो जलेबी जैसी मिठाइयों का सेवन कम करना चाहिए. जो लोग नियमित रूप से व्यायाम करते हैं या शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं.

जलेबी एक ऐसी स्वादिष्ट भारतीय मिठाई है, जिसे देखकर अक्सर मुंह में पानी आ जाता है. हालांकि, यह शुगर और ऑयल से भरपूर होती है, इसलिए इसका सेवन संयमित मात्रा में ही करना चाहि.  दो पीस जलेबी की मात्रा आम तौर पर कम मानी जा सकती है, लेकिन इसे महीने में कितनी बार खाना चाहिए, यह कई बातों पर निर्भर करता है.

जलेबी से क्या हो सकती हैं दिक्कतें?

एक सामान्य और बैलेंस्ड फूड के नजरिए से, महीने में एक से दो बार दो पीस जलेबी खाना अधिकतर स्वस्थ लोगों के लिए स्वीकार्य हो सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि जलेबी में कैलोरी, शुगर और ट्रांस फैट की मात्रा अधिक होती है, जो नियमित रूप से अधिक मात्रा में सेवन करने पर वजन बढ़ने, ब्लड में शुगर लेवल बढ़ने और हार्ट से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकती है.

किन लोगों को नहीं खानी चाहिए जलेबी?

हालांकि, यह सलाह व्यक्ति की उम्र, लाइफस्टाइल, फिजिकल एक्टिविटी और उसके स्वास्थ्य की मौजूदा स्थिति पर भी निर्भर करती है. अगर आप नियमित रूप से व्यायाम करते हैं और आपकी लाइफस्टाइल एक्टिव है, तो आप शायद इसे थोड़ी अधिक बार भी खा सकते हैं. वहीं, डायबिटीज, हृदय रोग या मोटापे से ग्रस्त व्यक्तियों को इसकी मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए. हो सके तो इसका सेवन बहुत कम या बिल्कुल नहीं करना चाहिए.

इन बातों का रखें ध्यान

यदि आप पहले से ही उच्च-कैलोरी डाइट ले रहे हैं, तो जलेबी जैसी मिठाइयों का सेवन कम करना चाहिए. जो लोग नियमित रूप से व्यायाम करते हैं या शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं. वे कैलोरी को अधिक कुशलता से बर्न कर पाते हैं, जिससे वे कभी-कभी मिठाई का सेवन कर सकते हैं. सबसे जरूरी बात ये हैं कि यदि आपको शुगर, हार्ट से जुड़ी बीमारियां या वजन बढ़ने जैसी कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो जलेबी का सेवन बहुत सीमित करना चाहिए या अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.

वैसे तो दो पीस जलेबी एक छोटा भाग होता है. यदि आप इससे अधिक खाते हैं, तो सेवन में कमी करनी होगी. यदि आपका बाकी आहार सब्जियों, फलों, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर है, तो कभी-कभी मिठाई खाना उतना नुकसानदायक नहीं होता. यहां सबसे अहम बात ये है कि यदि आप हेल्दी लाइफस्टाइल बनाए रखते हैं, तो महीने में एक या दो बार दो पीस जलेबी का आनंद लेने में कोई बुराई नहीं है.

मुख्य बात संयम है. जलेबी को एक विशेष अवसर या कभी-कभार के 'ट्रीट' के तौर पर देखें, न कि रोजमर्रा के खानपान का हिस्सा. अपनी डाइट को संतुलित रखें और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ ही खाएं. यदि आपको अपनी कंडीशन के अनुसार संदेह है तो किसी न्यूट्रिशन एक्सपर्ट या डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा रहेगा.

ये भी पढ़ें: हार्ट से लेकर किडनी तक, ज्यादा नमक खाने से ये चीजें हो सकती हैं खराब

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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About the author सोनम

जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. 

लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. अमर उजाला में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद दैनिक जागरण के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं.

ट्रैवल उनका इंटरेस्ट  एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं.

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