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डिप्रेशन का कारण बन सकता है बचपन का मोटापा!

लंदन: अगर आपका बच्चा अधिक वजनी है या कम उम्र से ही मोटापे से पीड़ित है तो सतर्क हो जाएं, क्योंकि कम उम्र का मोटापा जीवन भर के लिए डिप्रेशन का कारण बन सकता है. एक नए शोध में रिसर्चकर्ताओं ने यह पाया है कि आठ और 13 साल की आयु में मोटापा जीवन की किसी अवधि में डिप्रेशन के विकास के तीन गुना जोखिम से संबंधित है.
शोध के दौरान पता चला कि बच्चे और एक वयस्क के रूप में जीवन की दोनों अवधियों में इस रोग से ग्रस्त रहने वालों को केवल व्यस्कावस्था में इस समस्या का सामना करने वालों की तुलना में डिप्रेशन होने की चौगुनी संभावना होती है. व्रीजे यूनिवसिर्टी एम्सटरडम के देबोराह गिब्सन-स्मिथ ने बताया, "हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि कुछ मौलिक चीजें बचपन के अधिक वजन या मोटापा को डिप्रेशन से जोड़ती हैं. आनुवांशिक जोखिम या आत्मसम्मान की कमी भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती है, जो अक्सर उन लोगों में होती है, जो आदर्श शरीर के प्रकार के अनुरूप नहीं होते हैं." इस शोध के लिए रिसर्चकर्ताओं के दल ने 889 प्रतिभागियों का आकलन किया था. यह निष्कर्ष पुर्तगाल में आयोजित यूरोपियन कांग्रेस ऑन ओबेसिटी कार्यक्रम में प्रस्तुत किया गया था. नोट: ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.Check out below Health Tools-
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Source: IOCL

























