बच्चे को मां से विरासत में मिलता है गंजापन, चौंका देगी यह स्टडी
Child Baldness and Genetics: नई स्टडी के अनुसार बच्चे को गंजेपन की समस्या मां से विरासत में मिल सकती है, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स और क्या है इसका वैज्ञानिक कारण.

Child Baldness and Genetics: जब कोई बच्चा पैदा होता है तो लोग सबसे पहले यह देखने लगते हैं कि, वो किस पर गया है. आंखें पापा जैसी हैं या मुस्कान मां जैसी. लेकिन सिर्फ रंग-रूप ही नहीं, बल्कि बालों से जुड़ी समस्याएं भी विरासत में मिल सकती हैं और हैरान करने वाली बात ये है कि, एक नई स्टडी के मुताबिक, गंजापन यानी बालों का झड़ना बच्चे को मां से भी मिल सकता है.
हेयर ट्रांसप्लांट और स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. गौरांग कृष्ण बताते हैं कि, गंजेपन को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि, यह केवल पिता से जुड़ा होता है. लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो बाल झड़ने की समस्या में X क्रोमोसोम की भूमिका होती है, जो बच्चे को मां से प्राप्त होता है. इसका मतलब है कि यदि मां के परिवार में पुरुषों में गंजापन आम है तो बेटे में इसके चांस ज्यादा हो सकते हैं.
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स्टडी में क्या सामने आया?
हाल ही में एक जेनेटिक स्टडी में पाया गया कि, पुरुषों में गंजेपन से जुड़े कई जीन X क्रोमोसोम पर मौजूद होते हैं, जो मातृ पक्ष से आते हैं. इसका मतलब यह हुआ कि बालों की हेल्थ केवल खानपान या तनाव से नहीं, बल्कि आपके डीएनए से भी जुड़ी होती है और खासकर मां की ओर से मिलने वाले जीन से.
बच्चे में गंजेपन की संभावना कैसे बढ़ती है?
जेनेटिक फैक्टर
अगर मां की ओर के पुरुष (नाना, मामा) गंजे हैं, तो बच्चे में भी बाल झड़ने की संभावना अधिक हो जाती है.
हार्मोनल प्रभाव
मां से मिले जीन बालों की ग्रोथ को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे एंड्रोजेनिक एलोपेसिया जल्दी शुरू हो सकती है.
खराब लाइफस्टाइल
अगर विरासत में मिले जीन के साथ खराब लाइफस्टाइल, पोषण की कमी और तनाव भी शामिल हो जाए तो बालों का झड़ना और तेज़ हो जाता है.
क्या इससे बचा जा सकता है?
- जेनेटिक कारणों को बदला नहीं जा सकता, लेकिन कुछ सावधानियों से बालों को बचाने में मदद मिल सकती है.
- समय पर सही हेयर केयर रूटीन अपनाएं
- हेल्दी डाइट लें जिसमें प्रोटीन और आयरन भरपूर हो
- तनाव कम करने के लिए योग या मेडिटेशन करें
- बालों की रेगुलर जांच कराते रहें, ताकि शुरुआती संकेतों को पहचान सकें
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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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Source: IOCL






















