टीवी विज्ञापनों के कारण जंक फूड की ओर आकर्षित हो रहे हैं युवक
टीवी पर घंटों चिपके रहने की बजाय नेटफ्लिक्स जैसी वेबसाइटों पर शो देखना युवकों के स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी है.

लंदन: टीवी पर घंटों चिपके रहने की बजाय नेटफ्लिक्स जैसी वेबसाइटों पर शो देखना युवकों के स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी है.
वैज्ञानिकों ने एक नए अध्ययन में पाया कि टीवी पर दिखाए जाने वाले अधिक विज्ञापन युवकों के खराब स्वास्थ्य के लिए जिम्मेदार हैं.
क्या कहती है रिसर्च- अध्ययन के अनुसार एक साल में टीवी कम देखने वालों की तुलना में टीवी देखने वाले युवक 500 से अधिक अतिरिक्त चिप्स, बिस्कुट और ठंडे पेय जैसी चीजों का सेवन करते हैं.
कैसे की गई रिसर्च- ‘कैंसर रिसर्च यूके’ ने 11 से 19 वर्ष की आयु वाले 3,348 युवकों से उनकी टीवी देखने की आदतों और खानपान से जुड़ी आदतों पर सवाल किए.
टीवी पर धारावाहिकों के दौरान विज्ञापन देखने वाले युवक शक्तिवर्धक और अन्य ठंडे पेय और टेकअवे और चिप्स जैसी चीजों का सेवन अधिक करते हैं.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट- कैंसर रिसर्च यूके की ज्योत्सना वोहरा ने कहा कि हम यह दावा नहीं कर रहे कि टीवी देखने वाले युवक पागलों की तरह जंक फूड खाते हैं लेकिन अध्ययन में पाया गया कि विज्ञापनों और खानपान की आदतों में एक गहरा संबंध है. उन्होंने कहा कि हमारी रिसर्च के अनुसार जंक फूड टीवी मार्केटिंग को कम करने से मोटापे की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी.
ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें.
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Source: IOCL

























