क्वाड शिखर सम्मेलन के लिए ट्रंप के 'जल्द' दौरे की उम्मीद, चीन के खिलाफ हो सकता है भारत का फोकस
ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने गए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि आज से हम एक नए युग की शुरुआत होते देख सकते हैं.

Donald Trump Inauguration: अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के तौर पर सोमवार को शपथ लेने वाले डोनाल्ड ट्रंप के क्वाड शिखर सम्मेलन के लिए जल्द भारत दौरे की उम्मीद है. एबीपी लाइव को ये जानकारी मिली है कि उस दौरान भारत ये भी अपेक्षा कर कहा है कि एक तरफ जहां द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा तो दूसरी तरफ भारतीय सामानों पर लगने वाले टैरिफ पर भी चर्चा होगी.
जब बात भारत-अमेरिका के सामरिक संबंधों की करें तो क्वाड शिखर सम्मेलन के दौरान कुछ खास क्षेत्रों में आपसी सहयोग पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा और हिन्द प्रशांत क्षेत्र चीन के बढ़ते दबदबे के बीच रणनीति पर विचार किया जाएगा.
ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने गए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि आज से हम एक नए युग की शुरुआत होते देख सकते हैं, जहां पर अमेरिका अब अपनी पुरानी विदेश नीति और अपने हितों से ऊपर उठकर वैश्विक परिदृश्य पर विचार करेगा.
उच्च सूत्रों ने एबीपी लाइव से बताया कि क्वाड विदेश मंत्रियों की वाशिंगटन में 21 जनवरी को होनेवाली बैठक में जयशंकर के हिस्सा लेने के मुख्य उद्देश्यों में से एक है क्वाड शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए डोनाल्ड ट्रंप के 'जल्द' भारत दौरे को सुनिश्चित कराना.
दक्षिण एशिया में चीन को काउंटर करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान ही साल 2017 में क्वाड बनाया गया था, जिसे जो बाइडेन के कार्यकाल के दौरान जारी रखा गया. क्वाड की आखिरी बैठक 2024 के सितंबर महीने में की गई थी. ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान चीन के खिलाफ भारत ध्यान केन्द्रित कर सकता है, जिन कदमों से भारत अब तक परहेज करता रहा ताकि बीजिंग की नाराजगी न हो जाए.
एबीपी लाइव के साथ बातचीत में ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के जिंदल स्कूल ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स में प्रोफेसर मोहन कुमार ने बताया-"क्वाड और हिंद प्रशांत क्षेत्र के मुद्दे ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में ज्यादा ध्यान केन्द्रित रहने वाला है. हम इन क्षेत्रों में बेहतरी की उम्मीद करते हैं. क्वाड में शामिल देश (अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान) किसी भी द्विपक्षीय बातचीत से कही ज्यादा खुलकर चीन के खिलाफ यहां पर बातों को रखते हैं."
भारत-यूएस संबंध और व्यापार-टैरिफ
डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति बन जाने के बाद दिल्ली और वाशिंगटन के बीच द्विपक्षीय संबंधों में बड़ा बदलाव आने वाला है. जहां तक आर्थिक पक्ष की बात करें तो टैरिफ में कटौती के साथ ही व्यापारिक स्तर पर भारत भारी बढ़ोतरी की भारत उम्मीद कर रहा है. जहां तक सामरिक पहलुओं की बात है तो नई दिल्ली का ऐसा मानना है कि नए अमेरिका प्रशासन का क्वाड और हिंद प्रशांत क्षेत्र के मुद्दे पर कड़ा रुख रहने वाला है.
सूत्रों के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान कई ऐसे व्यापारिक समझौतों पर सहमति बनी थी, लेकिन उस पर आखिरी मुहर नहीं पायी. नई दिल्ली में अधिकारियों का ऐसा मानना है कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान इस तरफ प्रयास तेज किए जा सकते हैं.
जैमीसन ग्रीर को नए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के रुप में नामित करते हुए पिछले नवंबर को डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था, अमेरिकी व्यापार घाटे को देखते हुए जैमीसन ग्रीर अमेरिकी व्यापार दूत नियुक्त किया जाएगा, जिनका फोकस अमेरिकी उत्पाद, कृषि, सेवा और उत्पादों के निर्यात के लिए हर जगह बाजार खोलना है.
Source: IOCL























