एक्सप्लोरर

गुजरात बनेगा जल्द सेमीकंडक्टर का हब, माइक्रॉन ने किया इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स का पहला बैच हायर

तीन महीने पहले जब भारत सरकार ने माइक्रॉन के साथ समझौता किया था, ते कई शंकालु इस पर सवाल उटा रहे थे, लेकिन अब पौने तीन अरब डॉलर की लागत से साणंद में माइक्रॉन ने फैक्ट्री का निर्माण शुरू कर दिया.

अमेरिकी टेक कंपनी माइक्रॉन ने अपने सेमीकंडक्टर प्लांट के लिए इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स का पहला बैच हायर कर लिया है. अब तक उन्होंने 30 स्टूडेंट्स को मौका दिया है. 25 इंटर्न का पहला बैच जनवरी 2024 में जॉइन करेगा. इस साल के अंत तक 150 और स्टूडेंट्स को हायर किया जाएगा. इनमें से हरेक को 15 से 20 लाख पैकेज दिया गया है और इनमें से अधिकांश बच्चे गुजरात की निरमा यूनिवर्सिटी के हैं. इनमें से कई भूमिपूजन में भी शामिल थे. चिप बनानेवाली इस कंपनी ने पिछले ही महीने अहमदाबाद से करीबन 40 किलोमीटर दूर साणंद में अपनी फैक्ट्री का काम शुरू किया है. उसके तीन महीने पहले भारत सरकार के साथ माइक्रॉन ने समझौता किया था. कंपनी को गुजरात औद्योगिक विकास प्राधिकरण (जीआईडीसी) के इंडस्ट्रियल इस्टेट में जमीन मिली है. माइक्रॉन ने अपनी एसेंबली और टेस्ट फैसिलिटी के लिए टाटा प्रोजेक्ट का चुनाव किया है. कंपनी कुल मिलाकर 2.75 बिलियन डॉलर का निवेश करने वाली है. इससे भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण का पूरा परिदृश्य बदल जाने वाला है. 
 
चिप के लिए ही होगी अगली लड़ाई
 
अभी दुनिया की जो हालत है, उसमें चिप यानी सेमीकंडक्टर निर्माण में जो देश आगे होगा,वही पूरी दुनिया पर राज करेगा. फिलहाल, अमेरिका और चीन इस खेल के अग्रणी खिलाड़ी हैं. आज हमारा पूरा जीवन इन चिपों के ही हवाले है. एक स्मार्टफोन हो या लैपटॉप, कंप्यूटर हो या टीवी, कुछ भी बिना चिप के नहीं है. जो चीज जितनी छोटी नजर आती है, वह दरअसल उतनी ही शक्तिशाली है और चिप पर वर्चस्व के खेल मे ही अमेरिका चूँकि चीन को मात देना चाहता है, इसलिए वह भारत का साथ भी दे रहा है. भारत इस बात को समझता है और इसीलिए देश में ही एंड-टू-एंड सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बने, इस पर काम शुरू हो गया है. इसी कड़ी में हमें माइक्रॉन के फैक्ट्री निर्माण को देखना चाहिए, क्योंकि भारत भी पूरी तैयारी के साथ चिप निर्माण के क्षेत्र में कूद गया है. तीन महीने पहले जब भारत सरकार ने माइक्रॉन के साथ समझौता किया था, ते कई शंकालु इस पर सवाल उटा रहे थे, लेकिन अब पौने तीन अरब डॉलर की लागत से साणंद में माइक्रॉन ने फैक्ट्री का निर्माण पिछले महीने शुरू कर दिया. इसमें माइक्रॉन का हिस्सा 82.5 करोड़ डालर का है और बाकी का निवेश भारत की केंद्र और गुजरात सरकार करेगी. यह अगले साल के अंत तक काम करने लगेगा. कंपनी को 50 फीसदी की वित्तीय मदद केंद्र सरकार से मिलेगी जबकि गुजरात की तरफ से इन्सेंटिव के तौर पर परियोजना की लागत का 20 फीसदी मिलेगा. 
 
भारत बनना चाहता है अगुआ
 
भारत इसलिए भी इस क्षेत्र में बहुत ध्यान दे रहा है, क्योंकि भविष्य इसी का है. माइक्रॉन की इस फैक्ट्री के जरिए भारत दूसरी कंपनियों को भी अपने यहाँ बुलाने की सोच रहा है. माइक्रॉन इसीलिए एक उत्प्रेरक की तरह काम करेगा. यह आवश्यक है कि सरकार और उद्योग एक साथ मिलकर इस क्षेत्र में काम करें, तभी भारत सेमीकंडक्टर का हब बन पाएगा. भारत के लिए इस क्षेत्र में कम चुनौतियां नहीं हैं. एक छोटे से चिप को बनाने के लिए कम से कम 150 प्रकार के खनिज और बाकी पदार्थों का इस्तेमाल होता है. बिजली की अबाध आपूर्ति उसका दूसरा पक्ष है. इस क्षेत्र में भारी मात्रा में निवेश की जरूरत होगी, साथ ही सभी वैश्विक खिलाड़ियों को भी आकर्षित करना होगा. लालफीताशाही और नियंत्रण से मुक्त करना होगा. सबसे जरूरी ये है कि माइक्रॉन का प्रोजेक्ट पूरी तरह सफल हो, ताकि उसे देखकर दूसरे देश और कंपनियाँ भी आकर्षित हों. पिछले साल जुलाई में गुजरात सरकार ने गुजरात सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2022-27 की घोषणा की. यह भारत का पहला राज्य है, जिसने बाकायदा एक समर्पित नीति बनायी है, जो चिप बनाने वाले सेक्टर में निवेश को आक्रषित करेगा. सरकार ने एक अलग से जीईएसएम (गुजरात स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन) भी बनाया है. यह विदेशी निवेश को आकर्षित करेगा. गुजरात की इन्हीं कोशिशों का नतीजा है कि राज्य में दो और सेमीकंडक्टर के प्रस्ताव आए हुए हैं और कुछ महीनों में उन पर भी फैसला हो सकता है. सरकार का लक्ष्य है कि दिसंबर 2024 तक पहला मेड इन इंडिया चिप माइक्रॉन प्लांट से निकल कर आए. प्रधानमंत्री मोदी खुद इस पूरी योजना में गहरी दिलचस्पी ले रहे हैं और यही वजह है कि आइटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने इस फैक्ट्री के भूमिपूजन के अवसर पर कहा कि मोदीजी का वादा है कि भारत सेमीकंडक्टर निर्माण का बड़ा हब बनकर उभरेगा.  
 
भविष्य में सारी आर्थिक लड़ाई सिमट कर चिप निर्माण तक ही सिमटेगी. चीन का पूरी दुनिया में दबदबा अभी इसी वजह से है. यह ठीक है कि भारत को अभी वहां तक पहुंचने में 15-20 साल लगेंगे, लेकिन एक बुलंद शुरुआत हो तो मंजिल बहुत दूर नहीं है. आखिर, दौड़ने से पहले चलना तो सीखना ही पड़ता है. 
व्यालोक जेएनयू और आइआइएमसी से पढ़े हैं. विभिन्न मीडिया संस्थानों जैसे ईटीवी, दैनिक भास्कर, बीबीसी आदि में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव. फिलहाल स्वतंत्र पत्रकारिता और अनुवाद करते हैं.
Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

गोवा में 25 लोगों की मौत के मामले में सरकार का बड़ा एक्शन, लूथरा ब्रदर्स के क्लब पर चला बुलडोजर, देखें वीडियो
गोवा में 25 लोगों की मौत के मामले में सरकार का बड़ा एक्शन, लूथरा ब्रदर्स के क्लब पर चला बुलडोजर, देखें वीडियो
अमरोहा: माता-पिता के बीच सो रहे बच्चे की घुटने से मौत, महज 23 दिन का था मासूम
अमरोहा: माता-पिता के बीच सो रहे बच्चे की घुटने से मौत, महज 23 दिन का था मासूम
जम्मू-कश्मीर के आकिब नबी से यूपी के आकिब खान तक, 5 अनकैप्ड तेज गेंदबाज जो IPL ऑक्शन में बन सकते हैं करोड़पति
जम्मू-कश्मीर के आकिब नबी से यूपी के आकिब खान तक, 5 अनकैप्ड तेज गेंदबाज जो IPL ऑक्शन में बन सकते हैं करोड़पति
Dhamaal 4 Release Date: 'धुरंधर 2' से घबराए अजय देवगन! पोस्टपोन की 'धमाल 4', जानें नई रिलीज डेट
'धुरंधर 2' से घबराए अजय देवगन! पोस्टपोन की 'धमाल 4', जानें नई रिलीज डेट

वीडियोज

Goa Night Club fire Case: अग्निकांड के विलेन, बड़ा खुलासा...बड़ा एक्शन |ABP News | Khabar Gawah Hai
Goa Nightclub Fire Case: नाइट क्लब के मालिकों की संपत्ति पर चलेगा बुलडोजर | Breaking
क्या Gold अभी भी बढ़ेगा? कब और कैसे करें निवेश, जानिए Nilesh Shah MD, Kotak Mahindra AMC की सलाह|
Chanderi की Real Haunted कहानियां, “Stree” की Shooting Spots का सच, Local Legends, Tourism Boom और Handloom Heroes की Untold Journey
Indian Rice Industry को सबसे बड़ा झटका? Trump का नया Trade Move
Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
गोवा में 25 लोगों की मौत के मामले में सरकार का बड़ा एक्शन, लूथरा ब्रदर्स के क्लब पर चला बुलडोजर, देखें वीडियो
गोवा में 25 लोगों की मौत के मामले में सरकार का बड़ा एक्शन, लूथरा ब्रदर्स के क्लब पर चला बुलडोजर, देखें वीडियो
अमरोहा: माता-पिता के बीच सो रहे बच्चे की घुटने से मौत, महज 23 दिन का था मासूम
अमरोहा: माता-पिता के बीच सो रहे बच्चे की घुटने से मौत, महज 23 दिन का था मासूम
जम्मू-कश्मीर के आकिब नबी से यूपी के आकिब खान तक, 5 अनकैप्ड तेज गेंदबाज जो IPL ऑक्शन में बन सकते हैं करोड़पति
जम्मू-कश्मीर के आकिब नबी से यूपी के आकिब खान तक, 5 अनकैप्ड तेज गेंदबाज जो IPL ऑक्शन में बन सकते हैं करोड़पति
Dhamaal 4 Release Date: 'धुरंधर 2' से घबराए अजय देवगन! पोस्टपोन की 'धमाल 4', जानें नई रिलीज डेट
'धुरंधर 2' से घबराए अजय देवगन! पोस्टपोन की 'धमाल 4', जानें नई रिलीज डेट
RTI से वेतन और पेंशन वाले 'खुलासे' पर उपेंद्र कुशवाहा का बड़ा बयान, 'प्रावधान भी यही है कि…'
RTI से वेतन और पेंशन वाले 'खुलासे' पर उपेंद्र कुशवाहा का बड़ा बयान, 'प्रावधान भी यही है कि…'
Dhurandhar OTT Release: ओटीटी पर कहां रिलीज होगी धुरंधर, धुरंधर की ओटीटी रिलीज डेट और धुरंधर की ओटीटी डील
ओटीटी पर कहां रिलीज होगी धुरंधर, धुरंधर की ओटीटी रिलीज डेट और धुरंधर की ओटीटी डील
हेल्थ प्लान लेते वक्त लोग जो भूल कर बैठते हैं, वही बाद में परेशानियां देती हैं
हेल्थ प्लान लेते वक्त लोग जो भूल कर बैठते हैं, वही बाद में परेशानियां देती हैं
देश के मेडिकल कॉलेजों में खाली सीटों का खुलासा, जानें कितनी हैं MBBS में खाली सीटें?
देश के मेडिकल कॉलेजों में खाली सीटों का खुलासा, जानें कितनी हैं MBBS में खाली सीटें?
Embed widget