महोबा: PM मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में सपा सांसद अजेंद्र लोधी की सफाई, बोले- 'AI ने...'
Mahoba News: समाजवादी पार्टी के सांसद अजेंद्र सिंह लोधी ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि मैंने देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ किसी भी आपत्तिजनक या अमर्यादित शब्द का इस्तेमाल नहीं किया.

महोबा में हमीरपुर तिंदवारी से सपा सांसद अजेंद्र सिंह लोधी के प्रधानमंत्री मोदी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में नया मोड़ आ गया है. वीडियो वायरल होने के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए सांसद ने खुद पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. सांसद अजेंद्र सिंह ने दावा किया है कि वायरल वीडियो पूरी तरह फर्जी है और एआई तकनीक के जरिए उनके शब्दों से छेड़छाड़ कर इसे बदनाम करने की साजिश रची गई है. यहीं नहीं उन्होंने बुंदेली कहावत 'लवार बड़ा या दौंदा' का जिक्र कर बीजेपी पर निशाना साधा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमर्यादित टिप्पणी के आरोपों से घिरे हमीरपुर-महोबा लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद अजेंद्र सिंह लोधी ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा, ''मैंने देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ किसी भी आपत्तिजनक या अमर्यादित शब्द का इस्तेमाल नहीं किया.'' इंटरनेट और मोबाइल तकनीक से खुद को दूर बताने वाले सपा सांसद ने इस पूरे विवाद का ठीकरा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई पर फोड़ा है.
'किसी शरारती तत्व ने उनकी फोटो को वायरल किया'
उन्होंने आगे कहा, ''उन्हें बाद में पता चला कि एआई जैसी तकनीक से शब्दों को काटा जा सकता है और यहाँ तक कि नर से नारी और नारी से नर बनाया जा सकता है.'' सांसद ने आरोप लगाया कि किसी शरारती तत्व ने उनकी फोटो को एक जल्लाद के शरीर पर लगाकर भी वायरल किया है. उन्होंने केंद्र सरकार से ऐसे भ्रामक एआई फंक्शन्स पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की है.
'सरकार अपनी झूठ को सही साबित करने की कोशिश कर रही'
विवाद की असल वजह बताते हुए अजेंद्र सिंह ने कहा, ''वे कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने गए थे. वहाँ उन्होंने केवल इतना कहा था कि जनता को डीजल, पेट्रोल, तेल और सोने का कम इस्तेमाल करने की सलाह देने वाले प्रधानमंत्री को खुद भी यह नियम लागू करना चाहिए, जो विदेशों की यात्राएं करते हैं और ढाई लाख का मशरूम खाते हैं. उन्होंने हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसे एआई से बदल दिया गया. यह सरकार अपनी झूठ को सही साबित करने के लिए विपक्ष को सदन से लेकर क्षेत्र तक घेर रही है.''
वहीं आगामी 17 मई को उनके हमीरपुर दौरे पर प्रशासन द्वारा रोक लगाए जाने पर भी उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और प्रशासनिक रवैये को लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया.
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