एक्सप्लोरर

इस देश में नहीं पाल सकते एक गिनी पिग, जानें ऐसा करने पर क्या मिलेगी सजा?

Guinea Pig Rule: दुनिया में एक ऐसा देश भी है जहां पर एक गिनी पिग रखना गैर कानूनी है. आइए जानते हैं कौन सा है वह देश और आखिर यह कानून क्यों है.

Guinea Pig Rule: ज्यादातर देशों में पालतू जानवर रखना हर किसी की अपनी पसंद होती है. लेकिन स्विट्जरलैंड में सिर्फ एक गिनी पिग रखना असल में गैरकानूनी है. यहां अगर आप बिना किसी साथी के एक गिनी पिग रखते हैं तो आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह.

सिर्फ एक गिनी पिग रखना गैर कानूनी क्यों? 

स्विस एनिमल प्रोटक्शन एक्ट के तहत कुछ जानवरों को कानूनी तौर पर काफी ज्यादा सोशल स्पीशीज माना जाता है. गिनी पिग इसी कैटेगरी में आते हैं. गिनी पिग नैचुरली ग्रुप में रहते हैं और अपनी मेंटल हेल्थ के लिए सोशल इंटरेक्शन पर निर्भर रहते हैं. एक को अकेला रखने से स्ट्रेस, डिप्रेशन और बिहेवियर से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं. स्विस अथॉरिटी लंबे समय तक अकेले रहने को जुल्म मानती है क्योंकि यह जानवर की साइकोलॉजिकल हेल्थ पर बुरा असर डालता है. इस वजह से कानून के मुताबिक गिनी पिग को हमेशा जोड़ों में रखना चाहिए. 

नियम तोड़ने पर क्या सजा है? 

अगर कोई मालिक एक गिनी पिग को बिना किसी साथी के रखता है तो उसे पैसे का जुर्माना लग सकता है. पहली बार नियम तोड़ने पर आमतौर पर 100 से 500 स्विस फ्रैंक के बीच जुर्माना लगता है. अगर यह स्थिति बनी रहती है या फिर कई बार रिपोर्ट की जाती है तो जुर्माना बढ़ भी सकता है.  गंभीर या फिर बार-बार होने वाले मामलों में जानवरों की भलाई के नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है. 

स्विट्जरलैंड की अनोखी रेंट ए गिनी पिग सर्विस 

स्विट्जरलैंड में अचानक आने वाली स्थितियों के लिए एक  क्रिएटिव सॉल्यूशन भी है. अगर किसी के पास दो गिनी पिग है और एक मर जाता है तो बचा हुआ जानवर कानूनी तौर पर अकेला नहीं रह सकता. इससे निपटने के लिए खास रेंट ए गिनी पिग सर्विस मौजूद है. यह सर्विस कुछ समय के लिए एक साथी गिनी पिग देती है ताकि बचा हुआ पालतू जानवर अकेला न रहे.

स्विट्जरलैंड दुनिया के कुछ सबसे सख्त जानवरों की सुरक्षा कानून के लिए जाना जाता है. देश के नियम इस सिद्धांत पर आधारित हैं कि जानवरों को सिर्फ शारीरिक ही नहीं बल्कि सामाजिक और मानसिक जरूरतें भी होती हैं. गिनी पिग को साथ की जरूरत होती है. इस बात को कानूनी तौर पर मानकर स्विट्जरलैंड ने नैतिक पालतू जानवरों की ओनरशिप को बढ़ावा देने के लिए एक अनोखा कदम उठाया है.

ये भी पढ़ें:  कितनी खतरनाक थी भारत की पहली महिला डॉन, उसके सामने कहां टिकती है लॉरेंस बिश्नोई की लेडी जहर?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

कोई देश कब कहलाता है सुपर पावर, क्या है इसका पैमाना?
कोई देश कब कहलाता है सुपर पावर, क्या है इसका पैमाना?
अंतरिक्ष में खेती क्यों कर रहा किसान, क्या है Space Farming का भविष्य?
अंतरिक्ष में खेती क्यों कर रहा किसान, क्या है Space Farming का भविष्य?
क्या भारत की तरह पाकिस्तान में भी 3 चुनाव आयुक्त होते हैं, कैसा है वहां का सिस्टम?
क्या भारत की तरह पाकिस्तान में भी 3 चुनाव आयुक्त होते हैं, कैसा है वहां का सिस्टम?
एनालॉग पनीर को बैन क्यों करना चाहता है FSSAI, इससे कितना नुकसान?
एनालॉग पनीर को बैन क्यों करना चाहता है FSSAI, इससे कितना नुकसान?

वीडियोज

पिता की अय्याशी पर मौत का खेल
Ram Mandir Donation Scam | Breaking: 'चढ़ावा चोरी' पर चार्जशीट! | Nripendra Mishra | Champat Rai
Chitra Tripathi | Samastipur-Jamui Case: बिहार पुलिस...मनचलों के साथ या खिलाफ? | Bihar News | ABP
पहचान उजागर करने के मामले में CM Samrat पर होगी कार्रवाई?
SIR Controversy | Gyanesh Kumar: ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा विपक्ष लेकर रहेगा? | Breaking | Congress

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
इमरान के समर्थन में मार्च से घबराए शहबाज! 22 हजार पुलिसकर्मी तैनात, इस्लमाबाद बंद
इमरान के समर्थन में मार्च से घबराए शहबाज! 22 हजार पुलिसकर्मी तैनात, इस्लमाबाद बंद
तरनतारन में अकाली सरपंच के पति की हत्या, घर के बाहर मारी गोली
तरनतारन में अकाली सरपंच के पति की हत्या, घर के बाहर मारी गोली
वेस्टइंडीज सीरीज में बदलेगा विराट कोहली का बैटिंग ऑर्डर? नए एक्पेरिमेंट की तैयारी
वेस्टइंडीज सीरीज में बदलेगा विराट कोहली का बैटिंग ऑर्डर? नए एक्पेरिमेंट की तैयारी
'दसारा' के बाद नानी ने श्रीकांत ओडेला संग 'द पैराडाइज' क्यों की? एक्टर बोले- 'एक बहुत ही रॉ एनर्जी...'
'एक बहुत ही अनोखी और रॉ एनर्जी...' नानी ने बताई 'द पैराडाइज' करने की वजह
‘घबराया हुआ चुनाव आयोग’... कांग्रेस का तंज, फॉर्म 6 पर क्या बोले जयराम रमेश
‘घबराया हुआ चुनाव आयोग’... कांग्रेस का तंज, फॉर्म 6 पर क्या बोले जयराम रमेश
PM मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को किया याद, तारीफ में क्या कहा?
PM मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को किया याद, तारीफ में क्या कहा?
जानवर गंदा पानी भी पचा लेते हैं इंसान क्यों नहीं, कितना अलग है सिस्टम?
जानवर गंदा पानी भी पचा लेते हैं इंसान क्यों नहीं, कितना अलग है सिस्टम?
CBSE के नए बॉस IAS मंदीप के भंडारी कौन हैं, जानें कैसा रहा सफर? 
CBSE के नए बॉस IAS मंदीप के भंडारी कौन हैं, जानें कैसा रहा सफर? 
Embed widget