Women Safety in Delhi: रात को महिलाओं के लिए सेफ क्यों नहीं है दिल्ली? बाकी महानगरों से क्या अलग
Women Safety in Delhi: रात में दिल्ली महिलाओं के लिए कितनी सुरक्षित है? जानें NCRB के आंकड़े क्या कहते हैं और दिल्ली की तुलना मुंबई, बेंगलुरु समेत दूसरे बड़े शहरों से कैसी है.

Women Safety in Delhi: दिल्ली देश की राजधानी है. यहां दिनभर लोगों की भीड़ रहती है. लेकिन रात होते ही कई जगहों पर सड़कों पर लोग कम हो जाते हैं. ऐसे में महिलाओं के लिए रात में अकेले सफर करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. खासकर उन जगहों पर जहां आसपास ज्यादा लोग नहीं होते.
रात में सुनसान सड़कें बढ़ाती हैं डर
रात के समय कई सड़कें खाली हो जाती हैं. दुकानें भी बंद हो जाती हैं और आने-जाने वाले लोग भी कम हो जाते हैं. अगर कोई महिला रात में अकेले ऐसी सड़क से जा रही है तो उसे डर लग सकता है. सुनसान सड़क पर अगर कोई परेशानी हो जाए तो तुरंत मदद मिलना भी मुश्किल हो सकता है.
इसी वजह से रात में अकेले सुनसान रास्ते पर जाने से बचना बेहतर होता है.
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कई जगहों पर कम होती है रोशनी
रात में किसी सड़क पर अच्छी रोशनी होना बहुत जरूरी है. लेकिन कुछ जगहों पर स्ट्रीट लाइट ठीक से काम नहीं करती. कहीं लाइट बहुत कम होती है तो कहीं सड़क का कुछ हिस्सा पूरी तरह अंधेरे में रहता है. ऐसी जगह पर यह पता लगाना मुश्किल होता है कि आसपास कौन है. इसी वजह से महिलाओं को ऐसी जगहों पर ज्यादा डर लगता है. इतना ही नहीं, दिल्ली एनसीआर काफी बड़ा है और इसकी आबादी लगभग 4 करोड़ है. यहां पूरे देश से लोग आते हैं और अपनी रोजी रोटी चलाते हैं. ऐसे में कौन अपराधिक मानसिकता का है ये पता लगाना काफी मुश्किल हो जाता है.
देर रात सफर करना भी बन सकता है परेशानी
रात ज्यादा होने पर बस, ऑटो और दूसरी गाड़ियां भी कम मिल सकती हैं. कई बार महिलाओं को काफी देर तक गाड़ी का इंतजार करना पड़ता है. अगर आसपास कोई नहीं है तो यह समय उनके लिए डर वाला हो सकता है. कैब से सफर करते समय भी महिलाएं अपनी सुरक्षा को लेकर परेशान रहती हैं.
इसलिए रात में सफर करते समय ऐसी गाड़ी लेना बेहतर है जिसकी जानकारी परिवार या किसी भरोसेमंद व्यक्ति के पास हो.
गलत सोच वाले लोगों से खतरा
हर जगह और हर व्यक्ति गलत नहीं होता. लेकिन कुछ लोग महिलाओं को अकेला देखकर उन्हें परेशान करने की कोशिश कर सकते हैं. कोई पीछा कर सकता है, गलत तरीके से बात कर सकता है या रास्ते में रोकने की कोशिश कर सकता है.
रात में आसपास लोग कम होने की वजह से ऐसी स्थिति में मदद मिलना मुश्किल हो सकता है. यही कारण है कि महिलाएं रात में अकेले सफर करते समय ज्यादा सावधानी रखती हैं.
मदद के लिए लोग कम मिलते हैं
दिन में अगर किसी महिला को रास्ते में कोई परेशानी होती है तो आसपास मौजूद लोग मदद कर सकते हैं. लेकिन रात में सड़कें खाली होने के कारण आसपास मदद करने वाला कोई नहीं मिल सकता.
इसलिए रात में ऐसी सड़क से जाना ज्यादा अच्छा है जहां दुकानें खुली हों या लोगों का आना जाना हो.
महिलाओं की सुरक्षा के लिए क्या जरूरी है
महिलाओं को रात में सुरक्षित रखने के लिए सड़कों पर अच्छी रोशनी होना जरूरी है. रात में पुलिस भी बढ़नी चाहिए. बस स्टॉप और मेट्रो के आसपास भी सुरक्षा का ध्यान रखा जाना चाहिए.
इसके अलावा जरूरत पड़ने पर महिलाओं को जल्दी मदद मिल सके, इसकी व्यवस्था भी होनी चाहिए.
रात में सफर करते समय रखें इन बातों का ध्यान
अगर रात में अकेले जाना जरूरी हो तो कोशिश करें कि सुनसान रास्ते से न जाएं. अपनी लोकेशन घर के किसी सदस्य या दोस्त को बता दें. फोन में बैटरी रखें और रास्ते में किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें.
अगर कोई व्यक्ति पीछा कर रहा हो या परेशान कर रहा हो तो किसी ऐसी जगह जाएं जहां लोग मौजूद हों और तुरंत किसी भरोसेमंद व्यक्ति से मदद लें.
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