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अमेरिका ने जमीन के नीचे क्यों छिपा रखा है अपना तेल भंडार, जानें क्या है वजह?

US Oil: अमेरिका ने जमीन के नीचे अपने तेल का रिजर्व रखा है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह और यह तेल कब जारी किया जाता है.

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  • आपूर्ति संकट में तेल बाजार में, पाइपलाइन से पहुँचाया जाता है।

US Oil:आपात स्थिति से निपटने और अपनी अर्थव्यवस्था को अचानक ऊर्जा झटके से बचने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका कच्चे तेल का एक बड़ा आपातकालीन भंडार रखता है जिसे रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व के रूप में जाना जाता है. जमीन के ऊपर बड़े टैंकों में लाखों बैरल भंडारण करने के बजाय अमेरिका इस रणनीतिक भंडार के ज्यादातर हिस्से को टेक्सास और लुइसियाना के तटों के साथ बड़ी नमक गुफाओं में जमीन के नीचे रखता है. लेकिन आखिर इस भूमिगत भंडारण को ही क्यों चुना गया? आइए जानते हैं.

1973 के तेल संकट ने रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व को जन्म दिया 

स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व की उत्पत्ति का पता 1973-74 के अरब तेल प्रतिबंध से लगाया जा सकता है. अरब तेल उत्पादक देशों ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को निर्यात प्रतिबंधित कर दिया. इससे ऊर्जा की काफी ज्यादा कमी पैदा हुई थी. 

तेल की कीमत तेजी से बढ़ने लगी जिस वजह से अमेरिकी उपभोक्ताओं और व्यवसायों पर दबाव पड़ा. अनुभव से पता चला कि अगर एक बड़ी अर्थव्यवस्था की ऊर्जा आपूर्ति अचानक बाधित हो जाए तो वह कितनी कमजोर हो सकती है.

जवाब में अमेरिका ने 1975 में रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व की स्थापना की. इससे एक आपातकालीन भंडार तैयार किया गया जिसका इस्तेमाल सामान्य तेल आपूर्ति को खतरा होने पर किया जा सकता था. 


अमेरिका ने जमीन के नीचे क्यों छिपा रखा है अपना तेल भंडार, जानें क्या है वजह?

तेल को भूमिगत क्यों रखें?

अमेरिका ने पूरी तरह से जमीन के ऊपर स्टील भंडारण टैंकों पर निर्भर रहने के बजाय बड़े भूमिगत नमक संरचनाओं को चुना. नमक की गुफा दीर्घकालिक कच्चे तेल के भंडारण के लिए कई फायदे देती है. 

नमक कच्चे तेल को आसानी से अब्जॉर्ब नहीं करता है. यह पेट्रोलियम को लंबे समय तक गुफा के अंदर रहने में मदद करता है जब भंडारण स्थल ठीक से इंजीनियर और रखरखाव किया जाता है. 

भूमिगत भंडारण सुरक्षा देता है 

रिजर्व को जमीन के नीचे रखने से सुरक्षा की एक और परत जुड़ जाती है. जमीन के ऊपर की बड़ी भंडारण सुविधा के उलट जमीन के नीचे गुफा भौतिक खतरों के प्रति काफी कम संवेदनशील होती हैं. 

सतह के नीचे गहराई में उनका स्थान चरम मौसम, दुर्घटना और संभावित हमले के प्रति संवेदनशीलता को कम कर सकता है. यह खास तौर से राष्ट्रीय आपात स्थिति के लिए डिजाइन किए गए रिजर्व के लिए काफी जरूरी है.

नमक की गुफा किफायती 

दूसरा बड़ा फायदा लागत का है. नमक संरचना में भंडारण क्षमता बनाना जमीन के ऊपर बड़े स्टील टैंकों के निर्माण और रखरखाव की तुलना में काफी सस्ता साबित हो सकता है. करोड़ों बैरल वाले भंडार के लिए, भंडारण लागत में काफी छोटा अंतर भी बड़ी बचत में बदल सकता है. इस वजह से जमीन के नीचे की गुफा सुरक्षा और आर्थिक लाभ दोनों देती है. 


अमेरिका ने जमीन के नीचे क्यों छिपा रखा है अपना तेल भंडार, जानें क्या है वजह?

अमेरिका अपना आपातकालीन तेल कब जारी करता है? 

इस रिजर्व को उन स्थिति के लिए डिजाइन किया गया है जहां तेल आपूर्ति में गंभीर व्यवधान का सामना करना पड़ सकता है. भू राजनीतिक संघर्ष, प्रमुख आपूर्ति रुकावटें और दूसरी ऊर्जा आपात स्थिति की वजह से कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं.

ऐसे समय में अमेरिकी सरकार रिजर्व से कच्चा तेल बाजार में जारी कर सकती है. इसका उद्देश्य साफ है. उद्देश्य में भौतिक आपूर्ति व्यवधान को दूर करने में मदद करना और घरेलू ईंधन की कीमत और व्यापक अर्थव्यवस्था पर दबाव कम करना शामिल है. इस वजह से प्रमुख भू राजनीतिक और ऊर्जा संकट सहित अंतरराष्ट्रीय स्थिरता की अवधि के दौरान रिजर्व एक जरूरी उपकरण बन जाता है.

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तेल रिफाइनरी तक कैसे पहुंचता है? 

तेल को जमीन के नीचे रखने से कोई फायदा नहीं होगा अगर जरूरत पड़ने पर इसे तेजी से वितरित नहीं किया जा सके. इस वजह से रिजर्व बुनियादी ढांचे से जुड़ा है जो कच्चे तेल को भंडारण सुविधाओं से रिफाइनरी और वितरण नेटवर्क की तरफ ले जाने की अनुमति देता है. 

पाइपलाइन और समुद्री परिवहन सुविधा रिजर्व को व्यापक अमेरिकी पेट्रोलियम प्रणाली से जोड़ने में मदद करती हैं. जब सरकार किसी रिलीज को अधिकृत करती है तो यह बुनियादी ढांचा आपातकालीन आपूर्ति को बाजार तक पहुंचने में मदद करता है.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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