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कई बार सांप के काटने के बाद भी क्यों नहीं होती है कुछ लोगों की मौत? जान लीजिए जवाब

सांप का नाम लेते ही उसका खतरनाक जहर सबसे पहले याद आता है, क्योंकि इसका जहर काफी खतरनाक माना जाता है, सांप का जहर और उसके डंक से लोग सबसे ज्यादा डरते हैं.

सांप दुनिया के सबसे खतरनाक और जहरीले जीवों में से एक है. दुनियाभर में सांपों की कई खतरनाक प्रजातियां पाई जाती हैं. सांप का नाम लेते ही उसका खतरनाक जहर सबसे पहले याद आता है, क्योंकि इसका जहर काफी जानलेवा माना जाता है. सांप का जहर और उसके डंक से लोग सबसे ज्यादा डरते हैं. लेकिन सांप का जहर शरीर की कई बीमारियों को दूर करने के लिए भी यूज किया जाता है.
 
सांप के जहर से कई तरह की दवाएं और एंटी-वेनम सीरम या एंटी-टॉक्सिन सीरम बनता है. हालांकि सांप के काटने के बाद इंसान की तुरंत मौत के केस सबसे ज्यादा सामने आते हैं, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे इंसान के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसको कई बार सांप के काटने के बाद उसकी मौत नहीं हुई. चलिए जानते हैं कि इसके पीछे का कारण क्या है.
 
कौन है वो ​इंसान जिसे कई बार सांप ने काटा
अमेरिका के टू रिवर्स नाम के छोटे शहर में रहने वाला एक शख्स टिम फ्रीडे वो इंसान है, जिसे कई बार सांप ने काटा. बताया जाता है ​कि टिम फ्रीडे कई दिनों से बहुत डिप्रेस था और अच्छा महसूस नहीं कर रहा था. ऐसे टिम ने खुद को थोड़ी एनर्जी देने के लिए वह अपने घर की उस जगह पर चला गया, जहां उसने कुछ बहुत जहरीले सांप रखे हुए थे. जिसके बाद उसने जानबूझकर खुद को जहरीले सांपों से डसवा लिया और फिर कुछ दिन तक कोमा में रहा. 
 
लेकिन टिम फ्रीडे ने खुद बताया कि साल 2000 से 2018 तक उसने खुद को 200 से ज्यादा बार सांपों से डसवाया और 650 बार अपने शरीर में जहर इंजेक्ट किया. टिम एक ट्रक मैकेनिक है, उसके पास कोई साइंस की डिग्री नहीं है, लेकिन फिर भी वह वैज्ञानिकों को यह साबित करना चाहता था कि उसकी बॉडी सांपों के जहर से लड़ सकती है.
 
टिम फ्रीडे ने क्या साबित किया  
टिम फ्रीडे ने ये सब इसलिए किया ताकि उसका शरीर सांप के जहर के खिलाफ लड़ने को इम्युनिटी बना सके. इस प्रक्रिया को मिथ्रिडैटिज्म कहते हैं, लेकिन ये बहुत ही खतरनाक है और इसे घर पर करना सही नहीं है. हालांकि जहरीले सांपों से खुद को कटवाने के बाद, टिम को लगने लगा कि उसके शरीर से बेहतर एंटी वेनम बनाया जा सकता है. इसी बीच टिम फ्रीडे ने वैज्ञानिकों को साबित किया और हाल ही में एक फेमस वैज्ञानिक ने बताया कि टिम के खून में ऐसी एंटीबॉडीज हैं जो कई प्रकार के सांपों के जहर से सुरक्षा देती हैं. वैज्ञानिक मानते हैं कि टिम की इस ताकत से एक ऐसा एंटी वेनम बनाया जा सकता है जो दुनियाभर में काम आ सकता है.

कहां है अब टिम फ्रीडे

जब टिम सिर्फ 5 साल का था, तब पहली बार एक मामूली सांप ने उसे काटा था. वह डर गया और रोने लगा. बाद में उसने घर में चुपके से सांप पालने शुरू कर दिए. फिर उसने एक ऐसा कोर्स किया जिसमें बताया गया कि सांप से जहर कैसे निकाला जाता है. जिसके बाद टिम ने सोचा कि वह खुद को भी प्राइमेट के रूप में यूज कर सकता है. उसने खतरनाक सांपों जैसे कोबरा, ब्लैक माम्बा, ताइपन और रैटलस्नेक के जहर से खुद को इम्यून बनाना शुरू किया. हालांकि अब टिम कंपनी SentiVax के लिए काम करता है और 2018 से टिम ने खुद को जहर देना बंद कर दिया है.
 

मानसी उपाध्याय करीब दो साल से डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मूल रूप से उत्तराखंड से जुड़ी मानसी ने अपनी स्कूली शिक्षा केंद्रीय विद्यालय से पूरी की. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए (ऑनर्स) हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की और वर्तमान में राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म कर रही हैं. पत्रकारिता में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अक्टूबर 2024 में एबीपी नेटवर्क से की. अब वह डिजिटल कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें फीचर और इंफॉर्मेटिव स्टोरीज लिखने के साथ-साथ स्क्रिप्ट राइटिंग, सोशल मीडिया और रिसर्च आधारित कंटेंट तैयार करने में रुचि है. हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर अच्छी पकड़ रखने वाली मानसी ऐसी स्टोरीज लिखना पसंद करती हैं, जो पाठकों को नई और जरूरी जानकारी आसान भाषा में दें. उनकी कोशिश रहती है कि कंटेंट सिर्फ जानकारी देने वाला ही नहीं, बल्कि पढ़ने में दिलचस्प और पाठकों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा हुआ भी हो.

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