एक्सप्लोरर

Flag Change: ये देश बदल चुके हैं अपने देश का झंडा, जानें क्यों लिया जाता है यह फैसला?

Flag Change: दुनिया में कई ऐसे देश हैं जिन्होंने समय-समय पर अपने देश का राष्ट्रीय ध्वज बदला है. आइए जानते हैं उन सभी देशों के बारे में.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • अफगानिस्तान ने 20वीं सदी में बार-बार झंडे बदले।

Flag Change: राष्ट्रीय ध्वज किसी देश की पहचान, इतिहास और संप्रभुता के सबसे मजबूत प्रतीकों में से एक है. हालांकि कोई ध्वज हमेशा के लिए एक जैसा नहीं रहता. कई देशों ने अपनी संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए अपना राष्ट्रीय ध्वज बदल दिया है. आइए जानते हैं उन सभी देशों के बारे में.

किन देशों ने अपने राष्ट्रीय ध्वज बदले? 

बीते कुछ दशकों में कई देशों ने अलग-अलग ऐतिहासिक और राजनीतिक वजहों से अपने राष्ट्रीय ध्वज बदले हैं. सीरिया ने राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार गिरने के बाद हुए राजनीतिक बदलावों के चलते 2024 में एक नया राष्ट्रीय ध्वज अपना लिया था.

झंडा बदलने के मामले में अफगानिस्तान के नाम दुनिया के सबसे अनोखे रिकॉर्ड्स हैं. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के मुताबिक इस देश ने 20वीं सदी की शुरुआत से अब तक लगभग 28 बार अपना राष्ट्रीय ध्वज बदला है. इसी के साथ दक्षिण अफ्रीका ने रंगभेद खत्म होने के बाद 1994 में अपना मौजूदा कई रंगों वाला राष्ट्रीय ध्वज अपनाया.

साथ ही म्यांमार ने नया संविधान अपनाने के बाद 2010 में अपना पिछला ध्वज बदल दिया था. इतना ही नहीं बल्कि कनाडा ने भी 1965 में अपना मशहूर मेपल लीफ ध्वज अपनाया. इससे वह अपने ब्रिटिश औपनिवेशिक अतीत से जुड़े प्रतीकों से अलग हुआ और एक खास राष्ट्रीय पहचान बनाई.

फ्रांस ने भी 2020 में एक छोटा सा बदलाव किया था. दरअसल राष्ट्रीय ध्वज में गहरे नेवी ब्लू रंग को फिर से शामिल किया गया था.

देश अपने झंडे क्यों बदलते हैं?

सबसे आम वजह है राजनीतिक बदलाव या फिर सरकार का बदलना. जब भी चुनाव, क्रांति या फिर संवैधानिक बदलाव के जरिए कोई नई सरकार पुरानी सरकार की जगह लेती है तो वह पिछली सरकार से जुड़े प्रतीक को हटाने के लिए नया झंडा अपना लेती है. सीरिया और अफगानिस्तान इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं.

इसी के साथ एक और वजह है उपनिवेशवाद का खत्म होना. आजादी मिलने के बाद कई देश औपनिवेशिक प्रतीकों को हटाने और अपनी पहचान को बनाने के लिए अपने झंडों को नए सिरे से डिजाइन करते हैं. इसी के साथ राष्ट्रीय एकता और मेल मिलाप को भी बढ़ावा देने के लिए झंडे बदले जाते हैं. गृह युद्ध, नस्लीय भेदभाव या फिर राजनीतिक बंटवारे से उभरने वाले देश अक्सर नए झंडों को अपनाते हैं जो सामान्य और साझे भविष्य को दिखाते हैं. रंगभेद के बाद दक्षिण अफ्रीका का झंडा इस सोच का सबसे बड़ा उदाहरण है.

यह भी पढ़ेंः गन्ना और चावल के अलावा किन-किन चीजों से बनता है एथेनॉल, किसकी क्वालिटी होती है सबसे अच्छी?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

सितंबर 2026 में सच हो सकती हैं बाबा वेंगा की ये खतरनाक भविष्यवाणी, कांप जाएगी रूह
सितंबर 2026 में सच हो सकती हैं बाबा वेंगा की ये खतरनाक भविष्यवाणी, कांप जाएगी रूह
एयरफोर्स में क्या जिम्मेदारी संभालते थे एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, कितना बड़ा यह पद?
एयरफोर्स में क्या जिम्मेदारी संभालते थे एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, कितना बड़ा यह पद?
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को कितनी मिलती है पेंशन, जानें उनकी कमाई
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को कितनी मिलती है पेंशन, जानें उनकी कमाई
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर के पहले CEO, जानें कितनी मिलेगी सैलरी?
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर के पहले CEO, जानें कितनी मिलेगी सैलरी?
Advertisement

वीडियोज

Nikki Tamboli-Arbaz Patel का Breakup निकला पब्लिसिटी स्टंट, Fans हुए नाराज!
सलमान खान की Bigg Boss फीस: ₹2.5 करोड़ से ₹120 करोड़ तक कैसे पहुंची?
Salman Khan ने Subhash Ghai को क्यों मारा था थप्पड़? सालों बाद सामने आया पूरा किस्सा
Vijay Deverakonda का पुराना प्यार और टूटा दिल, बोले- ‘मुझे प्यार हुआ था, फिर दिल टूट गया’
Sairaab: Nayanika-Ishaan की शादी पर संकट, क्या Tinni देगी नए रिश्ते को मंजूरी?
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
कौन हैं रि. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा? ऑपरेशन सिंदूर में आतंकियों को किया था तबाह
कौन हैं रि. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा? ऑपरेशन सिंदूर में आतंकियों को किया था तबाह
'मोदी जी रील से बाहर...', GDP को लेकर भड़के RJD नेता तेजस्वी यादव
'मोदी जी रील से बाहर...', GDP को लेकर भड़के RJD नेता तेजस्वी यादव
इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे टेस्ट के किया टीम का एलान, नए चेहरों को मिला मौका
इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे टेस्ट के किया टीम का एलान, नए चेहरों को मिला मौका
अपने पिता के निधन पर क्यों खुश थे राम कपूर? वजह जान दहल जाएगा दिल
अपने पिता के निधन पर क्यों खुश थे राम कपूर? वजह जान दहल जाएगा दिल
बागी सांसदों ने नोटिस का जवाब देने का मांगा समय, महुआ बोलीं - 'यह दिखाता है...'
बागी सांसदों ने नोटिस का जवाब देने का मांगा समय, महुआ बोलीं - 'यह दिखाता है...'
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को कितनी मिलती है पेंशन, जानें उनकी कमाई
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को कितनी मिलती है पेंशन, जानें उनकी कमाई
Reel बनाने के लिए Traffic रोका, Challan के साथ जब्त हो सकती है Car
Reel बनाने के लिए Traffic रोका, Challan के साथ जब्त हो सकती है Car
सिंधु जल संधि पर भारत के कड़े तेवर, बातचीत के लिए गुहार लगा रहा पाकिस्तान
सिंधु जल संधि पर भारत के कड़े तेवर, बातचीत के लिए गुहार लगा रहा पाकिस्तान
Embed widget