एक्सप्लोरर

Land Purchase: पहाड़ों पर क्यों जमीन नहीं ले सकते दूसरे राज्यों के लोग, जानें कब बनाया गया था यह कानून?

Land Purchase: भारत के कई पहाड़ी इलाकों में बाहर के लोग जमीन नहीं खरीद सकते. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • उत्तराखंड ने 2024-25 में भूमि कानून सख्त किए।

Land Purchase: भारत में कई पहाड़ी राज्य, राज्य के बाहर के लोगों को जमीन की खरीद की मंजूरी नहीं देते. ये नियम स्थानीय निवासियों के लिए अधिकारों की रक्षा, पारंपरिक संस्कृतियों को संरक्षित करने, सीमित कृषि भूमि के संरक्षण और नाजुक पर्वत पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए पेश किए गए थे. इस तरह के सबसे शुरुआती और सबसे बड़े कानूनों में से एक 1972 में हिमाचल प्रदेश किरायेदारी और भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118 के जरिये से अधिनियमित किया गया था.

पहाड़ी राज्यों में भूमि खरीद प्रतिबंधित क्यों है?

इन कानून को इस वजह से लागू किया गया था क्योंकि पहाड़ी समुदायों की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करना था. पहाड़ी राज्यों में कुछ खास परंपराएं, जीवन शैली और जनसांख्यिकीय विशेषताएं हैं. बाहरी लोगों द्वारा भूमि खरीद समय के साथ स्थानीय जनसंख्या संतुलन को बदल सकती है.

दूसरी सबसे बड़ी वजह कृषि भूमि की सुरक्षा है. पहाड़ी इलाकों में उपजाऊ भूमि काफी सीमित है. यह चिंता भी रही है कि मैदानी इलाकों के धनी खरीदार होटल, रिसॉर्ट या फिर फार्म हाउस के लिए बड़े क्षेत्र खरीद सकते हैं. इससे स्थानीय किसानों के लिए भूमि की उपलब्धता कम हो जाएगी.

पर्यावरण संरक्षण भी एक बड़ी वजह है. हिमालय क्षेत्र काफी ज्यादा नाजुक है. बड़े पैमाने पर निर्माण और व्यावसायिक विकास से भूस्खलन और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ सकता है. 

यह भी पढ़ेंः इस देश में है सबसे महंगी बिजली, जानें क्या है ज्यादा कीमत के पीछे की वजह?

हिमाचल प्रदेश ने 1972 में धारा 118 लागू की 

बाहरी लोगों द्वारा भूमि खरीद पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला बड़ा कानून 1972 में हिमाचल प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ यशवंत सिंह परमार के नेतृत्व में पेश किया गया था. हिमाचल प्रदेश किरायेदारी और भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118 गैर हिमाचली, साथ ही ऐसे हिमाचल निवासी जो कृषक नहीं हैं को राज्य में कृषि भूमि खरीदने से रोकती है. हालांकि खास सरकारी अनुमति के साथ बाहरी लोग घर बनाने जैसे उद्देश्यों के लिए गैर कृषि या फिर शहरी भूमि का एक सीमित क्षेत्र, लगभग 500 वर्ग मीटर तक खरीद सकते हैं.

उत्तराखंड ने अपने भूमि कानून को मजबूत किया 

सालों की सार्वजनिक मांग के बाद उत्तराखंड सरकार ने 2024-25 के दौरान सख्त भूमि नियम लागू किए. नए नियम के तहत राज्य के बाहर के लोग उत्तराखंड के 13 पहाड़ी जिलों में से 11 में कृषि या फिर बागवानी भूमि नहीं खरीद सकते.

यह भी पढ़ेंः रानियों से ज्यादा सैलरी! कौन थीं वे महिलाएं, जिन्हें मिलता था लाखों रुपये का वजीफा

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

संसद में बोलने के लिए कितना मिलता है वक्त, यह कैसे होता है तय?
संसद में बोलने के लिए कितना मिलता है वक्त, यह कैसे होता है तय?
गृह मंत्री के काफिले में कितनी गाड़ियां? राहुल गांधी के दावे के बीच जानें
गृह मंत्री के काफिले में कितनी गाड़ियां? राहुल गांधी के दावे के बीच जानें
बच्चों की संख्या से क्यों लक्ष्मी योजना का कनेक्शन? जानें वजह
बच्चों की संख्या से क्यों लक्ष्मी योजना का कनेक्शन? जानें वजह
क्या POK के लोगों की मदद कर सकता है भारत, क्या हैं नियम?
क्या POK के लोगों की मदद कर सकता है भारत, क्या हैं नियम?
Advertisement

वीडियोज

7 फेरों के रिश्तों में साजिश की चाल!
Lock Upp 2: Shreya Kalra का बड़ा खुलासा, बचपन की दर्दनाक घटना सुनकर भावुक हुए सभी
Samay Raina का Munawar Faruqui पर Aamir Khan वाला Joke हुआ Viral, India’s Got Latent में मचा हंगामा
Ramayana Trailer Update: 30 July को आएगा ट्रेलर, फैंस में बढ़ी जबरदस्त Excitement
Batwara 1947 Trailer Review: Sunny Deol छा गए, लेकिन क्या ट्रेलर बना उम्मीदों जितना दमदार?
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी, बागी गुट को लेकर की ये मांग
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी, बागी गुट को लेकर की ये मांग
उद्धव ठाकरे बोले, 'हां, मेरा परिवारवाद है लेकिन उसकी एक...'
उद्धव ठाकरे बोले, 'हां, मेरा परिवारवाद है लेकिन उसकी एक...'
राहुल गांधी ने अमित शाह को घेरा, सौरव दास बोले, 'ये सीरियस...'
राहुल गांधी ने अमित शाह को घेरा, सौरव दास बोले, 'ये सीरियस...'
श्रीलंका सीरीज से पहले ईशान किशन बने कप्तान, वैभव सूर्यवंशी उपकप्तान
श्रीलंका सीरीज से पहले ईशान किशन बने कप्तान, वैभव सूर्यवंशी उपकप्तान
Xप्लेन: राहुल गांधी के 'दो बोल' से बवाल! जानें सदन के अंदर और बाहर का हाल?
राहुल गांधी के 'दो बोल' से बवाल! जानें सदन के अंदर और बाहर का हाल?
न आलिया न राहा, फिर रणबीर के फोन के वॉलपेपर पर है किसकी तस्वीर? जानकर नम हो जाएंगी आखें
न आलिया न राहा, फिर रणबीर के फोन के वॉलपेपर पर है किसकी तस्वीर?
‘मौत भी मंजूर, लेकिन...’, बांग्लादेश लौटने पर शेख हसीना का बड़ा बयान
‘मौत भी मंजूर, लेकिन...’, बांग्लादेश लौटने पर शेख हसीना का बड़ा बयान
Indian AI Engineer loss US Job: US में नौकरी गई, प्रोजेक्ट चला गया भारत...भारतीय AI इंजीनियर की कहानी वायरल
US में नौकरी गई, प्रोजेक्ट चला गया भारत...भारतीय AI इंजीनियर की कहानी वायरल
Embed widget