जमीन से तेल निकालना ज्यादा सस्ता या समंदर से, जानें किसमें ज्यादा बचता है पैसा?
दुनिया की सबसे ज्यादा जरूरी चीजों में से एक तेल का बड़ा भंडारण कई देशों के पास है. लेकिन सवाल उठता है कि तेल निकालने में कितनी लागत आती है. जमीन से तेल निकालना ज्यादा सस्ता या समंदर से? आइये जानते हैं

तेल दुनिया की महत्वपूर्ण प्राकृतिक संपत्तियों में से एक है. ये वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. कई देशों में बड़े मात्रा में तेल का भंडारण है तो कई देशों को तेल खरीदना पड़ता है. लेकिन दुनिया में कई ऐसे भी देश हैं जिनके पास भंडारण होने के बावजूद उन्हें खरीदना पड़ता है इसकी वजह उस देश में तेल की भारी खपत है. लेकिन इसी बीच एक सवाल उठता है कि आखिर समुद्र से तेल निकालना सस्ता होता है या जमीन से. आइये इसी सवाल का जवाब जानने की कोशिश करते हैं.
कहां से तेल निकालना ज्यादा सस्ता
सबसे पहले बता दें कि तेल निकालने की लागत के बारे में तो तेल निकालने की लागत अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग होती है. जमीन से तेल निकालने की प्रक्रिया को ऑनशोर ड्रिलिंग कहते हैं, जबकि समुद्र से तेल निकालने को ऑफशोर ड्रिलिंग. दोनों की लागत में बड़ा अंतर है. जमीन से तेल निकालना मतलब ऑनशोर ड्रिलिंग आमतौर पर सस्ता होता है क्योंकि इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और उपकरणों की लागत कम होती है. जबकि ऑफशोर ड्रिलिंग यानी समुद्र से तेल निकालना काफी महंगा होता है. एक ऑनशोर वेल की लागत जहां 4 मिलियन डॉलर होती है वहीं ऑफशोर वेल की कीमत 100 मिलिनय डॉलर होती है.
लेकिन ऐसा क्यों?
जमीन पर ड्रिलिंग साइट्स तक पहुंच आसान होती है. जबकि समुद्र में ड्रिलिंग के लिए विशेष जहाज, प्लेटफॉर्म और गहरे पानी में काम करने वाली तकनीक चाहिए जो लागत को बढ़ा देती है. इसके अलावा समुद्र में मौसम की मार तकनीकी चुनौतियां भी खर्च बढ़ाते हैं.
इन देशों के पास तेल का सबसे बड़ा भंडार
तेल भंडार में पहला स्थान है वेनेजुएला का आता है. जिसके पास 303 अरब बैरल से अधिक के तेल भंडार हैं. यह दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है. दूसरे नंबर पर है सऊदी अरब, जिसके पास 267 अरब बैरल तेल भंडार हैं. तेल भंडारण के मामले में तीसरे नंबर पर ईरान आता है जिसके पास 209 अरब बैरल तेल भंडार हैं. इसके अलावा कनाडा के पास 163 अरब बैरल तेल भंडार हैं. इसके बाद इराक, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, रूस और अमेरिका में भी तेल का बड़ा भंडार है.
क्या है भारत का हाल?
अगर दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों की बात की जाए तो अच्छा खासा भंडारण होने के बाद भी अमेरिका और चीन तेल आयातकों में पहले स्थान पर हैं जबकि भारत तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है. भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत तेल आयात करता है.
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