एक्सप्लोरर

क्या पानी का जहाज एक पहाड़ी को पार कर सकता है? जवाब 'हां' है, और ऐसा यहां होता है!

समुद्र और झील के जलस्तर में अंतर होने के कारण यहां जहाजों को लिफ्ट किया जाता है. आसान शब्दों में कहें तो जहाज को ऊपर उठाकर नहर से गुजारा जाता है. आइए जानते हैं यह कैसे होता है.

Panama Canal: अगर हम आपसे कहें कि क्या पानी का जहाज पहाड़ को पार का सकता है, तो आपका जवाब होगा 'नहीं'. यकीन करेंगे अगर हम कहें कि ये न सिर्फ मुमकिन है, बल्कि हर साल करीब 15 हजार पानी के जहाज पहाड़ को पार भी करते हैं. दरअसल, ऐसा हो पता है पनामा नहर के कारण. इस नहर को बनाना दुनिया का सबसे बड़ा और कठिन इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट माना जाता है. आइए जानते हैं इस नहर की नायाब कारीगरी के बारे में.

दो महासागरों को जोड़ती है नहर

यह नहर अमेरिका के पनामा में है. यह नहर अटलांटिक महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ने का काम करती है. यह नहर दुनिया के प्रमुख जलमार्गों में से एक है. इस नहर की लंबाई 82 किलोमीटर, औसत चौड़ाई 90 मीटर और न्यूनतम गहराई 12 मीटर है. इस नहर की खासियत है इसकी तकनीक. पनामा नहर गाटुन झील से होकर गुजरती है. जिसका जलस्तर समुद्रतल से 26 मीटर ऊपर है. ऐसे में झील और महासागर के बीच की जमीन रास्ते की अड़चन थी. जिसे यहां नहर बनाकर दूर किया गया. जहाजों को यहां लिफ्ट करके इस नहर से गुजारा जाता है. आसान शब्दों में कहें तो जहाज को ऊपर उठाकर नहर से गुजारा जाता है.

नहर का निर्माण

पनामा नहर का निर्माण अमेरिका के राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट ने कराया था. लेकिन इसका काम फ्रांस ने शुरू किया था. फ्रांसीसी राजनायिक मिस्टर फर्डिनेंड डी लेसेप्स ने साल 1881 में इस नहर का काम शुरू किया था. साल 1894 में पीले बुखार और मलेरिया के फैलने से करीब 22,000 श्रमिकों की मौत हो गई थी. इसलिए इस नहर का काम रोक दिया गया था. 287 मिलियन डॉलर खर्च करने से फर्डिनेंड दिवालिया हो गए थे. इसके बाद बचा हुआ काम 1904 में अमेरिका ने शुरू किया. 10 साल बाद 1914 में ये नहर बनकर तैयार हुई.

लगभग 13 हजार किलोमीटर घट जाती है दूरी

दरअसल, पनामा नहर के होने से अमेरिका के पूर्वी और पश्चिमी तटों के बीच की दूरी 12,875 किलोमीटर घट जाती है. जब यह नहर नहीं थी, तब जहाजों को दो हफ्ते का लंबा चक्कर लगाना पड़ता था. पनामा नहर की बदौलत दो हफ्ते की दूरी सिर्फ 10 से 12 घंटे में ही पूरी हो जाती है. आज के समय में इस नहर से करीब 15 हजार जहाज हर साल गुजरते हैं. नहर को पार कराने के लिए पनामा शहर को टोल फीस से भारी-भरकम राजस्व मिलता है. साल 2021 में पनामा नहर का टोल रेवेन्यू 3 अरब डॉलर रहा था. 


क्या पानी का जहाज एक पहाड़ी को पार कर सकता है? जवाब 'हां' है, और ऐसा यहां होता है!

तकनीक है बेहद हैरान करने वाली

पनामा नहर से जहाजों को गुजारने के लिए एक जटिल तकनीक काम आती है. यहां तीन लॉक्स सेट बनाए गए हैं. इनमें पहले एक लॉक में जहाज को प्रवेश कराया जाता है. इसके बाद इसमें पानी भरकर जहाज को ऊपर उठाया जाता है. फिर जहाज को अगले लॉक्स में प्रवेश करा दिया जाता है. यहां भी इसी तरह वाटरलेवल को मेंटेन करके जहाज को आगे भेज दिया जाता है. इसी तरह जब जहाज को नीचे उतारना होता है, तो लॉक्स के पानी के कम करके जहाज को नीचे समुद्र में उतार दिया जाता है. इस दौरान जहाजों के कप्तान अपने जहाज का पूरा कंट्रोल नहर के स्थानीय एक्सपर्ट कप्तान को दे देते हैं.

यह भी पढ़ें - हर साल लगते हैं सूर्यग्रहण, मगर इस बार लगेगा हाईब्रिड सूर्यग्रहण! जानिए उसमें क्या अलग है?

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

अगर कोई Satellite गिर जाए तो नुकसान की जिम्मेदारी किसकी? स्पेस लॉ समझिए
अगर कोई Satellite गिर जाए तो नुकसान की जिम्मेदारी किसकी? स्पेस लॉ समझिए
Second Solar Eclipse 2026: क्या सूर्य ग्रहण के दौरान फ्रीजर में रखा सामान भी हो जाता है खराब?
क्या सूर्य ग्रहण के दौरान फ्रीजर में रखा सामान भी हो जाता है खराब?
देश के इन हाईकोर्ट में नहीं है रेगुलर चीफ जस्टिस, देख लें लिस्ट
देश के इन हाईकोर्ट में नहीं है रेगुलर चीफ जस्टिस, देख लें लिस्ट
Jharkhand Student Protest: झुकेगा नहीं साला... झारखंड छात्र आंदोलन में कुल्हाड़ी लेकर पहुंचे पुष्पा भाऊ, वीडियो वायरल
झुकेगा नहीं साला... झारखंड छात्र आंदोलन में कुल्हाड़ी लेकर पहुंचे पुष्पा भाऊ, वीडियो वायरल

वीडियोज

Kanwar Yatra 2026: बुर्के में कांवड़, मुस्लिम महिला और हिंदू पति! नोटिस के बाद भी नहीं रुकी तमन्ना !
Assam Flood Crisis: असम में बाढ़ का तांडव, 98 मौतें, समय रैनाने भेजे 10 लाख, अब CM वापस लेंगे FIR?
Sansani: बेवफा बीवी की तेजाबी साजिश
Romana Isar Khan | Janhit: मीटिंग-मीटिंग की 'सेटिंग' से संदेह बढ़ा? | Jharkhand Student Protest
Bareilly Ke Bacchan: 😯Sangam की बल्लेबाज़ी और ससुर की गेंदबाजी, पहली गेंद पर टूटा बैट छूटी हंसी #sbs

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'झारखंड में छात्रों के ख़िलाफ़ बल का इस्तेमाल ग़लत', राहुल गांधी की सोरेन सरकार को दो टूक
'झारखंड में छात्रों के ख़िलाफ़ बल का इस्तेमाल ग़लत', राहुल गांधी की सोरेन सरकार को दो टूक
रांची छात्र आंदोलन पर संजय सिंह बोले, 'हेमंत सोरेन की सरकार जल्द ही...'
रांची छात्र आंदोलन पर संजय सिंह बोले, 'हेमंत सोरेन की सरकार जल्द ही...'
जीत में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज, किस नंबर पर कोहली? देखें लिस्ट
जीत में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज, किस नंबर पर कोहली?
नेटफ्लिक्स पर नंबर 1 बनी 6 एपिसोड की सीरीज, जानें 'ऑपरेशन सफेद सागर' देखने की 5 वजहें
नेटफ्लिक्स पर नंबर 1 बनी 6 एपिसोड की सीरीज, जानें 'ऑपरेशन सफेद सागर' देखने की 5 वजहें
TMC के बागी यूसुफ पठान का बड़ा बयान, 'ताकत और पद तो...'
TMC के बागी यूसुफ पठान का बड़ा बयान, 'ताकत और पद तो...'
पेपर लीक केस में ED का बड़ा एक्शन, बिहार-झारखंड समेत कई राज्यों में दर्ज की ECIR
पेपर लीक केस में ED का बड़ा एक्शन, बिहार-झारखंड समेत कई राज्यों में दर्ज की ECIR
संसद से पास बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, जानें राज्यसभा में क्या बोलीं वित्त मंत्री?
संसद से पास बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, जानें राज्यसभा में क्या बोलीं वित्त मंत्री?
स्वतंत्रता दिवस: लाल किले की प्राचीर से गाया जाएगा 'वंदे मातरम', दिखेगी Gen-Z की छाप
स्वतंत्रता दिवस: लाल किले की प्राचीर से गाया जाएगा 'वंदे मातरम', दिखेगी Gen-Z की छाप
Embed widget