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युद्ध शुरू होने के कितने दिन बाद दखल देता है यूनाइटेड नेशन, ये है नियम

United Nations: भारत और पाकिस्तान के बिगड़ते हुए रिश्तों के बीच युद्ध की संभावना तेज हो रही है. अगर ऐसा हुआ तो यूनाइटेड नेशन कब तक दखल दे सकता है.

पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत के तीखे तेवर देखकर पाकिस्तान खौफ में है. यही वजह है कि वहां के पाकिस्तानी नेता अब परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की धमकी दे रहे हैं. वहीं पाकिस्तानी रक्षामंत्री का तो यह तक कहना है कि पाकिस्तान पूरी तरह सतर्क है और वह अपने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल तभी करेगी जब उनके आस्तित्व का सीधा खतरा महसूस होगा. इसके अलावा भी वो भारत के खिलाफ तमाम जहर उगल चुके हैं. यही वजह है कि भारत में उनका आधिकारिक एक्स अकाउंट बैन कर दिया गया है. 

भारत-पाकिस्तान के तेवर तल्ख

ऐसे में भारत और पाकिस्तान के बीच में युद्ध की स्थिति बनी हुई है. आशंका जताई जा रही है कि भारत पाकिस्तान पर हमला कर सकता है. हालांकि यह कितना संभव है, इसको लेकर कोई आधिकारिक जानकारी तो सामने नहीं आई है, लेकिन भारत सरकार ने पड़ोसी मुल्क के खिलाफ कुछ कड़े फैसले जरूर लिए हैं, जो कि दोनों देशों के बीच के तेवर को और तल्ख बना रहे हैं. यहां पर यह जानना भी जरूरी है कि अगर दोनों मुल्कों में युद्ध हुआ तो यूनाइटेड नेशन कितने दिन के बाद दखल देता है. इसको लेकर क्या नियम हैं. 

कब दखल देता है यूएन

संयुक्त राष्ट्र का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और शांति बनाए रखना होता है. द्वितीय विश्व में हुए भयंकर विनाश को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की गई थी. संयुक्त राष्ट्र शांति बनाए रखने, संघर्षों को रोकने के लिए काम करता है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, महासभा और महासचिव इसमें महत्वपूर्णं भूमिका निभाते हैं. युद्ध को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र मध्यस्थता और संवाद के जरिए शांति स्थापना कराने की कोशिश करता है. हां लेकिन युद्ध शुरू होने के तुरंत बाद यूएन का दखल देना जरूरी नहीं है. 

युद्ध के दौरान क्या कदम उठाता है यूएन

संयुक्त राष्ट्र का युद्ध में दखल कई कारकों पर निर्भर करता है जैसे कि सदस्य देशों की सहमति, युद्ध की गंभीरता और यूएन चार्टर के नियमों का पालन. यूनाइटेड नेशन युद्ध के दौरान मानवीय सहायता करने के लिए तुरंत भी कुछ कदम उठा सकता है. जैसे कि खाना और चिकित्सकीय आपूर्ति, बुनियादी सेवाओं की बहाली और शरणार्थियों को सहायता देना. यूनाइटेड नेशन शांति मिशन स्थापित करके युद्ध रोकने की कोशिश करता है. अंतरराष्ट्रीय कानून के नियम के अनुसार यूनाइटेड नेशन युद्ध रोकने में मददगार साबित होता है. 

यह भी पढ़ें: पाकिस्तान के कितने दिग्गज अब तक छोड़ चुके देश? चौंका देगी पहलगाम हमले के बाद की लिस्ट

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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