एक्सप्लोरर

Paris Olympics: महिलाओं को कब मिला ओलंपिक में शामिल होने का अधिकार? कैसे हुई थी शुरूआत

इस बार ओलंपिक खेलों का आयोजन फ्रांस के पेरिस शहर में होगा. जिसमें सभी देशों के महिला और पुरुष खिलाड़ी भाग लेंगे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ओलंपिक में सबसे पहले महिलाओं ने कब भाग लिया था.

ओलंपिक खेलों का आयोजन इस बार फ्रांस के पेरिस शहर में हो रहा है. ओलंपिक में इस बार दुनियाभर के 10 हजार से अधिक एथलीट शामिल होंगे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि महिलाओं को सबसे पहले ओलंपिक में शामिल होने का मौका कब मिला था. आज हम आपको बताएंगे कि ओलंपिक में सबसे पहले कब महिलाओं ने हिस्सा लेने शुरू किया था.

ओलंपिक खेल

ओलंपिक जिसे खेलों का ‘महाकुंभ’ भी कहा जाता है. इस बार ओलंपिक का आयोजन 26 जुलाई से पेरिस में होगा. इस बार ओलंपिक में दुनिया भर से 10 हजार से ज्यादा एथलीट 329 मेडल इवेंट में हिस्सा लेंगे. 206 देशों के स्टार खिलाड़ी 17 दिनों तक चलने वाले इस महाकुंभ में आपको नजर आएंगे. वहीं पेरिस ओलंपिक में भारत से 100 से ज्यादा एथलीट शामिल होंगे. जिसमें महिलाएं और पुरूष दोनों शामिल हैं. इसके अलावा इस बार स्पोर्ट क्लाइम्बिंग, स्केटबोर्डिंग और सर्फिंग भी पहली बार ओलंपिक में शामिल किया गया है. 

महिलाओं ने कब लिया हिस्सा

बता दें कि जब ओलंपिक खेलों की शुरूआत हुई थी, उस वक्त ओलंपिक में सिर्फ पुरुष खिलाड़ी ही शामिल होते थे. उस वक्त महिला खिलाड़ियों के शामिल होने पर रोक था. लेकिन आज के दौर में हर देश की महिला खिलाड़ी ओलंपिक में अपनी जगह बना रही हैं. इतना ही नहीं महिला खिलाड़ी अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के दम पर मेडल भी जीत रही हैं. लेकिन जब ओलंपिक खेलों की शुरूआत हुई थी, उस वक्त स्थिति ऐसी नहीं थी. 

पहला ओलंपिक

बता दें कि एथेंस 1896 में हुए पहले आ‍धुनिक ओलंपिक खेलों का आयोजन हुआ हुआ था. इस दौरान एक भी महिला खिलाड़ियों ने इसमें हिस्सा नहीं लिया था. उस वक्त ऐसा माना जाता था कि महिलाओं को शामिल करना अव्‍यावहारिक, गलत और बोरिंग होगा. इस कारण उस समय ओलंपिक खेलों में सिर्फ पुरुष वर्ग ही हिस्सा लेते थे. जानकारी के मुताबिक महिलाओं ने साल 1900 के पेरिस ओलंपिक खेलों में हिस्‍सा लिया था. ये खेल पहले आधुनिक ओलंपिक के चार साल बाद आयोजित हुआ था. जिसमें महिलाओं ने हिस्सा लेना शुरू किया था.

जानकारी के मुताबिक 1900 में महिलाओं ने टेनिस और गोल्फ खेलों के जरिए ओलंपिक में हिस्सा लिया था. इसके बाद 1904 में महिलाओं ने तीरंदाजी में भी अपनी जगह बनाई थी. 1908 में महिलाओं ने फिर टेनिस और स्केटिंग में अपनी जगह बनाई थी. वहीं 1912 में महिलाओं ने एक्वेटिक्स खेल में हिस्सा लेकर ओलंपिक में मेडल जीता था. इसके बाद 1924 में महिलाओं ने फेंसिंग,1928 में एथलेटिक्स और जिम्नास्टिक में अपनी जगह बनाई थी. 1936 में स्कींग, 1948 केनोइ, कयाक, 1952 में एक्वेस्ट्रियन.1964 में वॉलीबॉल, ल्यूग और 1976 में रोइंग, बॉस्केबॉल,हैंडबॉल में अपनी जगह बनाई थी. हालांकि हॉकी में महिला खिलाड़ी 1980 में आई थी, 1984 में साइकलिंग, 1988 में टेनिस, टेबल टेनिस, सेलिंग टेनिस ओलंपिक में खेलना शुरू किया था. 

ये भी पढ़ें: तेजी से बढ़ रही है दुनिया की आबादी? अगर आप भी ये सोचते हैं तो जान लें क्या है सच्चाई

इसके बाद महिला खिलाड़ियों ने 1922 में बैडमिंटन, जूडो, बायथलोन, 1996 में फुटबॉल, साफ्टबॉल, 1998 में कलिंर्ग, हाइस हॉकी, 2000 में वेटलिफ्टिंग, पेंटाथलोन,टाइक्वांडो,2004 में रेसलिंग और बॉक्सिंग में 2012 में अपनी जगह बनाकर दुनियाभर के खिलाड़ियों की आमने-सामने टक्कर हुई थी. 

गिरिजांश गोपालन को मीडिया इंडस्ट्री में चार साल से ज्यादा का अनुभव है. फिलहाल वह डिजिटल में सक्रिय हैं, लेकिन इनके पास प्रिंट मीडिया में भी काम करने का तजुर्बा है. दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद गिरिजांश ने नवभारत टाइम्स अखबार से पत्रकारिता की शुरुआत की. उन्हें घूमना बेहद पसंद है. पहाड़ों पर चढ़ना, कैंपिंग-हाइकिंग करना और नई जगहों को एक्सप्लोर करना उनकी हॉबी में शुमार है। यही कारण है कि वह तीन साल से पहाड़ों में ज्यादा वक्त बिता रहे हैं. अपने अनुभव और दुनियाभर की खूबसूरत जगहों को अपने लेखन-फोटो के जरिए सोशल मीडिया के रास्ते लोगों तक पहुंचाते हैं.
Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

क्या US-इजरायल के हमले का कानूनन विरोध जता सकता है ईरान? यूएन चार्टर के हिसाब से जानें अधिकार
क्या US-इजरायल के हमले का कानूनन विरोध जता सकता है ईरान? यूएन चार्टर के हिसाब से जानें अधिकार
Kurds In Iran: कौन हैं 4 मुस्लिम मुल्कों में रहने वाले कुर्द, जानें ईरान के लिए कैसे बन सकते हैं काल?
कौन हैं 4 मुस्लिम मुल्कों में रहने वाले कुर्द, जानें ईरान के लिए कैसे बन सकते हैं काल?
आम आदमी ज्यादा से ज्यादा कितना पेट्रोल खरीद सकता है, क्या है कानून?
आम आदमी ज्यादा से ज्यादा कितना पेट्रोल खरीद सकता है, क्या है कानून?
US Wars History: दुनिया के कितने देशों को तबाह कर चुका अमेरिका, किस नंबर पर आता है ईरान?
दुनिया के कितने देशों को तबाह कर चुका अमेरिका, किस नंबर पर आता है ईरान?

वीडियोज

Sansani: 'एपिक फ्यूरी' का जाल... अमेरिका कंगाल ? | Crime News | War
Chitra Tripathi: 'सरेंडर करे..', Donlad Trump ने ईरान को फिर दी धमकी | Breaking | Iran Israel War
Bharat Ki Baat: Iran- US टकराव के बीच भारत में तेल की कीमतों पर दबाव! | Trump | PM Modi | Breaking
Iran Israel War: ईरान से जंग को लेकर Trump की चाल खुद पर ही पड़ गई भारी? | Breaking | ABP News
Chitra Tripathi: रूस से तेल खरीदेगा भारत! Trump ने क्यों लिया यू टर्न? | Iran Israel War |Mahadangal

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
लोकसभा में सोमवार को लाया जाएगा ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव, BJP-कांग्रेस ने जारी किया व्हिप
लोकसभा में सोमवार को लाया जाएगा ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव, BJP-कांग्रेस ने जारी किया व्हिप
दिल्ली में 6 मार्च को इस मौसम का सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड, जानें कितना रहा अधिकतम तापमान?
दिल्ली में 6 मार्च को इस मौसम का सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड, जानें कितना रहा अधिकतम तापमान?
ओटीटी पर हिंदी वर्जन में रिलीज हुई प्रभास की 'द राजा साब', जाने कहां देख सकेंगे फिल्म
ओटीटी पर हिंदी वर्जन में रिलीज हुई प्रभास की 'द राजा साब', जाने कहां देख सकेंगे फिल्म
पाकिस्तान में फिर सुसाइड अटैक, PAK आर्मी की चेक पोस्ट पर मारी बाइक से टक्कर, 5 बच्चों समेत 18 की मौत
पाकिस्तान में फिर सुसाइड अटैक, PAK आर्मी की चेक पोस्ट पर मारी बाइक से टक्कर, 18 की मौत
किसको मिलने वाला था सेमीफाइनल का आखिरी ओवर? शिवम दुबे ने खोल दिया बड़ा राज
किसको मिलने वाला था सेमीफाइनल का आखिरी ओवर? शिवम दुबे ने खोल दिया बड़ा राज
'...तो मैं उनकी उंगली काट देता', बंगाल में चुनाव से पहले ममता बनर्जी के सांसद की CEC ज्ञानेश कुमार को धमकी!
'...तो मैं उनकी उंगली काट देता', बंगाल में चुनाव से पहले TMC सांसद की CEC ज्ञानेश कुमार को धमकी!
दस्त से हुई थी इस मुगल बादशाह की मौत, क्यों नहीं मिला था इस बीमारी का इलाज?
दस्त से हुई थी इस मुगल बादशाह की मौत, क्यों नहीं मिला था इस बीमारी का इलाज?
नए-नए गाड़ी चलाना सीखे हैं तो जरूर करें ये 10 काम, इनसे सालों-साल नई रहती है कार
नए-नए गाड़ी चलाना सीखे हैं तो जरूर करें ये 10 काम, इनसे सालों-साल नई रहती है कार
Embed widget