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पहली बार कहां मनाया गया था फ्रेंडशिप डे? जानिए दोस्ती के इस दिन की शुरुआत की कहानी

फ्रेंडशिप डे एक ऐसा दिन है जो दोस्ती के बंधन को सेलिब्रेट करता है. इसकी शुरुआत 1930 में अमेरिका से हुई थी और 2011 में संयुक्त राष्ट्र ने इसे आधिकारिक मान्यता दी.

जीवन में हर एक रिश्ते की अपनी एक खासियत होती है. लेकिन इन रिश्तों में दोस्ती एक ऐसा बंधन है जो न तो उम्र देखता है न ही धर्म और जाति. यहीं वजह है कि दुनिया भर में एक खास दिन फ्रेंडशिप के रूप में मनाया जाता है. यह दिन न सिर्फ आपसी रिश्ते को मजबूत करता है बल्कि इंसानियत और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा देता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि फ्रेंडशिप डे की शुरुआत आखिर कहां  और कैसे हुई थी.

दुनिया में सबसे पहले फ्रेंडशिप डे की शुरुआत कैसे हुई

फ्रेंडशिप डे की अवधारणा सबसे पहले 1930 में सामने आई जब जॉयस हॉल जो कि अमेरिका की ग्रीटिंग कार्ड कंपनी हॉलमार्क के संस्थापक थे. उन्होंने यह सुझाव दिया कि दोस्ती के सम्मान में एक खास दिन होना चाहिए. उनका मकसद था कि लोग अपने दोस्तों को कार्ड और तोहफे देकर इस दिन को सेलिब्रेट करें. उस समय यह दिन अगस्त के पहले रविवार को मनाने की बात कही गई थी. हालांकि यह विचार कुछ समय तक ही सीमित रहा लेकिन इसे कई साल बाद एक और महत्वपूर्ण पहल हुई जिसने फ्रेंडशिप डे को वैश्विक पहचान बना दी.

ग्लोबल फ्रेंडशिप डे की शुरुआत कहां से हुई

1958 में डॉक्टर रेमन आर्टमियो ब्राचो नामक एक डॉक्टर ने पराग्वे में अपने दोस्त के साथ भोजन करते हुए एक आईडिया साझा किया. जिसमें उन्होंने अपने दोस्त को कहा कि क्यों न एक ऐसा दिन हो जो सभी लोग को एकजुट करें और दोस्ती को बढ़ावा दें. साथ ही समाज में भाईचारे की भावना जगाएं. यहीं से वर्ल्ड फ्रेंडशिप क्रुसेड की नींव पड़ी जो की दुनिया भर में दोस्ती और शांति का संदेश फैलाने वाली संस्था बनी. इस सोच के साथ 30 जुलाई को फ्रेंडशिप डे के तौर पर मनाना शुरू किया गया था.

संयुक्त राष्ट्र ने कब दी थी आधिकारिक मान्यता

2011 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने फ्रेंडशिप डे को आधिकारिक रूप से मान्यता देते हुए 30 जुलाई को इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे घोषित किया. इसका उद्देश्य दुनिया के लोगों, समुदायों और देश के बीच शांति और सहयोग बढ़ाना था. खासकर युवाओं को इसमें सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया. ताकि वे विविधताओं को समझें और समाज में सौहार्द का वातावरण बनाएं.

 अधिकारी घोषणा 30 जुलाई की हुई तो अगस्त में क्यों करते है सेलिब्रेट

संयुक्त राष्ट्र ने 2011 में आधिकारिक रूप से 30 जुलाई को इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे घोषित किया था. इस तारीख को फ्रेंडशिप डे दुनिया भर में कई देश मानते हैं. लेकिन भारत सहित कई देशों ने इससे अलग रास्ता अपनाया. भारत सहित कुछ अन्य देशों में फ्रेंडशिप डे अगस्त के पहले रविवार को मनाया जाता है. इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं है लेकिन यह पॉपुलर कल्चर और मार्केटिंग की वजह से चलन में आया.

युवाओं के बीच फ्रेंडशिप डे का खास क्रेज

आज के समय में यह खास दिन टीनएजर्स और कॉलेज स्टूडेंट के बीच काफी लोकप्रिय है. इस दिन दोस्त एक दूसरे को रंग-बिरंगे फ्रेंडशिप बैंड बांधते हैं, ग्रीटिंग कार्ड, चॉकलेट्स और गिफ्ट्स का देते हैं. सोशल मीडिया पर भी फ्रेंडशिप डे ट्रेड करता है जहां लोग अपने बेस्ट फ्रेंड के साथ फोटो और वीडियो शेयर करते हैं.

2025 में कब पड़ेगा फ्रेंडशिप डे

इस साल यानी 2025 में फ्रेंडशिप डे 3 अगस्त को मनाया जाएगा. यह दिन रविवार है जिससे इसे दोस्तों के साथ घूमने सेलिब्रेशन करने और पुरानी यादें को ताजा करने के लिए इसे बिल्कुल सही मौका माना जाता है.

दोस्ती सिर्फ उत्सव नहीं एक जरूरत भी

आज के समय में जब डिजिटल कनेक्शन तो है पर दिलों में दूरियां बढ़ रही है. ऐसे में फ्रेंडशिप डे एक मौका है यह याद दिलाने का की सच्चे दोस्त जीवन की सबसे बड़ी दौलत होते हैं. चाहे वह बचपन का साथी हो, कॉलेज का क्लासमेट या ऑफिस का कलीग  दोस्त हर दौर में साथ निभाते हैं. यही वजह है कि भारत में इस दिन को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है.

ये भी पढ़ें-Friendship Day 2025: सिर्फ घूमने-घुमाने और खाने-पीने का नाम नहीं है दोस्ती, सेहत लिए भी फायदेमंद होते हैं दोस्त

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