एक्सप्लोरर

Dark Dining: क्या होता है डार्क डाइनिंग जिसमें आंख पर पट्टी बांध कर खाते हैं लोग, जानें किस देश से हुई इसकी शुरुआत?

Dark Dining: दुनिया में एक अनोखा डाइनिंग ट्रेंड मशहूर हो रहा है जिसका नाम है डार्क डाइनिंग. आइए जानते हैं क्या है डार्क डाइनिंग और इसकी शुरुआत सबसे पहले कहां से हुई.

Dark Dining: बीते कुछ सालों में दुनिया भर में एक अनोखा डाइनिंग ट्रेंड मशहूर हुआ है. इस ट्रेंड का नाम है डार्क डाइनिंग. इसमें लोग अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर रेस्टोरेंट में खाना खाते हैं. इस अनुभव के पीछे का विचार काफी आसान लेकिन प्रभावशाली है. आइए जानते हैं कि सबसे पहले किस देश ने की थी इसकी शुरुआत और क्या थी इसकी वजह.

डार्क डाइनिंग क्या है?

यह एक ऐसे रेस्टोरेंट अनुभव के बारे में है जहां भोजन करने वाले उस भोजन को नहीं देख पाते जिसे वे खा रहे हैं. इसका उद्देश्य भोजन के रंग रूप से ध्यान हटाकर सिर्फ स्वाद, बनावट, सुगंध और भाव पर केंद्रित करना है. जब हमारी आंखें कुछ नहीं देख पाती तो हमारा दिमाग खुद ही बाकी इंद्रियों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करता है. बस इसीलिए जाने पहचाने खाद्य पदार्थ का स्वाद भी बिल्कुल अलग लग सकता है. 

बिना देखे खाना खाने से लोगों के आपसी व्यवहार में भी बदलाव आता है. जब लोग एक दूसरे को नहीं देख पाए तो बातचीत ज्यादा खुली, गर्म जोशी भरी और निजी लगती है. यही वजह है कि डार्क डाइनिंग को सिर्फ भोजन ही नहीं बल्कि एक भावनात्मक अनुभव भी कहा जाता है.

कौन देता है खाना? 

डार्क डाइनिंग वाले रेस्टोरेंट में कर्मचारी नेत्रहीन या फिर दृष्टि बाधित होते हैं. अब क्योंकि वे पहले से ही बिना दृष्टि के वातावरण में घूमने के आदी होते हैं इसलिए वे भोजन करने वालों का सुरक्षित और आत्मविश्वास से मार्गदर्शन कर सकते हैं. इस व्यवस्था से भोजन का अनुभव तो अलग होता ही है साथ ही नेत्रहीन या दृष्टि बाधित लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बनते हैं.

कहां से हुई डार्क डाइनिंग की शुरुआत? 

डार्क डाइनिंग पहली बार यूरोप में शुरू हुई. दरअसल यह पहली बार 1993 में फ्रांस में डायलॉग इन द डार्क नाम की एक जागरुकता प्रदर्शनी के दौरान सामने आई. इस घटना से प्रेरित होकर दुनिया का पहला डायनिंग इन द डार्क रेस्टोरेंट 1999 में ज्यूरिख, स्विट्जरलैंड में खुला. इसके बाद 2004 में पेरिस में भी एक ऐसा ही रेस्टोरेंट खोला गया और इसी के साथ भारत के भोपाल और बेंगलुरु में भी  इस तरह का रेस्टोरेंट है.

क्यों हुई इसकी शुरुआत? 

डार्क डाइनिंग की शुरुआत सिर्फ एक नए और आधुनिक रेस्टोरेंट का अनुभव देने के लिए नहीं की गई थी. दरअसल इसका विचार एक गहरे सामाजिक संदेश के साथ जुड़ा हुआ है. स्विट्जरलैंड के एक नेत्रहीन पादरी जॉर्ज स्पिलमैन मेहमानों को आंखों पर पट्टी बांधकर भोजन परोसते थे. ऐसा इसलिए ताकि उन्हें यह समझने में मदद मिल सके की दृष्टि बाधित लोग दुनिया का अनुभव कैसे करते हैं. मेहमानों को यह अनुभव काफी अच्छा लगा और यही विचार अंत में आते-आते डार्क डाइनिंग के रूप में बदल गया. 

इसका उद्देश्य दृष्टि बाधित लोगों के प्रति सहानुभूति पैदा करना है. इसी के साथ यह दिखाना है कि अंधापन क्षमताओं को सीमित नहीं करता. वहीं इस पहल के बाद दृष्टि बाधित व्यक्तियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी बने हैं.

ये भी पढ़ें: कोई वोट देने से रोके तो कितनी मिल सकती है सजा? समझ लें भारत के नियम और कानून

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Burj Khalifa Insurance: ईरान के हमले में अगर तबाह हो गया बुर्ज खलीफा तो कौन देगा इसका मुआवजा, जान लें नियम
ईरान के हमले में अगर तबाह हो गया बुर्ज खलीफा तो कौन देगा इसका मुआवजा, जान लें नियम
Voting Rights Prisoners: इस देश में कैदी भी दे सकते हैं वोट, जानें क्यों है ऐसा कानून
इस देश में कैदी भी दे सकते हैं वोट, जानें क्यों है ऐसा कानून
World War Criteria: कम से कम कितने देशों में छिड़ जाए जंग तब माना जाएगा वर्ल्ड वॉर, मिडिल ईस्ट में ईरानी हमलों के बीच उठा सवाल?
कम से कम कितने देशों में छिड़ जाए जंग तब माना जाएगा वर्ल्ड वॉर, मिडिल ईस्ट में ईरानी हमलों के बीच उठा सवाल?
Israel-America Iran War: ईरान ने अब तक कितनी जंग लड़ी, इसमें कितने जीते-कितने हारे?
ईरान ने अब तक कितनी जंग लड़ी, इसमें कितने जीते-कितने हारे?

वीडियोज

SEBI का Masterstroke, Life Cycle Funds बनेंगे Game Changer?| Paisa Live
US-Israel Iran War: 'सबसे बड़ा हमला करेंगे..', ईरान को Trump ने फिर दी धमकी | Khamenai | Netnyahu
SEBI का Masterstroke, Life Cycle Funds बनेंगे Game Changer?| Paisa Live
Iran Israel War: कौन देश किसके साथ? खामेनेई की मौत होते ही बंट गई दुनिया | Khamenai | Netnyahu
US-Israel Iran War: अमेरिका से इंतकाम...कतर में ईरान का कोहराम ! | Netnyahu | Trump | Pakistan

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
दुबई में अमेरिका का कोई मिलिट्री बेस नहीं तो फिर ईरान ने वहां क्यों दागीं मिसाइलें? सामने आई ये वजह
दुबई में अमेरिका का कोई मिलिट्री बेस नहीं तो फिर ईरान ने वहां क्यों दागीं मिसाइलें? सामने आई ये वजह
कश्मीर के सभी जिलों में प्रतिबंध होंगे लागू, ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की शहादत के बाद फैसला
कश्मीर के सभी जिलों में प्रतिबंध होंगे लागू, ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की शहादत के बाद फैसला
'पता नहीं घर कब लौटेंगे...', भारत में सुरक्षित लेकिन घर की आई याद, जिम्बाब्वे के कोच ने दिया इमोशनल स्टेटमेंट
'पता नहीं घर कब लौटेंगे', भारत में सुरक्षित लेकिन घर की आई याद, जिम्बाब्वे के कोच ने दिया इमोशनल स्टेटमेंट
खामेनेई की हत्या के बाद ईरान ने जामकरान मस्जिद पर फहराया लाल झंडा, जानें क्या है इसका मतलब?
खामेनेई की हत्या के बाद ईरान ने जामकरान मस्जिद पर फहराया लाल झंडा, जानें क्या है इसका मतलब?
'बॉर्डर 2' का 38वें दिन भी जारी है धमाल, सनी देओल की फिल्म ने अब तक किया है इतना कलेक्शन
'बॉर्डर 2' का 38वें दिन भी जारी है धमाल, सनी देओल की फिल्म ने अब तक किया है इतना कलेक्शन
'भारत पहले कभी इतना कमजोर...', खामेनेई की मौत पर कांग्रेस का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा?
'भारत पहले कभी इतना कमजोर...', खामेनेई की मौत पर कांग्रेस का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा?
बाराबंकी में आई विदेशी बारात, विलायती मेहमानों ने यूपी की गलियों में जमकर लगाए ठुमके, वीडियो वायरल
बाराबंकी में आई विदेशी बारात, विलायती मेहमानों ने यूपी की गलियों में जमकर लगाए ठुमके, वीडियो वायरल
Voting Rights Prisoners: इस देश में कैदी भी दे सकते हैं वोट, जानें क्यों है ऐसा कानून
इस देश में कैदी भी दे सकते हैं वोट, जानें क्यों है ऐसा कानून
Embed widget