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क्या है कॉल सेंटर स्कैम, जिसके चलते भारतीयों से नफरत करते हैं अमेरिका के लोग?

फर्जी कॉल सेंटर स्कैम ना केवल भारतीयों बल्कि विदेशियों के लिए भी सिरदर्द बना हुआ है. भारत में कई ऐसे फर्जी कॉल सेंटर पकड़े गए, जो अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाया है. आइये जानते हैं क्या है ये स्कैम

दुनियाभर मे भर्जी कॉल स्कैम तेजी से अपने पैर पसार रहा है. कॉल सेंटर स्कैम एक ऐसा स्कैम है जो ना केवल आर्थिक नुकसान का कारण बन रहे हैं बल्कि अमेरिका में कुछ लोगों के मन में भारतीयों के प्रति नकारात्मक भावनाएं भी पैदा कर रहे हैं. आइए समझते हैं कि ये स्कैम क्या हैं, इनका असर क्या है और इसके चलते भारतीयों से नफरत क्यों करते हैं अमेरिका के लोग?.

कॉल सेंटर स्कैम क्या है?

कॉल सेंटर स्कैम एक तरह की साइबर धोखाधड़ी है जिसमें स्कैमर फर्जी कॉल सेंटर बनाकर लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं. ये स्कैमर अक्सर खुद को बैंक अधिकारी, टेक्निकल सपोर्ट कर्मचारी या सरकारी एजेंट बताकर लोगों को फोन करते हैं. ये लोग फर्जी कहानियां बनाकर, पीड़ितों को डराकर उनकी निजी जानकार जैसे क्रेडिट कार्ड डिटेल्स, बैंक खाता नंबर या पासवर्ड डिटेल्स हासिल कर लेते हैं. कई बार पीड़ितों को पैसे ट्रांसफर करने या क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान करने के लिए मजबूर किया जाता है. 

पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का किया भंंडाफोड़

हाल ही में भारत में कई ऐसे फर्जी कॉल सेंटर पकड़े गए हैं, जो विशेष रूप से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाते हैं. उदाहरण के लिए सीबीआई ने दिल्ली, यूपी, हरियाणा और गुजरात जैसे राज्यों में छापेमारी कर कई कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया है. इनमें से कुछ कॉल सेंटर टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर अमेरिकियों को फोन करते थे और उनके कंप्यूटर तक रिमोट एक्सेस लेकर पैसे उगाही करते थे. कॉस सेंटर के लोग विदेशी नागरिकों को कंप्यूटर पर Pop-ups भेजा करते और उन्हें ये बताते कि आपके कंप्यूटर में वायरस आ गया है. जिससे आपका कंप्यूटर हैक हो सकता है और माइक्रोसॉफ्ट टेक्निकल सपोर्ट का झांसा देकर धोखाधड़ी कर दिया करते थे.

कैसे काम करते हैं ये स्कैमर?
 
स्कैमर अवैध रूप से डेटा खरीदते हैं, जिसमें लोगों के फोन नंबर और क्रेडिट कार्ड की जानकारी शामिल होती है. पीड़ितों को बताया जाता है कि उनके खाते में संदिग्ध लेनदेन हुआ है या उनके खिलाफ जांच चल रही है, जिससे वे घबरा जाएं. पीड़ितों को पैसे ट्रांसफर करने, गिफ्ट कार्ड खरीदने या क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान करने के लिए मजबूर किया जाता है.

अमेरिका में भारतीयों के प्रति नफरत क्यों?

इन स्कैम्स का सबसे बड़ा असर ये हुआ है कि अमेरिका में कुछ लोग भारतीयों को इन धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार मानने लगे हैं. उदाहरण के लिए, सीबीआई की एक जांच में सामने आया कि अहमदाबाद, पुणे, और विशाखापत्तनम जैसे शहरों में चल रहे कॉल सेंटरों ने अमेरिकी नागरिकों से लाखों डॉलर की ठगी की.   

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About the author नेहा सिंह

नेहा सिंह बीते 6 साल से डिजिटल मीडिया की दुनिया से जुड़ी हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद से ताल्लुक रखती हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद हैदराबाद स्थित ईटीवी भारत से साल 2019 में अपने करियर की शुरुआत की. यहां पर दो साल तक बतौर कंटेट एडिटर के पद पर काम किया इस दौरान उन्हें एंकरिंग का भी मौका मिला जिसमें उन्होंने बेहतरीन काम किया.

फिर देश की राजधानी दिल्ली का रुख किया, यहां प्रतिष्ठित चैनलों में काम कर कलम को धार दी. पहले इंडिया अहेड के साथ जुड़ीं और कंटेंट के साथ-साथ वीडियो सेक्शन में काम किया. 

इसके बाद नेहा ने मेनस्ट्रीम चैनल जी न्यूज में मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के पद पर अपनी सेवाएं दीं. जी न्यूज में रहते हुए नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों पर एक्सप्लेनर वीडियो क्रिएट किए.

इसी बीच प्रयागराज महाकुंभ के दौरान कुलवृक्ष संस्थान से जुड़कर महाकुंभ भी कवर किया, साधु-संतों का इंटरव्यू किया. लोगों से बातचीत करके उनके कुंभ के अनुभव और समस्याओं को जाना.

वर्तमान में नेहा एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां पर नॉलेज सेक्शन में ऐसी खबरों को एक्सप्लेन करती हैं, जिनके बारे में आम पाठक को रुचि होती है.

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