कश्मीर को लेकर क्या कहता है यूएन और अमेरिका? बहस के बीच जान लीजिए जवाब
America United Nations About Kashmir: कश्मीर को लेकर हाल ही में जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने कश्मीर को लेकर टिप्पणी की है. इसके बाद सवाल हो रहा है कि आखिर यूएन और अमेरिका, कश्मीर के बारे में क्या सोचता है.

America United Nations About Kashmir: कश्मीर को 'धरती का स्वर्ग' कहा जाता है. इसकी खूबसूरती देखने के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं. कश्मीर की खूबसूरती के लिए यहां की घाटियां, झीलें, पहाड़, और मौसम मशहूर हैं. हर तरफ ऊंचे-ऊंचे पहाड़ ठंड का मौसम और बर्फबारी ये सभी चीजें बहुत लुभाती हैं. लुभाएं भी क्यों न, ये सारी चीजें हैं ही इतनी खूबसूरत. इस खूबसूरती पर दाग लगाया कश्मीर विवाद ने जो कि सालों से चला आ रहा है. इस विवाद को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच कई युद्ध भी छिड़ चुके हैं. मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र होने की वजह से पाकिस्तान इस पर अपना कब्जा करना चाहता है. इस विवाद को लेकर यूएन और अमेरिका के अपने-अपने विचार हैं. हाल ही में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने कश्मीर को लेकर टिप्पणी की है. जिस पर भारत ने उनको जवाब दिया है.
कश्मीर को लेकर शुरू हुई बहस
कश्मीर को लेकर एक बार फिर से बहस चालू हो गई है. लेकिन बहस के बीच ये तो जान लीजिए कि अमेरिका और यूनाइडेट नेशन कश्मीर को लेकर आखिर क्या सोचते हैं. दरअसल हाल ही में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने जिनेवा में मानवाधिकार परिषद के 58वें सत्र में वैश्विक घटनाओं को लेकर दी गई जानकारी के संबंध में भारत के मणिपुर और कश्मीर का जिक्र छेड़ा. मणिपुर को लेकर उन्होंने कहा, मैं मणिपुर हिंसा और विस्थापन का हल निकालने के लिए बातचीत, शांति स्थापना और मानवाधिकारों के आधार पर कदम उठाने का आह्वान करता हूं.
कश्मीर को लेकर क्या बोला यूएन
वहीं कश्मीर को लेकर वोल्कर तुर्क ने जो बात कही है, वो तो चौंकाने वाली है. उन्होंने कहा, मैं कश्मीर समेत अन्य स्थानों पर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और स्वतंत्र पत्रकारों के खिलाफ प्रतिबंध को लेकर कानून और उत्पीड़न के लिए चिंतित हूं. इस मुद्दे पर भारत ने यूएन को करारा जवाब दिया और कश्मीर को निशाना बनाकर स्थितियों को चुनकर कमेंट करने पर भी चिंता जाहिर की है. भारत ने इसे बेबुनियाद टिप्पणी करार दिया.
अमेरिका के क्या हैं विचार
अब बारी आती है अमेरिका की कि ये देश कश्मीर को लेकर क्या सोच रखता है. दरअसल कश्मीर को लेकर अमेरिका के विचार ज्यादातर पॉजिटिव रहे हैं. साल 2019 में जब जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा खत्म किया गया था, तब इसको लेकर पाकिस्तान उम्मीद कर रहा था कि उसे मामले में अमेरिका का समर्थन मिलेगा. पर ऐसा नहीं हुआ, उल्टे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने जम्मू और कश्मीर को भारत का केंद्रशासित प्रदेश कह दिया. जिससे माना गया कि उन्होंने मोदी के फैसले का समर्थन किया. अमेरिका कश्मीर को लेकर कई फैसलों में भारत का साथ दे चुका है. जिससे ये माना जाता है कि उसका रुख पॉजिटिव है.
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Source: IOCL






















