Iran War: अमेरिका के कितने लोग तुरंत बंद कराना चाहते हैं ईरान संग युद्ध? आंकड़े देख उड़ेंगे ट्रंप के होश
Iran War: हाल ही में हुए एक पोल के मुताबिक करीब दो तिहाई अमेरिकी चाहते हैं कि ईरान के साथ चल रहा यह युद्ध जल्द खत्म हो जाए. आइए जानते हैं इस युद्ध का कैसे असर पड़ रहा है.

- अधिकांश अमेरिकी चाहते हैं युद्ध तुरंत समाप्त हो जाए।
- 75% अमेरिकी जमीनी सैनिकों को भेजने के खिलाफ हैं।
- ईंधन की बढ़ती कीमतों से नागरिकों में गुस्सा बढ़ रहा है।
- ट्रंप के अपने खेमे में युद्ध जारी रखने पर फूट।
Iran War: जैसे-जैसे अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष बढ़ रहा है अमेरिका के अंदर लोगों की सोच तेजी से बदल रही है. यह बदलाव युद्ध जारी रखने के पक्ष में नहीं है. हाल ही में किए गए सर्वे से ऐसा पता चलता है कि अब ज्यादातर अमेरिकी चाहते हैं कि सैन्य दखल तुरंत खत्म हो जाए. इससे डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है.
क्या है लोगों की मांग
रॉयटर्स के एक पोल के मुताबिक लगभग 66% अमेरिकी यानी आबादी का करीब दो तिहाई हिस्सा चाहता है कि ईरान के साथ युद्ध तुरंत खत्म हो जाए. भले ही इसके शुरुआती मकसद पूरे हुए हों या फिर नहीं. इसके उलट सिर्फ 27% लोग ही इस संघर्ष को तब तक जारी रखने के पक्ष में हैं जब तक कि वे मकसद पूरे ना हो जाएं. यह लोगों के विचारों में एक साफ बदलाव दिखाता है. इससे पता चलता है कि लंबे समय से चल रहे सैन्य दखल से लोगों पर क्या प्रभाव पड़ा है.
जमीनी सैनिकों को भेजने का जोरदार विरोध
सबसे चौंकाने वाली बातों में से एक यह है कि सैनिकों को भेजने का जोरदार विरोधी किया जा रहा है. लगभग 75% अमेरिकी ईरान में अमेरिकी जमीनी सेना भेजने के खिलाफ हैं. यह इस बात का संकेत है कि उन्हें पिछले संघर्षों की तरह ही एक और लंबे और खर्चीले युद्ध की गहरी चिंता है. यह जोरदार विरोध इस बात को दिखाता है कि नागरिक अब सैन्य दखल को और आगे बढ़ाने के बिल्कुल भी इच्छुक नहीं हैं.
आर्थिक दबाव से बढ़ रहा लोगों का गुस्सा
युद्ध के मैदान से परे यह युद्ध अमेरिकियों को सबसे ज्यादा जेब पर चोट पहुंचा रहा है. दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ने से घरेलू ईंधन की कीमतें $4 प्रति गैलन से भी ऊपर पहुंच गई हैं. यह स्तर 3 साल से भी ज्यादा समय बाद देखने को मिला है. कीमतों में इस उछाल से नागरिकों में गुस्सा बढ़ रहा है और कई लोग अपनी आर्थिक तंगी को सीधे तौर पर चल रहे संघर्ष से जोड़कर देख रहे हैं.
ट्रंप की अपनी ही पार्टी में फूट
शायद इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रंप के अपने ही राजनीतिक खेमे में फूट बढ़ती जा रही है. लगभग 40% रिपब्लिकन वोटर अब युद्ध को जल्द से जल्द खत्म करने के पक्ष में हैं. लेकिन अभी भी एक बड़ा हिस्सा युद्ध जारी रखने के पक्ष में है.
सैन्य कार्रवाई के प्रति असहमति
ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमले के प्रति लोगों की असहमति भी काफी ज्यादा है. सर्वे में शामिल लगभग 60% लोगों ने कहा कि वे ऐसी कार्यवाहियों के खिलाफ हैं, जबकि सिर्फ 35% लोग ही उनके पक्ष में हैं. इससे पता चलता है कि लोग ना सिर्फ युद्ध को लंबा खींचने के खिलाफ हैं बल्कि उनमें से कई लोग तो इस युद्ध के पीछे की रणनीति पर भी सवाल उठा रहे हैं.
संभावित नीतिगत बदलाव के संकेत
बढ़ते जनविरोध और घटती लोकप्रियता के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह संकेत दिए हैं कि अमेरिका अगले दो से तीन हफ्तों के अंदर ईरान में अपने सैन्य अभियानों को कम कर सकता है या फिर पूरी तरह खत्म कर सकता है. यह देखना अभी बाकी है कि क्या यह नीति में एक वास्तविक बदलाव का संकेत है या फिर चुनावों से पहले उठाया गया कोई रणनीतिक कदम.
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