Frozen Assets: दुनिया के कितने देशों का पैसा फ्रीज करके बैठा है अमेरिका, क्या इस लिस्ट में भारत का भी नाम?
Frozen Assets: अमेरिका ने ईरान की काफी संपत्ति को फ्रीज किया हुआ है. आइए जानते हैं कि ईरान के अलावा अमेरिका ने कितने देशों की संपत्ति फ्रीज की है.

- ईरान की फ्रीज संपत्ति पर अमेरिका-ईरान में बातचीत जारी है।
- अमेरिका 20 से अधिक देशों पर वित्तीय प्रतिबंध लगाता है।
- रूस, ईरान, अफगानिस्तान, उत्तर कोरिया पर लगे हैं प्रतिबंध।
- भारत पर कोई प्रतिबंध नहीं, पर कुछ भारतीय कंपनियों पर कार्रवाई।
Frozen Assets: इस्लामाबाद में हाल ही में हुई उच्च स्तरीय शांति वार्ता के दौरान ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति एक बड़ा और विवादित मुद्दा बन गई. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने कतर और दूसरे विदेशी बैंकों में जमा ईरानी के लगभग 6 अरब डॉलर के फंड को अनफ्रीज करने पर सहमति जताई है. लेकिन व्हाइट हाउस ने तुरंत इन दावों का खंडन कर दिया. इस घटना के बीच आइए जानते हैं अमेरिका ने विश्व स्तर पर कितने देशों की संपत्ति फ्रीज की है.
प्रतिबंध प्रणाली और वैश्विक पहुंच
अमेरिका वर्तमान में दुनिया भर के 20 से ज्यादा देशों और कई क्षेत्रों पर वित्तीय प्रतिबंध लगाता है. ये प्रतिबंध उसकी वित्तीय नियंत्रण प्रणाली के जरिए से लागू किए जाते हैं. इसमें सरकारी संपत्ति को फ्रिज करना, बैंक खातों पर प्रतिबंध लगाना और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेन-देन को रोकना शामिल है.
किन देशों की संपत्ति फ्रीज की गई?
कई देशों को अमेरिका द्वारा अपनी संपत्ति के पूर्ण या फिर आंशिक रूप से फ्रीज किए जाने का सामना करना पड़ा है. रूस यूक्रेन युद्ध के बाद रूस के केंद्रीय बैंक के लगभग 300 अरब डॉलर के रिजर्व को अमेरिका के साथ पश्चिमी देशों द्वारा फ्रीज कर दिया गया था. यह हाल के इतिहास में सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाइयों में से एक है.
इसी के साथ ईरान सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक बना हुआ है. इसकी अनुमानित 100 अरब डॉलर से 120 अरब डॉलर की संपत्ति वैश्विक स्तर पर फ्रीज है. इसमें से लगभग दो अरब डॉलर सीधे अमेरिका के अंदर जमा हैं. तालिबान के सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान के केंद्रीय बैंक के 7 अरब डॉलर से ज्यादा के फंड भी फ्रीज कर दिए गए थे.
इसी के साथ उत्तरी कोरिया की संपत्ति आतंकवाद और परमाणु गतिविधियों से संबंधित प्रतिबंधों के तहत लंबे समय से फ्रीज है. इसी तरह वेनेजुएला को चल रही राजनीतिक अस्थिरता की वजह से अरबों डॉलर के फंड और सोने के रिजर्व पर प्रतिबंध का सामना करना पड़ा है. इसके अलावा लीबिया, सीरिया क्यूबा और सूडान जैसे देश भी लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंध के दायरे में हैं.
क्या है भारत की स्थिति?
भारत इन देशों की सूची में शामिल नहीं है. इसे एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार माना जाता है और इसकी वित्तीय प्रणाली पर कोई भी बैन नहीं है. हालांकि भारतीय संस्थाओं से जुड़ी कुछ सीमित कार्रवाइयां हुई हैं. 2023 में अमेरिका ने रूसी आयात से जुड़ी कुछ भारतीय हीरा कंपनियों से जुड़े लगभग 26 मिलियन डॉलर को फ्रीज कर दिया था. इसके अलावा 2025 में अमेरिका फर्स्ट नीति के तहत एक समीक्षा के बाद कुछ विदेशी सहायता निधियों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था.
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