बाघ या हाथी, कौन ज्यादा लेता है इंसानों की जान? आंकड़े जान लेंगे तो उड़ जाएंगे होश
जानवरों के हमलों में इंसानों की मौत का ट्रेंड चौंकाने वाला है. 2020 से 2024 के बीच हाथियों के हमलों में 2243 इंसानों की जान गई है. जबकि, 2020 से 2023 तक बाघ के हमलों में देशभर में 300 जानें गई हैं.

जंगल धीरे-धीरे कम हो रहे हैं और जंगल में रहने वाले जानवर इंसानी आबादी वाले इलाकों का रुख कर रहे हैं. पहली बार इंसानों के बीच आ रहे इन जानवरों का व्यवहार भी तेजी से बदल रहा है, जिस कारण इंसानों और जानवरों के बीच संघर्ष बढ़ रहा है. आंकड़ों को देखें तो बीते 4 सालों में बाघों के हमले सात गुना ज्यादा बढ़ गए हैं.
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरमेंट (SOE) रिपोर्ट के मुताबिक, जानवरों के हमलों में इंसानों की मौत का ट्रेंड चौंकाने वाला है. 2020 से 2024 के बीच हाथियों के हमलों में 2243 इंसानों की जान गई है. यह आंकड़े चौंकाने वाले इसलिए हैं क्योंकि हाथी हिंसक नहीं होते.
बाघ के हमलों में भी गई कई जानें
रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 से 2023 तक बाघ के हमलों में देशभर में 300 जानें गई हैं. वहीं, 2022 की तुलना में 2023 में इंसानी मौतें 58 फीसदी घटी है. जबकि, हाथी के हमलो में इंसानों की जान जाने के मामले 10 राज्यों में 36 फीसदी बढ़े हैं. रिपोर्ट कहती है कि देश के 16 राज्य ऐसे हैं, जहां इंसानों और हाथी के बीच संघर्ष होता रहता है.
कई हाथियों की भी हुई मौत
स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरमेंट रिपोर्ट के मुताबिक, दो साल में हाथियों की मौत के मामले भी बढ़े हैं. 2019-20 में देशभर में 99 हाथियों की मौत हुई थी. 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 121 हो गया. इसमें 94 हाथियों की मौत बिजली के करंट लगे से हुई. सबसे ज्यादा 80 मौतें केरल राज्य में हुईं.
हाथी के हमलों में इन राज्यों में हुईं सबसे ज्यादा मौत
| राज्य | 2020-21 | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 |
| ओडिशा | 93 | 112 | 148 | 154 |
| बंगाल | 74 | 133 | 96 | 87 |
| झारखंड | 47 | 77 | 97 | 99 |
| तमिलनाडु | 57 | 37 | 43 | 61 |
| केरल | 20 | 25 | 22 | 23 |
बाघ के हमले में इन राज्यों में हुई मौतें
| राज्य | 2020 | 2021 | 2022 | 2023 |
| महाराष्ट्र | 25 | 32 | 62 | 35 |
| यूपी | 4 | 11 | 11 | 25 |
| मप्र | 11 | 2 | 3 | 10 |
| बंगाल | 5 | 5 | 1 | -- |
| बिहार | 1 | 4 | 9 | -- |
2023-24 में हाथी के हमलों में हुई कुल मौतों में आधे से ज्यादा ओडिशा, बंगाल और झारखंड में इंसानी मौतें हुई हैं. जबकि, बीते 4 साल में 752 बाघों की मौत हुई है. बाघों के मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें सिर्फ 53 बाघों का शिकार किया गया, जबकि 431 बाघों की मौत का कारण पता ही नहीं है.
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Source: IOCL






















