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बुखार मापने के लिए तो थर्मामीटर, जानिए माइनस टेम्प्रेचर मापने के लिए क्या ?

घर में किसी को बुखार होने पर सबसे पहले हम उस व्यक्ति के शरीर का टेम्प्रेचर जानना चाहते हैं. जिसके लिए हम थर्मामीटर की मदद लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि माइनस टेम्प्रेचर कैसे मापा जाता है.  

 

घर में अधिकांश सभी लोग बुखार को मापने के लिए थर्मामीटर का उपयोग करते हैं.क्योंकि हमारी प्राथमिकता होती है कि डॉक्टर के पास जाने से पहले शरीर का तापमान कितना है, इसकी जानकारी हो. लेकिन क्या आप जानते हैं कि उच्चतम और माइनस टेम्प्रेचर कैसे नापा जाता है. आइए आज हम आपको बताते हैं कि उच्चतम और माइनस टेम्प्रेचर कैसे मापा जाता है.  
 
तापमान मापने के लिए कई यंत्रों का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन थर्मिस्टर  के जरिए सटीक तरीके से माइनस और उच्चतम तापमान को मापा जाता है. बता दें कि थर्मिस्टर तापमान को -100°C से 300°C के बीच माप सकते हैं.

फीवर का तापमान

शरीर का तापमान निरंतर अवधि के लिए 100.4 ° F (38 ° C) से ऊपर होने पर बुखार होता है. हालांकि थर्मामीटर से बुखार की पहचान करना आसान होता है. बुखार होने पर शरीर का तापमान बढ़ता है, जिससे शरीर गर्म होता है. बता दें कि शरीर का तापमान चेक करने के लिए थर्मामीटर को मुंह में जीभ के नीचे रखकर, बगल में रखकर या रेक्टल में रखकर मापा जाता है. शरीर की गर्माहट से ये यंत्र शरीर का तापमान बताता है. 

थर्मामीटर के प्रकार

 ईयर थर्मामीटर से ईयरड्रम के जरिए तापमान को मापते हैं. हालांकि ये डॉक्टर अधिक इस्तेमाल करते हैं, घर में इस्तेमाल करने के लिए भी यह मिलते हैं. यह थर्मामीटर कुछ सेकंड के अंदर अच्छे रिजल्ट दे सकते हैं. छोटे बच्चों में फीवर नापने के लिए यह अच्छा होता है, क्योंकि बच्चे लंबे वक्त तक एक जगह नहीं बैठते. इस थर्मामीटर के सेंसर को कान के पास ईयरड्रम की तरफ रखें और फिर इसे ऑन करें रीडिंग पूरी होने के संकेत के बाद इसे कान से हटा लें. हालांकि इस तरह के थर्मामीटर की रीडिंग अन्य थर्मामीटर की तुलना में उतनी सटीक नहीं आती है.

फोरहेड थर्मामीटर घरेलू इस्तेमाल के लिए अधिक प्रचलन में हैं. इनसे तापमान सटीक तरीके से मापा जाता है. यह भी बच्चों के शरीर का तापमान नापने के लिए अच्छा माना जाता है. यह दो टाइप का होता है. पहले टाइप के फोरहेड थर्मामीटर में टेम्परल आर्टरी पर रखकर इंफ्रारेड लाइट के जरिए तापमान मापा जाता है. दूसरे टाइप में प्लास्टिक की एक पट्टी होती है, इसे पर फोरहेड पर रख बुखार का पता लगा सकते हैं. यह केवल यह बताते हैं कि किसी का तापमान अधिक है या कम है.

रेक्टल थर्मामीटर का इस्तेमाल रेक्टम में किया जाता है. हालांकि यह तापमान मापने का सबसे आसान या और आरामदायक तरीका नहीं है, लेकिन यह बेहद सटीक रीडिंग देता है. इस तरीके से सटीक तापमान लेने के लिए थर्मामीटर की टिप पर पेट्रोलियम जेली लगाएं और इसे लगभग आधा इंच तक रेक्टम में डालें.

 

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