Special Protection Group: हमले की कोशिश और दुश्मन को वहीं भून देगी SPG, जानिए कितनी खतरनाक है पीएम की सुरक्षा फोर्स
Special Protection Group: प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात SPG कमांडो दुनिया के सबसे प्रशिक्षित सुरक्षा जवानों में गिने जाते हैं. जानिए उनकी ट्रेनिंग, हथियार और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी खास बातें.

Special Protection Group: दुनियाभर में बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए देश की सुरक्षा के साथ-साथ देश के नेताओं पर हमले का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में बहुत से लोगों के मन में भारत के प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर दिलचस्पी बढ़ जाती है. देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी SPG के पास है.
एसपीजी का गठन 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुआ था. यह देश की सबसे खास और सबसे प्रशिक्षित सुरक्षा फोर्स मानी जाती है. बता दें कि प्रधानमंत्री जहां भी जाते हैं, वहां उनकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी SPG के हाथों में होती है. इस फोर्स के जवान हर पल चौकन्ने रहते हैं और किसी भी खतरे को कुछ ही सेकंड में खत्म करने की क्षमता रखते हैं.
कैसे होती है SPG की तैयारी?
SPG में शामिल होना आसान काम नहीं है. इसके लिए देश की अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों और अर्धसैनिक बलों से बेहतरीन जवानों का चयन किया जाता है. चयन के बाद उन्हें कई स्तर की कठिन ट्रेनिंग दी जाती है. जवानों को नजदीकी हमले, भीड़ में सुरक्षा, आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल और आपातकालीन हालात से निपटने की विशेष तैयारी कराई जाती है. उनकी नजर हर समय आसपास की गतिविधियों पर रहती है. अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति प्रधानमंत्री के करीब आने की कोशिश करता है, तो SPG के जवान तुरंत सक्रिय हो जाते हैं. उनका लक्ष्य केवल एक ही होता है, प्रधानमंत्री की सुरक्षा किसी भी कीमत पर सुनिश्चित करना.
यह भी पढ़ेंः Delhi Garbage Mountains: अगर दिल्ली से कूड़े के पहाड़ गायब हुए तो क्या होगा? अंजाम जानकर उछल पड़ेंगे आप
हर कदम पर रहती है सुरक्षा की मजबूत दीवार
देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा इतनी मजबूत क्यों होती है, इसका अंदाजा आप SPG की तैयारियों से लगा सकते हैं. प्रधानमंत्री कहीं भी जाएं, उनके पहुंचने से पहले ही SPG की टीम वहां का चप्पा-चप्पा छान मारती है, चाहे वह कार्यक्रम स्थल हो, आसपास की इमारतें हों या आने-जाने के रास्ते. प्रधानमंत्री का काफिला भी अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीक से लैस होता है. उनके साथ साए की तरह चलने वाले काले चश्मे पहने कमांडो केवल सुरक्षाकर्मी नहीं, बल्कि बेहद प्रशिक्षित सुरक्षा विशेषज्ञ होते हैं. आधुनिक हथियारों से लैस ये कमांडो किसी भी खतरे को पलक झपकते ही भांपने और उसे खत्म करने में माहिर होते हैं.
खतरा दिखते ही बदल जाता है पूरा माहौल
SPG की सबसे बड़ी ताकत है उनकी बिजली जैसी तेज प्रतिक्रिया यानी क्विक रिस्पॉन्स. खतरा महसूस होते ही वे तुरंत प्रधानमंत्री के चारों तरफ घेरा बना लेते हैं. किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए उनके पास पहले से तैयार प्लान होता है, जिसे एक तरह से बैकअप प्लान कहा जा सकता है, ताकि प्रधानमंत्री को तुरंत सुरक्षित जगह पहुंचाया जा सके. उनके पास हर स्थिति के लिए पहले से तैयार योजना होती है. अपनी इसी सूझबूझ और फुर्ती की वजह से SPG को दुनिया की सबसे बेहतरीन वीआईपी सुरक्षा टीमों में गिना जाता है. आम लोगों को भले ही यह सुरक्षा व्यवस्था सामान्य दिखाई दे, लेकिन इसके पीछे सैकड़ों प्रशिक्षित लोगों की मेहनत और बेहद सख्त सुरक्षा व्यवस्था काम करती है. यही कारण है कि SPG को प्रधानमंत्री की सुरक्षा की सबसे मजबूत ढाल माना जाता है, जो हर खतरे के सामने चट्टान की तरह खड़ी रहती है.
एसपीजी के जवान आधुनिक हथियारों से रहते हैं लैस
इनके पास FNF-2000 असॉल्ट राइफल, ऑटोमैटिक गन और 17M नामक खतरनाक पिस्टल होती है. साथ ही हर किसी की गतिविधि पर नजर रखने के लिए एसपीजी के जवान एक विशेष चश्मा भी पहनते हैं. इस चश्मे को इस तरह से बनाया जाता है कि हमले के वक्त वे आसानी से हर दिशा में नजर रख सकें. इसके अलावा एसपीजी के जवानों के शरीर पर बेहद हल्का और मजबूत बुलेटप्रूफ जैकेट होता है. अचानक गोलीबारी की स्थिति में प्रधानमंत्री की रक्षा के लिए ये जवान दुश्मन के सामने खड़े हो जाते हैं और पलभर में जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता रखते हैं.
यह भी पढ़ेंः Cockroach Janta Party Protest: क्या कोई भी कर सकता है जंतर मंतर पर आंदोलन? जानें, कैसे मिलती है इसके लिए इजाजत
























